राजस्थान हाई कोर्ट का मानवीय फैसला, महाभारत का हवाला देकर तलाक रद्द
Jageshwar prasad | Sept 18, 2026, 07:42 IST
हाई कोर्ट ने रद्द की तलाक की डिक्री
राजस्थान हाई कोर्ट ने तलाक की डिक्री को रद्द कर दिया। फैमिली कोर्ट ने पहले तलाक दिया था। बाद में पति-पत्नी ने बच्ची के भविष्य के लिए सुलह कर ली। कोर्ट ने कहा कि शादी सिर्फ अनुबंध नहीं, संस्कार है।
समझें क्या है पूरा मामला
- तलाक के बाद फिर साथ, बच्ची बनी वजह।
- हाई कोर्ट ने रद्द की तलाक की डिक्री।
- महाभारत का हवाला, शादी सिर्फ अनुबंध नहीं।
- पति-पत्नी ने कहा, बच्चे के भविष्य के लिए साथ।
- फैमिली कोर्ट का फैसला पलटा।
फैमिली कोर्ट ने पहले पति-पत्नी को तलाक की डिक्री दी थी। डिक्री के बाद दोनों में बातचीत हुई। दोनों ने बच्ची के कल्याण के लिए साथ रहने का फैसला किया। इसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा। हाई कोर्ट ने तलाक की डिक्री को खत्म कर दिया। कोर्ट ने शादी को फिर से बहाल कर दिया।
फैमिली कोर्ट ने क्या किया था?
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। तलाक के बाद दोनों ने सोचा। दोनों की एक छोटी बेटी है। बेटी के भविष्य को लेकर चिंता थी। दोनों ने फिर से बात की।
सुलह कैसे हुई?
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने महाभारत का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि हिंदू धर्म में शादी सिर्फ अनुबंध नहीं है। शादी एक पवित्र संस्कार है। दो आत्माएं जीवन भर साथ चलने का वादा करती हैं।
कोर्ट ने कहा कि सुलह अतीत के सामने झुकना नहीं है। सुलह भविष्य को एक और मौका देने का फैसला है। जब दो लोग झगड़े के बाद साथ चलने का फैसला करें। तो कानून को भी उस शांति की यात्रा में मदद करनी चाहिए।
बच्ची का कल्याण सबसे अहम
कोर्ट ने माना कि दोनों ने स्वेच्छा से साथ रहने का फैसला किया है। इसलिए तलाक की डिक्री को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है।
कानून में क्या है प्रावधान?
इस मामले में दोनों पक्ष खुद साथ रहना चाहते हैं। इसलिए हाईकोर्ट ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया।
ऐसे फैसले क्यों अहम हैं?
ये भी पढ़ें:-
राजस्थान हाई कोर्ट: 10 हजार सीनियर टीचर्स के प्रमोशन का रास्ता साफ, 28 याचिकाएं खारिज
राजस्थान हाई कोर्ट: शादी से राज्य बदलने पर महिलाओं को EWS लाभ से नहीं कर सकते वंचित
आसाराम के इस मामले की सुनवाई राजस्थान हाई कोर्ट में रही अधूरी, कल आ सकता है फैसला
पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक
By Mukesh Sharma
मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?
By Ramanand Tiwari
मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल
By Ramanand Tiwari
महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, करोड़ों के सट्टे और हवाला नेटवर्क की जांच तेज
By VINAY VERMA
सेंट्रल GST सुपरिंटेंडेंट संगठन ने की राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा, समय पर नहीं मिल रही पदोन्नति
By Sanjay Gupta
CG Top News : छत्तीसगढ़ के 26 साल: विकास की चमक के बीच कितनी बदली आम छत्तीसगढ़िया की जिंदगी? CHO का आंदोलन की चेतावनी समेत पढ़े दिनभर की बड़ी खबरें
By Umeshwari Baghel
MP के 571 सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों का संकट: 55% शिक्षकों के पद खाली, 100 से ज्यादा प्रोफेसर दफ्तरों में तैनात
By Arohi Raj