राजस्थान में सरकारी कर्मचारियों पर कुठाराघात, भजनलाल शर्मा सरकार ने खत्म की ओपीएस

Nitin Kumar Bhal | Oct 10, 2025, 10:12 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान सरकार ने कर्मचारी विरोधी निर्णय लेते हुए ओपीएस को समाप्त कर एनपीएस को लागू करने का निर्णय लिया है, जिससे कर्मचारी संगठनों में विरोध है।

Jaipur . राजस्थान के लाखों कर्मचारियों को राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने दिवाली के ठीक पहले तगड़ा झटका दिया है। राजस्थान सरकार ने ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) को समाप्त करने का निर्णय लिया। इस कदम से सरकारी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों में गहरी चिंता और असंतोष का माहौल बन गया। यह निर्णय उन बोर्डों, निगमों, राजकीय उपक्रमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं पर लागू होता है, जहां ओपीएस लागू था।



यह खबर भी देखें...



34 साल पहले फर्जी दस्तावेज से पाई नौकरी, अधिकारियों की मिलीभगत से बाल भी बांका नहीं





old-pension-scheme-ops-rajasthan-decision-cancellation

यह खबर भी देखें...



राज्यपाल से सजा माफी मिली तो क्या कंवरलाल मीणा को वापस मिल जाएगा विधायक पद



ओपीएस के बजाय देंगे एनपीएस

राजस्थान सरकार ने इन संस्थाओं में ओपीएस की जगह नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस), सीपीएफ और ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) जैसी पेंशन योजनाओं को लागू करने का फैसला लिया है। वित्त विभाग ने इस फैसले के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि कुछ संस्थाएं वित्तीय दृष्टि से कमजोर हैं और उनका पेंशन दायित्व निभाने की क्षमता नहीं है।



यह खबर भी देखें...



हरियाणा के ADGP सुसाइड मामले का राजस्थान कनेक्शन!, IAS पत्नी ने लगाए DGP और SP पर आरोप



राजस्थान में अब नहीं जीपीएफ लिंक्ड पेंशन स्कीम

राज्य सरकार ने कहा है कि जिन संस्थाओं के पास पर्याप्त पेंशन फंड नहीं हैं, वे ओपीएस लागू नहीं कर पाएंगी। इन संस्थाओं को "जीपीएफ लिंक्ड पेंशन स्कीम" (ओपीएस) की जगह एनपीएस, सीपीएफ या ईपीएफ व्यवस्था अपनाने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा, वित्त विभाग ने यह भी आदेश दिया है कि अगर किसी संस्था की वित्तीय स्थिति कमजोर है, तो वहां कर्मचारियों या पेंशनरों से जो योगदान लिया गया है, वह पूरी राशि ब्याज सहित लौटाई जाएगी।



यह खबर भी देखें...



राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी चरम पर! जिलाध्यक्षों की रायशुमारी में फैल रही रार



गहलोत सरकार ने लागू की थी जीपीएफ लिंक्ड पेंशन स्कीम

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के तहत 20 अप्रैल 2023 को "जीपीएफ लिंक्ड पेंशन स्कीम" लागू करने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन बाद में इस आदेश को वित्त विभाग ने रद्द कर दिया और नया दिशानिर्देश जारी किया। इसके तहत उन संस्थाओं को ओपीएस से मुक्ति दी गई, जो इसे लागू करने में सक्षम नहीं थीं।



यह खबर भी देखें...



राजस्थान में एमबीएम यूनिवर्सिटी का बड़ा कारनामा, छात्रों के 100 में से आ गए 133 नम्बर



संस्थाओं को दी गई स्वायत्तता

फाइनेंस डिपार्टमेंट ने यह स्पष्ट किया कि यदि किसी संस्थान का वित्तीय संकट गहरा हो और उसके पास पर्याप्त पेंशन फंड नहीं हो, तो वह ओपीएस लागू करने का निर्णय नहीं ले सकती है। हालांकि, इन संस्थाओं को कर्मचारियों के योगदान का पूरा पैसा, ब्याज सहित लौटाने का निर्देश दिया गया है।



यह खबर भी देखें...



भाजपा सरकार पर बरसे अशोक गहलोत, जानें जल जीवन मिशन को लेकर लगाए क्या आरोप



कर्मचारी संगठनों ने की आलोचना



old-pension-scheme-ops-rajasthan-decision-cancellation


केंद्र सरकार भी नहीं देना चा​हती ओपीएस

केंद्र सरकार ने पहले ही इस मुद्दे पर अपनी चिंताओं का इजहार किया था। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओपीएस को लेकर सवाल उठाए थे। केंद्र सरकार ने ओपीएस की समस्याओं को हल करने के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) की शुरुआत की थी, जो कर्मचारियों को ओपीएस जैसे कुछ लाभ देने का प्रयास कर रही है।



यह खबर भी देखें...



