झालावाड़ स्कूल हादसा: राजस्थान में 8,000 ऐसे स्कूल, जहां हो सकती है पिपलोदी जैसी घटना

Nitin Kumar Bhal | Jul 25, 2025, 17:19 IST
Share
jhalawar school collapsev
Photograph: (The Sootr)

25 जुलाई 2025 को राजस्थान में झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की छत गिरने से आठ बच्चों की मौत हो गई, जिससे शिक्षा विभाग पर सवाल उठे।

राजस्थान में झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में 25 जुलाई 2025 को सरकारी स्कूल की छत के भरभरा कर गिरने से आठ बच्चों की जान चली गई और लगभग 25 बच्चे घायल हो गए। सभी को झकझोर देने वाले इस हादसे ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली और सरकारी स्कूलों के दशा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद राजस्थान के शिक्षामंत्री मदन दिलावर का गैर जिम्मेदाना बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह पाप कांग्रेस का है, जिसे हमारी सरकार ढो रही है। यह बयान शिक्षा व्यवस्था के प्रति शिक्षा मंत्री की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। एक मंत्री के रूप में ऐसी प्रतिक्रिया न केवल शिक्षा विभाग की विफलता को छिपाने की कोशिश है, बल्कि मृत बच्चों के परिवारों के प्रति अत्यंत अपमानजनक भी है।
दरअसल, राजस्थान में सरकारी स्कूलों की जर्जर स्थिति कई साल से चिंताजनक बनी हुई है। राज्य में सरकार चाहे भाजपा की हो या कांग्रेस की, कोई भी इस समस्या का हल करने में विफल रही है। वर्तमान में लगभग 8000 स्कूल ऐसे हैं, जो जर्जर हालत में हैं। किसी की छत टपक रही है तो किसी की दीवारों में दरारें हैं। शौचालय और बरामदे की स्थिति बेहाल है। बारिश में ये समस्याएं और भी गंभीर हो जाती हैं। मानसून के दौरान ऐसे स्कूल मौत को खुली दावत देते हैं।

यह हाल तब है, जब राज्य सरकार ने 2024-25 के बजट में शिक्षा विभाग के लिए 19 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। यह कुल बजट का करीब पांच प्रतिशत है, जो सभी विभागों से अधिक है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि शिक्षा विभाग के इतने भारी-भरकम बजट की बड़ी राशि आधारभूत सुविधाओं में खर्च नहीं होकर आखिर कहां जा रही है। बताया जाता है कि इस बजट का एक बड़ा हिस्सा कर्मचारी-अधिकारियों के वेतन-भत्तों पर खर्च हो रहा है। अगर देखा जाए तो प्रत्येक स्कूल को उसकी स्टूडेंट स्ट्रेंथ के हिसाब से 25 हजार, 50 हजार या एक लाख रुपए सालाना ही मिलते हैं। यह राशि रोजमर्रा की स्टेशनरी, बिजली-पानी बिल और अन्य पर ही खर्च हो जाती है।

यह खबर भी देखें ... झालावाड़ स्कूल हादसा : मृतक बच्चों की संख्या हुई 8, हेडमास्टर समेत 5 शिक्षक निलंबित, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक

राजस्थान में सरकारी स्कूलों के हालात

एक अनुमान के मुताबिक राजस्थान में करीब 80 प्रतिशत स्कूल भवनों को मरम्मत की दरकार है। सरकार स्कूल भवनों को दानदाताओं की दया पर छोड़ रखा है। आम तौर पर दानदाता नए भवन बनाने की पहल तो करते हैं, लेकिन मरम्मत के लिए सहयोग नहीं देते। शिक्षा विभाग ने 14 जुलाई 2025 को केवल 109 स्कूलों के लिए मरम्मत के लिए 1.75 करोड़ रुपए जारी किए गए, जबकि हजारों स्कूल मरम्मत के लिए तरस रहे हैं।

यह खबर भी देखें ... राजस्थान के स्कूलों में नहीं नई किताबें, बिना पढ़े कक्षा छह तक के बच्चों को देने होंगे फर्स्ट टेस्ट

