113 नगरीय निकायों में चुनाव टलवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार, जानिए क्या हैं दलीलें

Ashish Bhardwaj | Feb 26, 2026, 13:08 IST
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supreem court
Photograph: (the sootr)

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों पर कानूनी दांवपेच अभी खत्म नहीं हुए हैं। प्रदेश के 113 नगरीय निकायों में चुनाव टालने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार की है।

News In Short

  • राजस्थान में नगरीय निकायों का चुनाव कानूनी दांवपेच में फंसा।
  • सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की विशेष अनुमति याचिका।
  • सरकार का तर्क कि परिसीमन रद्द से चुनाव कराना संभव नहीं।
  • सरकार चाहती है कि 113 निकायों में चुनाव टाले जाएं।
  • उधर, राज्य चुनाव आयोग जुटा चुनाव तैयारियों को अंतिम रूप देने में।

News In Detail

राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों को लेकर चल रही कानूनी खींचतान अब देश की सबसे बड़ी अदालत की दहलीज पर जा पहुंची है। राज्य सरकार ने प्रदेश की कुल 309 नगरीय निकायों में से 113 निकायों में चुनाव टालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। सरकार का तर्क है कि हाईकोर्ट द्वारा परिसीमन रद्द किए जाने के बाद इन निकायों में फिलहाल चुनाव कराना संभव नहीं है।

​क्या है पूरा विवाद

दरअसल, राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की 113 नगरीय निकायों के परिसीमन को रद्द कर दिया था। इन निकायों में वार्डों की कुल संख्या में तो कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन उनकी आंतरिक सीमाओं को बदल दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद इन क्षेत्रों में चुनावी गणित और प्रशासनिक तैयारी पूरी तरह उलझ गई है।

​सरकार को चाहिए और वक्त

​सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट ने परिसीमन को शून्य घोषित कर दिया है, ऐसे में चुनावी प्रक्रियाओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है। सरकार ने अदालत से आग्रह किया है कि इन 113 निकायों के लिए तय समय सीमा को आगे बढ़ाया जाए।

​मुख्य बिंदु

​कुल निकाय: राज्य में कुल 309 नगरीय निकायों में चुनाव होने हैं।

​फंसा पेच: 113 निकायों में हाईकोर्ट ने परिसीमन रद्द कर रखा है।

​कोर्ट का पिछला आदेश: कोर्ट ने पहले 15 अप्रैल तक पंचायत और नगरीय निकायों के चुनाव कराने के निर्देश दिए थे।

सुनवाई की तारीख तय नहीं

​हालांकि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है, लेकिन अभी तक इस मामले पर सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो सरकार को तय समय सीमा के भीतर ही चुनाव कराने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। फिलहाल, सबकी नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं।

पंचायत चुनाव में 4.02 करोड़ वोटर करेंगे फैसला

उधर, राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि आयोग प्रदेश में पहले पंचायती राज चुनाव कराएगा और इसके बाद नगरीय निकायों के चुनाव। पंचायत चुनाव के लिए आयोग ने मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया है। प्रदेश में इस बार कुल 4.02 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

​चुनाव की संभावना और कार्यकाल

सूत्रों के अनुसार जिन पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, वहां अगले माह चुनाव कराए जाने की संभावना है। आयोग ने 29 जनवरी को जब प्रारूप मतदाता सूची जारी की गई थी, तब मतदाताओं की संख्या करीब 3.96 करोड़ थी। इसके बाद संशोधन अभियान में लाखों नए नाम जोड़े गए और अपात्र नामों को हटाया गया। ​अधिकारियों का कहना है कि सूची के प्रकाशन के साथ ही अब प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

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