REET 2021 : पेपर लीक मामले में सरकारी स्कूल का वाइस प्रिंसीपल गिरफ्तार, जानें कैसे कसा SOG ने शिकंजा
Nitin Kumar Bhal | Sept 06, 2025, 14:51 IST
Photograph: (TheSootr)
राजस्थान में एसओजी ने पेपर लीक मामले में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई रीट परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले से जुड़ी हुई है।
राजस्थान में पेपर लीक के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, और अब तक कई अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने हाल ही में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट)-2021 के पेपर लीक मामले से जुड़ी हुई है, जिसके बाद से राज्य में इस मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
एसओजी की टीम ने 3 सितंबर 2025 को जयपुर के मानसरोवर इलाके में कार्रवाई कर वाइस प्रिंसिपल कार्तिकेय शर्मा (Kartikeya Sharma) को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि कार्तिकेय शर्मा 10 जुलाई से अपने स्कूल नहीं आ रहे थे। इस कार्रवाई के बाद एसओजी ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट (Information Technology Act) के तहत भी कार्रवाई की सूचना दी है।
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जानकारी के अनुसार, REET 2021पेपर लीक मामले में कार्तिकेय शर्मा के अलावा अन्य आरोपी भी शामिल हैं। एसओजी ने इस मामले में कई अभियुक्तों के नाम उजागर किए हैं। पुलिस ने पाया कि इस पूरे मामले में कई अन्य लोग भी शामिल थे, जिन्होंने परीक्षा के सॉल्वड पेपर को खरीदने और बेचने का कारोबार चलाया था।
एसओजी के एएसपी, चिरंजीलाल मीणा के मुताबिक, इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जो पेपर लीक के नेटवर्क को खोलते हैं। एसओजी ने जिन अपराधियों को पकड़ा, उनके पास से जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनसे इस साजिश का खुलासा हुआ है।
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एसओजी द्वारा की गई जांच में सामने आया कि इस साजिश का मुख्य नेटवर्क गंगापुर सिटी (Gangapur City) में सक्रिय था। पुलिस ने बताया कि इस मामले में सबसे पहले सवाईमाधोपुर जिले के पुलिस कॉन्स्टेबल देवेंद्र सिंह को पकड़ा था, जिसके मोबाइल में रीट परीक्षा के सॉल्व किए गए पेपर की फोटोकॉपी मिली थी। देवेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी को यह पेपर दिया था और उसके बाद मामले की जांच और बढ़ी।
पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के बाद यह भी सामने आया कि कई अन्य कॉन्स्टेबल और सरकारी अधिकारियों का इस पूरे नेटवर्क से गहरा संबंध था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पेपर लीक के आरोपियों ने बड़ी मात्रा में पैसे का लेन-देन किया था, जो अब बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेज के जरिए प्रमाणित हो गया है।
एसओजी ने पूरे मामले में छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण वस्तुएं जब्त कीं। एसओजी ने भजनलाल विश्नोई और उसके मौसेरे भाई उदाराम (Udar Ram) से जुड़े कई दस्तावेज को बरामद किया। भजनलाल ने जिस मोबाइल फोन से सॉल्व किए गए पेपर भेजे थे, उसे अलमारी में छुपाकर रखा था। इसके अलावा, एसओजी ने भजनलाल की अलमारी से एक हरे रंग की डायरी भी बरामद की, जिसमें परीक्षा से संबंधित पैसे के लेन-देन का पूरा हिसाब दर्ज था।
इसके साथ ही, एसओजी ने रामकृपाल मीना (Ramkripal Meena) और प्रदीप पाराशर (Pradeep Parashar) के बैंक खातों की जांच की और उनमें वित्तीय लेन-देन को फ्रीज कर दिया। एसओजी ने पाया कि रामकृपाल ने पेपर बेचने के बदले में प्राप्त रुपयों में से कुछ पैसे भगवान सहाय बैरवा को दिए थे। पुलिस ने भगवान सहाय के घर से पैसे बरामद किए।
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एसओजी (SOG Rajasthan) को रीट 2021 पेपर लीक के एकआरोपी उदाराम के कब्जे से परीक्षार्थियों के रोल नंबर की सूची भी मिली, जिसे अपराधियों द्वारा पेपर बेचने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। साथ ही, पुलिस ने आरोपी के पास से एक नीले रंग की डायरी भी जब्त की, जिसमें पेपर बेचने के लेन-देन के सभी विवरण दर्ज थे।
पुलिस ने जयपुर कमिश्नरेट के एक अन्य कॉन्स्टेबल उमेश कुमार (Umesh Kumar) के पास से भी एक डायरी बरामद की, जिसमें उसने पेपर खरीदने से संबंधित लेन-देन का पूरा हिसाब रखा था। यह सभी साक्ष्य इस बात का प्रमाण हैं कि पेपर लीक की इस साजिश में कई लोग शामिल थे और यह एक संगठित अपराध का हिस्सा था।