राजस्थान में धर्मांतरण अब अपराध, राज्यपाल ने दी विधेयक को मंजूरी, जानें क्या है कानून



भारत में पेंशन व्यवस्था क्या है?

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS - Old Pension Scheme)

  • कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के बाद जीवनभर पेंशन मिलती है।
  • पेंशन कर्मचारी के अंतिम वेतन और सेवा के वर्षों के आधार पर तय की जाती है।
  • इसमें कर्मचारी को अपनी पेंशन निधि में कोई योगदान नहीं करना होता।
  • यह सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू है और पेंशन सरकार द्वारा दी जाती है।

नेशनल पेंशन स्कीम (NPS - National Pension System)

  • यह एक स्वैच्छिक पेंशन योजना है, जिसमें कर्मचारी सेवा के दौरान पेंशन निधि में नियमित योगदान करते हैं।
  • य​ह पेंशन योजना 01 जनवरी 2004 से लागू की गई थी।
  • इसमें विभिन्न निवेश विकल्प होते हैं, जैसे कि इक्विटी, डेट और कॉर्पोरेट बॉन्ड।
  • रिटायरमेंट के बाद पेंशन राशि कर्मचारी द्वारा किए योगदान और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर आधारित है।
  • यह योजना सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है।

यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS - Unified Pension Scheme):

  • यह योजना सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के लिए एक समान पेंशन प्रणाली का उद्देश्य रखती है।
  • यह पेंशन योजना 01 अप्रेल 2025 से लागू की गई है।
  • इसका उद्देश्य OPS और NPS के लाभों को एक साथ लाना है, ताकि कर्मचारियों को समान पेंशन लाभ मिले।
  • इसमें पेंशन निधि में योगदान और लाभों की संरचना को समान रूप से एकीकृत किया जाता है।

सरकार का मानना फैसले से आएगी वित्तीय स्थिरता

राजस्थान सरकार ने राजस्थान में ओपीएस खत्म करने कायह कदम इसलिए उठाया क्योंकि कुछ संस्थाएं जैसे कि राज्य विश्वविद्यालय, निगम और बोर्ड, आर्थिक रूप से मजबूत नहीं हैं। ऐसे संस्थाओं के लिए पेंशन योजना लागू करना असंभव हो सकता था। सरकार का तर्क है कि इस नए पेंशन सिस्टम के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों के भविष्य को सुनिश्चित किया जाएगा और उन्हें पेंशन योजना से जुड़ी कोई भी समस्या नहीं आएगी।



FAQ

  1. 1. क्या राजस्थान में ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है?
    राजस्थान सरकार ने बोर्ड, निगम, राजकीय उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थाओं व विश्वविद्यालयों में कार्यरत व सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में लागू पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) से कदम पीछे खींचने का निर्णय किया। राज्य सरकार ने इन संस्थाओं में ओपीएस की जगह फिर नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस), सीपीएफ व ईपीएफ व्यवस्था लागू करने का रास्ता खोल दिया। वित्त विभाग ने आदेश में कहा है कि जो बोर्ड, निगम, विश्वविद्यालय, राजकीय उपक्रम सहित स्वायत्तशासी संस्थाएं कमजोर वित्तीय स्थिति के कारण पेंशन दायित्व निभाने में सक्षम नहीं हैं, वे "जीपीएफ लिंक्ड पेंशन स्कीम" (ओपीएस) लागू नहीं करने का निर्णय लेकर पीडी खाते में जमा राशि कर्मचारियों को ब्याज सहित लौटा दें।
  2. 2. क्या राजस्थान में कर्मचारी ओपीएस से जुड़े अपने फंड को वापस पा सकते हैं?
    जी हां, यदि किसी संस्था ने ओपीएस को लागू नहीं किया है, तो कर्मचारियों या पेंशनरों को उनके योगदान सहित ब्याज की राशि लौटाई जाएगी।
  3. 3. केंद्र सरकार ने ओपीएस के बारे में क्या कहा है?
    केंद्र सरकार ने ओपीएस की समस्याओं को दूर करने के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) को लागू किया है, जो कर्मचारियों को ओपीएस जैसे लाभ देने की कोशिश करती है।
  4. 4. राजस्थान सरकार ने ओपीएस को समाप्त करने का निर्णय क्यों लिया?
    राजस्थान सरकार ने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि कुछ संस्थाएं वित्तीय दृष्टि से कमजोर हैं और उनका पेंशन दायित्व निभाने में सक्षम नहीं हैं।
  5. 5. क्या एनपीएस ओपीएस से बेहतर है?
    एनपीएस (नेशनल पेंशन सिस्टम) एक अधिक लचीला और वित्तीय रूप से सशक्त पेंशन विकल्प है, लेकिन ओपीएस के तहत सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन दी जाती है, जो एनपीएस में नहीं मिलती।


Tags:
  • राजस्थान सरकार
  • भजनलाल शर्मा
  • एनपीएस
  • ops
  • अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत)
  • राजस्थान में ओपीएस खत्म