बाड़मेर की रेतीली सरहद बनी अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का नया गलियारा, पाकिस्तान और कनाडा के तस्कर सक्रिय

Gyan Chand Patni | Sept 07, 2025, 14:37 IST
Share
desert raj
desert raj

राजस्थान के बाड़मेर जिले की सीमा पर पाकिस्तान और कनाडा के ड्रग तस्करों के बीच गठजोड़ के खुलासे से ड्रग्स की तस्करी का नया नेटवर्क सामने आया है।

भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित राजस्थान के बाड़मेर जिले की रेतीली सरहद अब अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का नया गलियारा बन चुकी है। पंजाब, पाकिस्तान और कनाडा के बीच सक्रिय तस्करों का एक तिकड़ी बाड़मेर को अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन का अड्डा बना चुकी है।

साल 2025 में कुछ बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। जनवरी में बड़ी मात्रा में हथियारों पकड़े गए। जून माह में 60 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई। जांच पता चला कि इन मामलों में पंजाब और कनाडा में बैठे तस्कर सीधे तौर पर शामिल थे।

पाकिस्तान बना अफगान हेरोइन का ट्रांजिट हब

जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, हेरोइन अफगानिस्तान में तैयार होती है और पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी की मदद से सीमा तक पहुंचाई जाती है। पाकिस्तान के तस्कर हेरोइन को बीकानेर-जैसलमेर-बाड़मेर सेक्टर तक पहुंचाते हैं। बाद में इसे अन्यत्र भेजा जाता है।

30 साल में 249 किलो हेरोइन की बरामदगी

भारतीय सीमा पर कंटीली तारबंदी, सीसीटीवी कैमरे और चौकसी के बावजूद पाकिस्तानी तस्कर लगातार ड्रग्स की खेप को भारत में भेजने में सफल हो रहे हैं। 1995 से अब तक 249 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी जा चुकी है। इन तस्करों ने सीमा सुरक्षा के तमाम इंतजामों को दरकिनार करते हुए ड्रग्स को बाड़मेर तक पहुंचाया।

ये खबरें भी पढ़ें

राजस्थान में आयकर विभाग की कार्रवाई: 6 करोड़ नकद और 20 करोड़ रुपए की ज्वैलरी जब्त

Rajasthan weather update राजस्थान के 8 जिलों में भारी बरसात की चेतावनी: नदी-बांध ओवरफ्लो

बढ़ रही है तस्करी

सीमा सुरक्षा के तमाम प्रयासों के बावजूद तस्करी बढ़ रही है। हाल ही में भभूते की ढाणी के पास रेत में चार पिस्टल, आठ मैगजीन और 78 कारतूस मिले थे। इसके अलावा, 19 जून को पंजाब पुलिस ने बाड़मेर सीमा के पास 60 किलो हेरोइन की बरामदगी की। यह हेरोइन पाकिस्तान के तनवीर शाह और कनाडा के जोबन कालेर के नेटवर्क से जुड़ी थी। इस खेप को पंजाब के गुरसाहिब सिंह तक पहुंचना था, जो जेल में रहते हुए भी अंतरराष्ट्रीय तस्करों के संपर्क में था। पाक ड्रोन से हेरोइन तस्करी के मामले भी बढ़ें हैं। बाड़मेर की रेतीली सरहद बनी अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का गलियारा बन चुकी है।

ये खबरें भी पढ़ें

जर्जर स्कूलों में पढ़ाई रोकने के बाद क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई, राजस्थान शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट

राजस्थान रोडवेज को मिली 162 नई बसें, रूट पर चल रही हैं 2,000 खराब बसें

भौगोलिक परिस्थितियों का प्रभाव

बाड़मेर सीमा पर तस्करी में भौगोलिक परिस्थितियां भी एक बड़ी वजह हैं। यहां धोरे और ढाणियां स्थित हैं, जहां तस्करों को छिपने की जगह मिल जाती है। पहले जब यहां तारबंदी नहीं थी, तब तस्करी होती थी। आज भी वही तस्कर नए तस्करों को लालच देकर काम पर लगा रहे हैं।

तस्करों का गठजोड़ बहुत मजबूत पुलिस और एटीएस ने बाड़मेर सीमा पर कई ऑपरेशनों को अंजाम दिया है। रिटायर्ड एएसपी ओमप्रकाश उज्ज्वल ने कहा, "पंजाब और पाकिस्तान के तस्करों का गठजोड़ बहुत मजबूत है। 2021 में हमने बाइक पर हेरोइन की खेप लेकर पहुंचे तस्करों को गिरफ्तार किया था। सीमा पर नफरी बढ़ानी चाहिए ताकि इस तस्करी पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके।

FAQ

  1. 1. बाड़मेर सीमा पर ड्रग्स की तस्करी कैसे हो रही है?
    बाड़मेर सीमा पर ड्रग्स की तस्करी पाकिस्तान और कनाडा के तस्करों द्वारा की जा रही है। हेरोइन अफगानिस्तान में तैयार होती है और पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी (ISI) की मदद से सीमा तक पहुंचाई जाती है।
  2. 2. बाड़मेर में ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
    सीमा पर कंटीली तारबंदी, सीसीटीवी कैमरे और चौकसी जैसे इंतजाम किए गए हैं। इसके बावजूद तस्कर ड्रग्स की खेप भेजने में सफल हो रहे हैं। पुलिस और एटीएस ने कई ऑपरेशनों को अंजाम दिया है और सीमा सुरक्षा को और सख्त करने की आवश्यकता है।
  3. 3. बाड़मेर में हेरोइन की तस्करी के लिए कौन जिम्मेदार हैं?
    बाड़मेर में हेरोइन की तस्करी के लिए पाकिस्तान और कनाडा के तस्कर जिम्मेदार हैं। ये तस्कर ड्रग्स को पंजाब के रास्ते भारत में भेजते हैं, जो बाड़मेर सीमा तक पहुंचती है।


द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें





Tags:
  • पाकिस्तान
  • बाड़मेर
  • पाक ड्रोन से हेरोइन तस्करी
  • कनाडा
  • पंजाब
  • हेरोइन तस्करी
  • बाड़मेर की रेतीली सरहद बनी अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का गलियारा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा