/sootr/media/media_files/2025/12/23/santa-2025-12-23-19-11-26.jpeg)
Photograph: (the sootr)
Sriganganagar. राजस्थान के श्रीगंगानगर के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने हाल ही में एक अहम आदेश जारी किया, जिसमें क्रिसमस के दौरान बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने पर पाबंदी लगाई गई है। आदेश के अनुसार, बच्चों पर सेंटा क्लॉज बनने का दबाव बनाना उचित नहीं माना जाएगा। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी स्कूल में इस प्रकार की गतिविधि होती है, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान पहुंची एमपी की बाघिन, 25 दिन के बाद लगी हाथ, अधिकारी बोले एमपी के बाघ ताकतवर
भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत
यह आदेश भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि पिछले कुछ सालों से श्रीगंगानगर के स्कूलों में क्रिसमस के दौरान बच्चों को जबरन सेंटा क्लॉज बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था। मंच का तर्क था कि श्रीगंगानगर सनातन हिंदू और सिख बाहुल्य क्षेत्र है, जहां ईसाई समुदाय की संख्या बहुत कम है। ऐसे में यहां के निजी स्कूलों में क्रिसमस मनाना और बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने के लिए मजबूर करना अनुचित है।
शिक्षा विभाग की चेतावनी
श्रीगंगानगर के शिक्षा अधिकारी ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए सभी निजी स्कूलों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्कूल में बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने के लिए दबाव डाला, तो संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए है कि बच्चों पर किसी धार्मिक या सांस्कृतिक गतिविधि को लेकर कोई दबाव नहीं डाला जाए।
शौर्य दिवस मनाने का निर्देश
यह आदेश उस समय आया है, जब राजस्थान सरकार को पहले ही एक विवाद का सामना करना पड़ा था। शिक्षा विभाग ने 6 दिसंबर को स्कूलों में शौर्य दिवस मनाने का निर्देश दिया था, जिसमें राम मंदिर आंदोलन और भारतीय संस्कृति पर कार्यक्रम आयोजित करने थे।
विवादों में घिर गया आदेश
यह आदेश विवादों में घिर गया था, क्योंकि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था। इस दिन को हिंदू संगठन शौर्य दिवस और मुस्लिम संगठन काला दिवस के रूप में मनाते हैं, जिससे यह मामला सांप्रदायिक दृष्टिकोण से संवेदनशील बन गया था। इसके बाद सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया था।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2025/12/23/order-2025-12-23-19-17-21.jpeg)
वीर बाल दिवस का महत्व
भारत सरकार ने 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया है, जो साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस भारतीय इतिहास और संस्कृति का अहम हिस्सा है और यह शौर्य और बलिदान की भावना को याद दिलाने का एक प्रयास है।
राजस्थान के 10वीं-12वीं बोर्ड एग्जाम का टाइम टेबल जारी, एग्जाम में हुए ये दो बड़े बदलाव
खास बातें
सेंटा क्लॉज पर पाबंदी : श्रीगंगानगर में बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने पर रोक, आदेश के तहत कार्रवाई की चेतावनी।
भारत-तिब्बत सहयोग मंच की शिकायत : शिकायत के अनुसार, श्रीगंगानगर में क्रिसमस के दिन बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
शौर्य दिवस पर विवाद : 6 दिसंबर को शौर्य दिवस के निर्देश के बाद विवाद और आलोचना, सरकार ने आदेश वापस लिया।
वीर बाल दिवस : 25 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित किया गया, साहिबजादों के बलिदान की याद में।
क्रिसमस पर बच्चों को नहीं बनाएं सेंटा क्लॉज
- श्रीगंगानगर में बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने पर पाबंदी इसलिए लगाई गई, क्योंकि यह क्षेत्र हिंदू और सिख बाहुल्य है। इस पर बच्चों को दबाव डालना अनुचित माना गया।
- यदि किसी स्कूल में बच्चों को सेंटा क्लॉज बनाने का दबाव डाला जाता है, तो उस स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जैसा कि शिक्षा विभाग ने चेतावनी दी है।
- शौर्य दिवस 6 दिसंबर को मनाते हैं, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़ा है। वीर बाल दिवस 25 दिसंबर को मनाया जाता है। यह साहिबजादों के बलिदान की स्मृति में होता है।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us