राजस्थान के 98 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब हिंदी में भी होगी पढ़ाई
Gyan Chand Patni | Sept 12, 2025, 13:14 IST
hindi english
राजस्थान के 98 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब हिंदी माध्यम में भी पढ़ाई होगी, लेकिन शिक्षकों और संसाधनों की कमी से शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
राजस्थान सरकार ने एक नया कदम उठाते हुए राज्य के 98 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में हिंदी माध्यम की भी शुरुआत की गई है। यह बदलाव उन क्षेत्रों के लिए किया गया है जहां उच्च माध्यमिक स्तर का सरकारी हिंदी माध्यम विद्यालय नहीं है। इसके अंतर्गत इन स्कूलों में छात्रों को अब अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी शिक्षा प्राप्त होगी।
राज्य सरकार ने यह निर्णय उन क्षेत्रों के लिए लिया है, जहां सरकारी स्कूलों में हिंदी माध्यम का विकल्प नहीं था। इस कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने और छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
98 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब हिंदी माध्यम में भी पढ़ाई शुरू हो गई है। हालांकि सरकार ने हिंदी माध्यम की पढ़ाई शुरू करने की घोषणा की है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त शिक्षक और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पहले से ही अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, और अब हिंदी माध्यम के शिक्षण के लिए भी उन्हीं शिक्षकों से काम लिया जाएगा जो पहले से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ा रहे हैं।
सरकारी आदेश के अनुसार, अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों को ही हिंदी माध्यम में भी पढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इसका मतलब यह है कि उन शिक्षकों को दोनों माध्यमों में पढ़ाना होगा, जिससे उनके कार्यभार में और वृद्धि हो सकती है।
शराब तस्करों पर राजस्थान सरकार की नजर-ए-इनायत, हो जाएगी बल्ले-बल्ले, जानें पूरा मामला
अपने ही विधायक गरजे तो संभली राजस्थान सरकार, अब करेंगे विधायकों से मशवरा
राजस्थान में सबसे अधिक हिंदी माध्यम का विकल्प जयपुर जिले में शुरू किया गया है। यहां 17 स्कूलों में यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य जिलों में भी यह पहल शुरू की गई है, जैसे अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, जोधपुर, आदि। जिलेवार विवरण विवरण टेबल में दिया गया है।
![school]()
राज्य सरकार ने कुल 10,000 शिक्षकों का चयन किया था, लेकिन इनमें से केवल 8,000 शिक्षकों को नियुक्ति दी गई है। इससे शिक्षकों की कमी बनी हुई है, और हिंदी माध्यम की शिक्षा को चलाने के लिए अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
राजस्थान मानसून अलर्ट : दिन में बढ़ने लगी गर्मी, अगले सप्ताह से फिर बरसात का दौर
राजस्थान भाजपा में क्यों मची खलबली! अचानक कार्यशाला छोड़ चले गए नाराज प्रदेश प्रभारी
शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद पारीक ने चिंता व्यक्त की है कि जब एक शिक्षक को एक साथ हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पढ़ाना होगा, तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ सकता है। राजस्थान के स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। 9वीं से 12वीं कक्षा तक दोनों माध्यमों के लिए अलग-अलग कक्षाएं संचालित करने में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं।
राजस्थान के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में हिंदी माध्यम की शिक्षा शुरू कर दी है, लेकिन इसके लिए विशेष भवन या अतिरिक्त संसाधन की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे स्कूलों के संचालन में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, खासकर जब शिक्षकों की कमी पहले से ही महसूस हो रही है।
क्यों शुरू की गई हिंदी माध्यम की पढ़ाई?
शिक्षकों की कमी और संसाधनों का अभाव
हिंदी माध्यम के लिए अलग शिक्षक नियुक्त नहीं होंगे
शराब तस्करों पर राजस्थान सरकार की नजर-ए-इनायत, हो जाएगी बल्ले-बल्ले, जानें पूरा मामला
अपने ही विधायक गरजे तो संभली राजस्थान सरकार, अब करेंगे विधायकों से मशवरा
जयपुर में सबसे अधिक हिंदी माध्यम के स्कूल
school
स्कूलों के लिए शिक्षकों की कमी
राजस्थान मानसून अलर्ट : दिन में बढ़ने लगी गर्मी, अगले सप्ताह से फिर बरसात का दौर
राजस्थान भाजपा में क्यों मची खलबली! अचानक कार्यशाला छोड़ चले गए नाराज प्रदेश प्रभारी
शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रभाव
शिक्षा के संसाधन और भवन संबंधी समस्याएं
FAQ
- 1. राजस्थान के 98 महात्मा गांधी स्कूलों में हिंदी माध्यम की पढ़ाई क्यों शुरू की गई?
राजस्थान सरकार ने उन गांवों और क्षेत्रों में हिंदी माध्यम की शिक्षा शुरू की है, जहाँ पर सरकारी हिंदी माध्यम स्कूलों की कमी थी, ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें। - 2. क्या हिंदी माध्यम के लिए नए शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे?
नहीं, हिंदी माध्यम के शिक्षण के लिए पहले से नियुक्त अंग्रेजी माध्यम के शिक्षकों से ही पढ़ाई करवाई जाएगी। - 3. जयपुर जिले में कितने स्कूलों में हिंदी माध्यम की पढ़ाई शुरू की गई है?
जयपुर जिले में 17 स्कूलों में हिंदी माध्यम की पढ़ाई शुरू की गई है। - 4. क्या हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों को एक साथ संचालित करना संभव है?
एक ही शिक्षक को दोनों माध्यमों में पढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। - 5. क्या हिंदी माध्यम की शिक्षा से विद्यार्थियों को कोई लाभ होगा?
हिंदी माध्यम की शिक्षा से विद्यार्थियों को अपनी मातृभाषा में पढ़ाई का अवसर मिलेगा, जिससे वे बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि हो सकती है।
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA