हरी झंडी के 3 दिन बाद ही बीच रास्ते बंद हुई नई इलेक्ट्रिक बस, ऑटो लॉक हुए गेट
Jageshwar prasad | Jun 23, 2026, 17:20 IST
जयपुर में नई इलेक्ट्रिक बस बीच रास्ते खराब, मची अफरा-तफरी
राजस्थान के जयपुर में हाल ही में शुरू की गई एक नई इलेक्ट्रिक बस टोंक रोड पर अचानक बंद हो गई। गेट ऑटो-लॉक हो गए और करीब 30 यात्री अंदर ही फंस गए। काफी मशक्कत के बाद यात्रियों को बाहर निकाला गया।
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर में नई इलेक्ट्रिक बस बीच रास्ते खराब, मची अफरा-तफरी।
- पैनिक बटन दबते ही ऑटो लॉक हुए गेट, बस में फंसे 30 यात्री।
- तेज सायरन बजने से घबराए लोग, ड्राइवर के गेट से सुरक्षित निकाला।
- सीएम भजनलाल ने 20 जून को ही दिखाई थी इन बसों को हरी झंडी।
- ड्राइवर बोला- ऐसी स्थिति से निपटने की नहीं दी ट्रेनिंग।
आज सुबह जयपुर के व्यस्ततम टोंक रोड पर एक नई इलेक्ट्रिक बस बीच रास्ते में अचानक बंद हो गई। बस रुकते ही उसके सभी दरवाजे ऑटोमैटिक लॉक हो गए, जिसके कारण बस में सवार करीब 25 से 30 यात्री अंदर ही कैद हो गए।
घटना सुबह करीब 10:30 बजे कुंभा मार्ग के पास की है। बस के अचानक रुकने के साथ ही उसके भीतर बेहद तेज आवाज में इमरजेंसी सायरन बजने लगा। बंद एसी बस के अंदर अचानक सायरन बजने और दरवाजे लॉक होने से यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और उनका दम घुटने लगा।
शुरुआत में बस के ड्राइवर को भी समझ नहीं आया कि आखिर इस तकनीकी खराबी से कैसे निपटा जाए। बाद में काफी मशक्कत के बाद ड्राइवर की तरफ वाले गेट को खोलकर यात्रियों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया।
पैनिक बटन दबने से एक्टिव हुआ इमरजेंसी सिस्टम
दरअसल, इन नई इलेक्ट्रिक बसों में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए पैनिक बटन दिए गए हैं। सफर के दौरान संभवतः किसी यात्री का हाथ इस बटन पर लग गया, जिससे बस का सुरक्षा सिस्टम एक्टिव हो गया।
सिस्टम एक्टिव होते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बस के गेट अपने आप लॉक हो गए और हूटर बजने लगा। मौके पर पहुंचे मैकेनिक ने काफी देर की मशक्कत के बाद पूरे सिस्टम को दोबारा री-सेट किया, तब जाकर बस सामान्य हो सकी।
ऐसी स्थिति की ट्रेनिंग ही नहीं मिली
बस के चालक हेमंत ने बताया कि किसी यात्री द्वारा पैनिक बटन दबाए जाने के बाद जब सायरन बजा और गेट लॉक हुए, तो यात्रियों की घबराहट देखकर उन्होंने अपने केबिन में मौजूद इमरजेंसी बटन का इस्तेमाल किया, जिससे यात्रियों को निकाला जा सका।
ड्राइवर हेमंत ने कहा कि हमें बस चलाने की ट्रेनिंग तो पूरी दी गई थी, लेकिन अगर बीच रास्ते में पैनिक बटन दब जाए और ऐसी आपातकालीन स्थिति बन जाए, तो सिस्टम को कैसे री-सेट करना है या उससे कैसे निपटना है, इस प्रक्रिया के बारे में हमें विस्तार से कुछ नहीं बताया गया था।
मुख्यमंत्री ने 20 जून को ही किया था शुभारंभ
इसी योजना के पहले चरण के तहत मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार, 20 जून को ही जयपुर में 29 और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भीलवाड़ा में 18 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने खुद अमर जवान ज्योति से स्टेट हैंगर तक इस बस में सफर किया था और इसके आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जैसे सीसीटीवी कैमरे और पैनिक बटन का निरीक्षण भी किया था।
लेकिन उद्घाटन के महज तीन दिन बाद ही सामने आई इस तकनीकी गड़बड़ी और स्टाफ की अधूरी ट्रेनिंग ने यात्रियों के सफर पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
FAQ
- राजस्थान में नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत कब और किसने की थी?
इन आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने शनिवार, 20 जून 2026 को जयपुर में हरी झंडी दिखाकर की थी। - राजस्थान को पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत कुल कितनी बसें मिलने वाली हैं?
इस योजना के तहत राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों (जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर) के लिए कुल 1150 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं।
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