बर्थ सर्टिफिकेट में नाम दर्ज कराने की आखिरी छूट खत्म, जानिए क्यों?
Jageshwar prasad | Jun 12, 2026, 14:02 IST
बर्थ सर्टिफिकेट में नाम दर्ज कराने की आखिरी छूट खत्म
राजस्थान में 2011 से पहले जन्मे बच्चों के नाम बर्थ सर्टिफिकेट में जोड़ने की 5 साल की छूट अप्रैल 2026 में समाप्त हो गई। इसीलिए अब यह प्रक्रिया रुक गई है। प्रक्रिया समाप्त होने से पहले 6 लाख परिवारों को पोर्टल से अलर्ट भेजे गए थे।
समझें क्या है पूरा मामला
- अब राजस्थान में 2011 से पहले जन्मे बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट में नाम नहीं जुड़ेंगे।
- जन्म के 15 साल बाद बर्थ सर्टिफिकेट में नाम जुड़वाने का प्रावधान नहीं है।
- केंद्र सरकार की 5 साल की छूट भी अप्रैल 2026 में हो गई है खत्म।
- सरकार ने 6 लाख परिवारों को नाम दर्ज कराने के लिए मैसेज भेजे थे।
- अब केवल वही बच्चे नाम दर्ज करा सकेंगे जिनका जन्म 2011 के बाद हुआ है।
भारत सरकार ने 2021 में ऐसे प्रकरणों के लिए 5 साल की विशेष छूट दी थी। यह अवधि अप्रैल 2026 में समाप्त हो गई। जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000 के तहत 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों का नाम अब बर्थ सर्टिफिकेट में नहीं जोड़ा जा सकता।
सरकार ने 6 लाख परिवारों को पहचान पोर्टल के जरिए पहले ही अलर्ट भेजा था। जयपुर नगर निगम समेत प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में ऐसे आवेदन अब अटक रहे हैं।
क्या है नियम और कब से लागू है?
यानी अगर किसी बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट बिना नाम के बना था तो उसके 15 साल की उम्र तक नाम जुड़वाया जा सकता था। 15 साल की उम्र के बाद यह विकल्प बंद हो जाता है।
2021 में मिली थी 5 साल की विशेष छूट
इसके तहत 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों के नाम भी 5 साल की विशेष अवधि में दर्ज करवाए जा सकते थे। यह 5 साल की छूट अप्रैल 2026 में समाप्त हो गई।
अब 2011 से पहले जन्मे बच्चों के लिए दरवाजा बंद
जयपुर नगर निगम (Jaipur Municipal Corporation) समेत राजस्थान की तमाम नगरीय निकायों में इस तरह के आवेदन आ रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार के नियम के अनुसार इन पर कार्रवाई अब संभव नहीं है।
6 लाख परिवारों को पहले ही दिया था अलर्ट
अब जिनका जन्म 2011 के बाद हुआ है और उनकी उम्र अभी 15 साल से कम है। उनके लिए अभी भी नाम जुड़वाने का विकल्प खुला है। लेकिन जो परिवार इस मैसेज को नजरअंदाज करते रहे या 2011 से पहले जन्मे बच्चों के मामलों में देर हो गई, उनके लिए अब रास्ता बंद हो चुका है।
क्यों जरूरी है बर्थ सर्टिफिकेट में नाम?
अभी भी मौका है 2011 के बाद जन्मे बच्चों के लिए
FAQ
- 2011 से पहले जन्मे बच्चों का नाम अब बर्थ सर्टिफिकेट में क्यों नहीं जुड़ेगा?
जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियम, 2000 के तहत 15 साल से अधिक उम्र के बच्चों का नाम बर्थ सर्टिफिकेट में नहीं जोड़ा जा सकता। भारत सरकार ने 2021 में 5 साल की विशेष छूट दी थी, जो अप्रैल 2026 में खत्म हो गई। इसलिए 2011 से पहले जन्मे बच्चों के लिए अब यह रास्ता बंद है। - क्या 2011 के बाद जन्मे बच्चों का नाम अभी जुड़वाया जा सकता है?
हां। जिन बच्चों की उम्र अभी 15 साल से कम है यानी जिनका जन्म 2011 के बाद हुआ है, उनके लिए नाम जुड़वाने का विकल्प अभी खुला है। ऐसे परिवार जल्द से जल्द नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत कार्यालय से संपर्क करें। - बर्थ सर्टिफिकेट में नाम न होने से क्या नुकसान हो सकता है?
पासपोर्ट, आधार, स्कूल-कॉलेज प्रवेश, सरकारी नौकरी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में जन्म प्रमाण पत्र जरूरी होता है। बिना नाम वाले या अपूर्ण बर्थ सर्टिफिकेट से इन सभी कामों में रुकावट आ सकती है और कानूनी पहचान साबित करना मुश्किल हो सकता है।
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