महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, करोड़ों के सट्टे और हवाला नेटवर्क की जांच तेज
VINAY VERMA | Nov 01, 2026, 21:29 IST
महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाया गया है। सीबीआई की विशेष टीम उसे ओमान की राजधानी मस्कट से लेकर आई है। उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण को जांच की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब उसे रायपुर की सीबीआई विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
सौरभ चंद्राकर की पेशी दो नवंबर को कोर्ट में होगी। मेडिकल परीक्षण के बाद ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद उसे रायपुर लाया जाएगा। जांच एजेंसियां उससे पूरे सट्टा नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर सकती हैं। पैसों के लेन-देन और कारोबार को संरक्षण देने वालों पर भी सवाल होंगे।
सौरभ चंद्राकर लंबे समय से विदेश में रहकर सिंडिकेट संचालित कर रहा था। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुरोध पर इंटरपोल ने नोटिस जारी किया था। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने ओमान के साथ प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की। इसमें इंटरपोल का नेशनल सेंट्रल ब्यूरो भी शामिल था। भारत की ओर से औपचारिक प्रस्ताव और जरूरी साक्ष्य भेजे गए। ओमान की मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई टीम उसे भारत लाई।
महादेव ऑनलाइन बुक (Mahadev Betting Syndicate) का नेटवर्क केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था। इसका विस्तार देश के कई राज्यों में हुआ था। क्रिकेट, फुटबॉल और कार्ड गेम्स पर ऑनलाइन सट्टा लगवाया जाता था। इसके लिए अलग-अलग पैनल और ब्रांच बनाई गई थीं।
पूरे कारोबार को फ्रेंचाइजी मॉडल पर संचालित किया जाता था। अलग-अलग पैनल संचालक सट्टा लगाने वालों से पैसे जमा कराते थे। इसके बाद नेटवर्क के जरिए रकम का हिसाब-किताब किया जाता था। विदेश में बैठे प्रमोटर पूरे सिंडिकेट को नियंत्रित करते थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सट्टे की कमाई छिपाने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल होता था। कई स्तरों पर बैंक खातों के जरिए पैसों का लेन-देन किया जाता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए रकम विदेश भेजी जाती थी। जांच में सरकारी कर्मचारियों को प्रोटेक्शन मनी देने की बात भी सामने आई है। आरोप है कि इसके जरिए सट्टे का कारोबार बिना रुकावट चलाया जाता था। अब सौरभ से पूछताछ में कथित नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद है। इससे जुड़े लोगों और लेन-देन का भी पता चल सकता है।
छत्तीसगढ़ सरकार की अनुशंसा पर सीबीआई ने जांच शुरू की थी। यह जांच महादेव ऑनलाइन बुक मामले से जुड़ी है। एजेंसी ने दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की है। इनमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत धाराएं लगाई गई हैं। भारतीय दंड संहिता के तहत भी कई धाराएं शामिल हैं। इनमें आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े आरोप शामिल हैं। छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हुई है।दूसरी ओर, ईडी इस मामले में प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है। जांच के दौरान देश-विदेश की कई संपत्तियां अटैच की गई हैं।
सौरभ चंद्राकर ( Mahadev Online Betting App) के भारत आने के बाद जांच का अगला चरण अहम होगा। एजेंसियां सट्टे से जुटाई गई रकम का पता लगाने की कोशिश करेंगी। नेटवर्क में शामिल लोगों की पहचान भी जांच का हिस्सा होगी। कथित संरक्षण के बदले किसे पैसे दिए गए, इसकी भी पड़ताल होगी।
इस मामले में अब तक कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, विदेश से संचालित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आना बाकी है। सौरभ की पेशी और पूछताछ पर जांच एजेंसियों की नजर रहेगी। छत्तीसगढ़ सहित देशभर की एजेंसियां इस कार्रवाई पर नजर रखेंगी।
रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर ओमान में गिरफ्तारी
इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने ओमान के साथ प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की। इसमें इंटरपोल का नेशनल सेंट्रल ब्यूरो भी शामिल था। भारत की ओर से औपचारिक प्रस्ताव और जरूरी साक्ष्य भेजे गए। ओमान की मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई टीम उसे भारत लाई।
देशभर में फैला था सट्टे का नेटवर्क
पूरे कारोबार को फ्रेंचाइजी मॉडल पर संचालित किया जाता था। अलग-अलग पैनल संचालक सट्टा लगाने वालों से पैसे जमा कराते थे। इसके बाद नेटवर्क के जरिए रकम का हिसाब-किताब किया जाता था। विदेश में बैठे प्रमोटर पूरे सिंडिकेट को नियंत्रित करते थे।
म्यूल खातों और हवाला से विदेश भेजा जाता था पैसा
दो मामलों में चार्जशीट, ED भी कर चुकी कार्रवाई
पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज
इस मामले में अब तक कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। हालांकि, विदेश से संचालित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आना बाकी है। सौरभ की पेशी और पूछताछ पर जांच एजेंसियों की नजर रहेगी। छत्तीसगढ़ सहित देशभर की एजेंसियां इस कार्रवाई पर नजर रखेंगी।
राजस्थान पंचायत चुनाव: तीसरे चरण में 27 जिलों में कल वोटिंग, 1 करोड़ से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
By Ashish Bhardwaj
सीएम भजनलाल शर्मा का दिल्ली दौरा, भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन में होंगे शामिल
By Jageshwar Prasad
जयपुर में 2 करोड़ के GPS उपकरण चोरी, कंपनी के 2 कर्मचारी गिरफ्तार; 4826 फर्जी ऑर्डर बनाकर बेचे डिवाइस
By Jyoti Mahender Bhardwaj
मध्यप्रदेश में मकान बनाने के नियम बदलने की तैयारी! 2152 वर्गफीट तक के लिए ऑनलाइन फीस भरते ही मिलेगी मंजूरी
By Aman Vaishnav
छत्तीसगढ़ में UCC का ड्राफ्ट: लिव-इन में रहना नहीं होगा आसान, 30 नवंबर को रिपोर्ट सौंपेगी समिति
By Harrison Masih
ट्रेन में वेटिंग, बसों में लूट! दिवाली पर फ्लाइट से भी महंगा होगा सफर, 7 हजार रुपए तक पहुंचा किराया
By Aman Vaishnav
राजस्थान में मौसम का बदला मिजाज, दिन में धूप तो रात में हल्की ठंड; 3-4 दिन साफ रहेगा आसमान
By Jyoti Mahender Bhardwaj