अधिकारी बचा रहे अपनी खाल

हादसे के एक दिन पहले ही शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने राज्य के सभी जिलों से जर्जर स्कूलों की स्थिति की जानकारी जुटाने का आदेश दिया, लेकिन सालों से स्थिति में सुधार के बगैर यह केवल मानसून के समय एक औपचारिकताभर प्रतीत होता है। बताया जाता है कि झालावाड़ घटना के बाद शिक्षा विभाग के आला अधिकारी जोखिम प्रबंधन के लिए स्कूलों से सुरक्षा प्रमाणपत्र लेने की कवायद में लगे हैं, जिससे हादसे के लिए संस्था प्रधान और क्षेत्रीय अधिकारी जिम्मेदार ठहराए जा सकें। ऐसा ही एक आदेश शिक्षा निदेशालय की ओर से 25 जुलाई के हादसे से ठीक एक दिन पहले निकाला गया है। झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद भी स्कूल की हेडमास्टर समेत पांच शिक्षकों को निलंबित कर मामले की इतिश्री करने की तैयारी कर ली है।

यह खबर भी देखें ... राजस्थान में नहीं चलेंगे फर्जी स्कूल और डमी एडमिशन, शिक्षा विभाग ने की यह तैयारी

ऐसे सुधरेगी स्थिति

  • सरकारी बजट में बड़े पैमाने पर भवन निर्माण और मरम्मत के लिए प्रावधान किया जाए।
  • नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की सख्त पालना हो।
  • शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों को जवाबदेह होना पड़ेगा।
  • समाज और अभिभावकों को भी सहभागिता निभानी पड़ेगी।

कुछ आंकड़े, जो कहते हैं अलग कहानी

अनुमानित 8 हजार स्कूल क्षतिग्रस्त, जिनमें कोई न कोई हिस्सा जर्जर है। राजस्थान सरकार ने शिक्षा के लिए 2024-25 के बजट में 19000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया। इसमें बुनियादी संरचना के लिए प्रावधान थे, लेकिन नए भवनों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। यानी इसके लिए बजट केंद्र सरकार से मिलना था।



डाइस 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में स्कूलों की स्थिति

  • राजस्थान में कुल स्कूलों की संख्या 70046
  • ग्रामीण क्षेत्र में 35056 स्कूल शिक्षा विभाग, 27948 स्कूल स्थानीय निकाय व 2972 स्कूल जनजातीय विकास विभाग संचालित कर रहा है।
  • शहरी क्षेत्र में 3846 स्कूल शिक्षा विभाग, 201 स्कूल स्थानीय निकाय व 23 स्कूल जनजातीय विकास विभाग संचालित कर रहा है।
  • 2023-24 के आंकडों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 857 स्कूल और शहरी क्षेत्र में 57 स्कूल ऐसे थे, जिनके पास एक भी कक्षा कक्ष नहीं थे। मतलब नो रूम स्कूल।


FAQ

  1. 1. राजस्थान में सरकारी स्कूलों की हालत इतनी खराब क्यों है?
    राजस्थान में सरकारी स्कूलों की हालत खराब होने का मुख्य कारण लम्बे समय से चली आ रही अनदेखी और जर्जर भवनों का खतरनाक स्थिति में होना है। ये स्कूल मरम्मत के लिए फंड की कमी से जूझ रहे हैं, और वर्तमान में केवल कागजी कार्यवाही ही हो रही है।
  2. 2. झालावाड़ के पिपलोदी में हुए स्कूल हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने क्या कदम उठाए हैं?
    पिपलोदी हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों से जर्जर स्कूलों की सूची मांगी है और सुरक्षा प्रमाणपत्रों की मांग की है। हालांकि, यह कदम मानसून के दौरान एक औपचारिकता ही प्रतीत हो रहा है।
  3. 3. राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सुधार कैसे लाया जा सकता है?
    राज्य सरकार को बड़ी राशि का प्रावधान करके स्कूलों के भवनों की मरम्मत और निर्माण की योजना बनानी चाहिए। साथ ही, शिक्षा विभाग में नियमित निरीक्षण और सुरक्षा मानकों की कड़ी निगरानी होनी चाहिए।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃

🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



झालावाड़ स्कूल हादसा | राजस्थान शिक्षा विभाग | Rajasthan Education Minister | Rajasthan Education Minister Madanlal Dilawar | कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर | राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर | राजस्थान न्यूज | राजस्थान न्यूज अपडेट | राजस्थान न्यूज हिंदी

Tags:
  • राजस्थान न्यूज
  • कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर
  • राजस्थान न्यूज अपडेट
  • राजस्थान न्यूज हिंदी
  • Rajasthan Education Minister
  • मदन दिलावर
  • Rajasthan Education Minister Madanlal Dilawar
  • राजस्थान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर
  • राजस्थान शिक्षा विभाग
  • झालावाड़ स्कूल हादसा
  • झालावाड़
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा