नरेश मीणा ने अंता उपचुनाव में भरा निर्दलीय नामांकन, पूर्व मंत्री भाया पर साधा निशाना
Jaipur . राजस्थान के बारां जिले की अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। मंगलवार यानी 14 अक्टूबर 2025 को समरावता थप्पड़कांड से चर्चा में आए नरेश मीणा (Naresh Meena) ने अपने समर्थकों, परिवार और अन्य राजनीतिक सहयोगियों के साथ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया। नरेश मीणा का नामांकन चुनावी दंगल अंता उपचुनाव को और भी रोमांचक बना सकता है। बता दें, अंता विधानसभा सीट भाजपा विधायक कंवरलाल मीणा के जेल जाने के कारण रिक्त हुई है। कांग्रेस ने यहां से पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, भाजपा की ओर से अभी तक टिकट की घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि भाजपा कंवरलाल मीणा के परिवार से किसी को प्रत्याशी बना सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी कंवरलाल मीणा के परिवार को टिकट देने की पैरवी कर रही हैं।
नरेश मीणा की राजनीतिक पृष्ठभूमि
नरेश मीणा का जन्म 1979 में बारां जिले के अटरू तहसील के नया गांव में हुआ था। उनका परिवार राजनीति में काफी सक्रिय रहा है। उनके पिता कल्याण सिंह अंता विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित नेता रहे हैं, और उनकी मां गांव की सरपंच रही हैं। इसके अलावा, नरेश मीणा की पत्नी, सुनीता मीणा भी जिला परिषद की सदस्य रह चुकी हैं। उनके भाई की पत्नी भी पंचायत समिति सदस्य रही हैं। नरेश मीणा का परिवार राजनीति में लगातार सक्रिय रहा है।
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नरेश मीणा ने दंडवत कर मांगा समर्थन
नरेश मीणा ने मंगलवार को दोपहर 12 बजे अंता एसडीएम ऑफिस पहुंचकर निर्वाचन अधिकारी हवाई सिंह को अपना नामांकन पत्र सौंपा। उनके साथ परिवार के सदस्य, जिसमें उनकी पत्नी, बच्चे, और माता-पिता शामिल थे, उपस्थित थे। नामांकन दाखिल करने के बाद नरेश मीणा ने अंता की जनता को दंडवत प्रणाम किया और कहा, "इस दंडवत को अंता की जनता अपने चरणों में दंडवत माने और मुझे आशीर्वाद दे।" उनका यह भावुक पल इस बात का प्रतीक था कि वे जनता के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हैं।
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कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया पर साधा निशाना
नरेश मीणा ने अपने नामांकन के बाद कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "प्रमोद जैन भाया को अंता की जनता ने दो बार सत्ता में रहने का मौका दिया। दो बार विधायक बनाया है। जब वे सत्ता में रहे तो खुला भ्रष्टाचार का खेल भी उन्होंने खेला। जब वे दो बार चुनाव हारकर विपक्ष की भूमिका में रहे तो एक भी जनता के लिए धरना प्रदर्शन नहीं किया।" नरेश मीणा का यह आरोप दर्शाता है कि वह अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं।
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किसानों और ग्रामीणों के मुद्दे पर नरेश मीणा का दृष्टिकोण
नरेश मीणा ने अपने बयान में अंता की जनता के लिए कई मुद्दों पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि, "मैं तो अभी किसी पद पर नहीं हूं, मगर मैंने 2023 में किसानों के मुद्दे पर कलेक्ट्री का घेराव किया था। उस समय किसी किसान को खाद के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ा था। मगर आज स्थिति पहले जैसी ही है। बजरी का अवैध खनन होता है। ठेकेदार बजरी में बड़ा मुनाफा कमाते हैं। मगर अंता की जनता को बजरी महंगी मिलती है।" इस बयान में उन्होंने बजरी खनन, किसानों को खाद और समर्थन मूल्य के कांटे के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया, और यह वादा किया कि वह इन समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
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समरावता थप्पड़कांड क्या है?नरेश मीणा बारां जिले के रहने वाले हैं और छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू किया। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी में महासचिव रहे हैं। नरेश, कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के करीबी माने जाते हैं। उन्होंने कई बार कांग्रेस से टिकट की मांग की लेकिन असफल रहे। पिछले साल देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव में निर्दलीय चुनाव लड़ते हुए उन्होंने 44,000 वोट हासिल किए थे। नवंबर-2024 में देवली-उनियारा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता (टोंक) गांव के लोगों ने वोटिंग का बहिष्कार किया गया था। निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे। इसी दौरान नरेश मीणा ने अधिकारियों पर जबरन मतदान करवाने का आरोप लगाया था। नरेश मीणा पोलिंग बूथ पर आए और उन्होंने SDM अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। | |
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कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया का नामांकन
इससे पहले, 13 अक्टूबर 2025 को कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने अपना नामांकन दाखिल किया था। हालांकि, बीजेपी प्रत्याशी की घोषणा अभी तक नहीं हुई है। अब नरेश मीणा के चुनाव मैदान में उतरने से यहां त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है।
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FAQ
- 1. नरेश मीणा ने अंता उपचुनाव में अपना नामांकन कब दाखिल किया?
नरेश मीणा ने अंता उपचुनाव में अपना नामांकन 12 बजे अंता एसडीएम ऑफिस में 10 मिनट पर निर्वाचन अधिकारी हवाई सिंह को सौंपा। - 2. नरेश मीणा ने प्रमोद जैन भाया पर क्या आरोप लगाए?
नरेश मीणा ने प्रमोद जैन भाया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि उन्होंने सत्ता में रहते हुए किसी भी तरह से जनता के लिए काम नहीं किया। - 3. नरेश मीणा ने किसानों के मुद्दे पर क्या कदम उठाए?
नरेश मीणा ने 2023 में कलेक्ट्री का घेराव किया था और किसानों को खाद के लिए लाइन में न लगने देने का दावा किया था। - 4. नरेश मीणा के परिवार का राजनीति में क्या योगदान है?
नरेश मीणा के पिता कल्याण सिंह और मां गांव की सरपंच रह चुकी हैं, और उनकी पत्नी, सुनीता मीणा जिला परिषद की सदस्य रह चुकी हैं। - 5. नरेश मीणा के चुनावी वादे क्या हैं?
नरेश मीणा ने कहा कि वह बजरी के ठेकेदारों पर नकेल कसेंगे, किसानों के लिए काम करेंगे और गांव की समस्याओं का समाधान करेंगे।