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एसओजी की टीम ने 3 सितंबर 2025 को जयपुर के मानसरोवर इलाके में कार्रवाई कर वाइस प्रिंसिपल कार्तिकेय शर्मा (Kartikeya Sharma) को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि कार्तिकेय शर्मा 10 जुलाई से अपने स्कूल नहीं आ रहे थे। इस कार्रवाई के बाद एसओजी ने राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट (Information Technology Act) के तहत भी कार्रवाई की सूचना दी है।
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रीट पेपर लीक में पुलिस की जांच प्रक्रिया
एसओजी के एएसपी, चिरंजीलाल मीणा के मुताबिक, इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं, जो पेपर लीक के नेटवर्क को खोलते हैं। एसओजी ने जिन अपराधियों को पकड़ा, उनके पास से जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज और बैंक लेन-देन के रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनसे इस साजिश का खुलासा हुआ है।
जांच अधिकारी और एसओजी के एएसपी चिरंजीलाल मीणा ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिख कर गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीलोड़ी, दौसा के वाइस प्रिंसिपल कार्तिकेय शर्मा (32) की गिरफ्तारी की सूचना दी गई है। इसमें राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट में कार्रवाई करना बताया गया है। पेपर लीक मामले में पुलिस थाना एसओजी जयपुर ने मानसरोवर के नारायण विहार थाना इलाके के लक्की हाइट्स फ्लैट्स मांग्यावास में रहने वाले आरोपी कार्तिकेय शर्मा को पकड़ा है। वह मूलरूप से गया कुंड मोहल्ला, कामां जिला डीग का रहने वाला है। वह तब दौसा जिले के सिकराय ब्लॉक के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीलोड़ी में बतौर वाइस प्रिंसिपल पदस्थ था।
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गंगापुर सिटी में था पेपर लीक का मुख्य केन्द्र
पूरे मामले की सच्चाई सामने आने के बाद यह भी सामने आया कि कई अन्य कॉन्स्टेबल और सरकारी अधिकारियों का इस पूरे नेटवर्क से गहरा संबंध था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पेपर लीक के आरोपियों ने बड़ी मात्रा में पैसे का लेन-देन किया था, जो अब बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेज के जरिए प्रमाणित हो गया है।
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पेपर लीक के आरोपियों से मिले दस्तावेज
इसके साथ ही, एसओजी ने रामकृपाल मीना (Ramkripal Meena) और प्रदीप पाराशर (Pradeep Parashar) के बैंक खातों की जांच की और उनमें वित्तीय लेन-देन को फ्रीज कर दिया। एसओजी ने पाया कि रामकृपाल ने पेपर बेचने के बदले में प्राप्त रुपयों में से कुछ पैसे भगवान सहाय बैरवा को दिए थे। पुलिस ने भगवान सहाय के घर से पैसे बरामद किए।
रीट परीक्षा क्या है?
परीक्षा का स्तर:
परीक्षा का आयोजन: REET परीक्षा का आयोजन राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा किया जाता है। चयन प्रक्रिया:
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आरोपी के कब्जे से मिली परीक्षार्थियों के रोल नंबर की सूची
पुलिस ने जयपुर कमिश्नरेट के एक अन्य कॉन्स्टेबल उमेश कुमार (Umesh Kumar) के पास से भी एक डायरी बरामद की, जिसमें उसने पेपर खरीदने से संबंधित लेन-देन का पूरा हिसाब रखा था। यह सभी साक्ष्य इस बात का प्रमाण हैं कि पेपर लीक की इस साजिश में कई लोग शामिल थे और यह एक संगठित अपराध का हिस्सा था।
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FAQ
- 1. एसओजी ने रीट पेपर लीक मामले में क्या कार्रवाई की?
एसओजी ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल कार्तिकेय शर्मा को गिरफ्तार किया और पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। - 2. रीट पेपर लीक मामले में कितने आरोपी शामिल थे?
इस मामले में कई आरोपी शामिल थे, जिनमें पुलिस अधिकारी, शिक्षक और अन्य सरकारी कर्मचारी थे। - 3. एसओजी ने रीट पेपर लीक मामले को कैसे उजागर किया?
एसओजी ने विभिन्न आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फाइलों और डायरी की जांच की, जिससे पेपर लीक की साजिश का पूरा पर्दाफाश हुआ। - 4. रीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या बरामद किया गया?
एसओजी ने आरोपियों के पास से सॉल्व किए हुए पेपर, बैंक लेन-देन के दस्तावेज और संबंधित डायरी बरामद की। - 5. राजस्थान सरकार को पेपर लीक को रोकने के लिए क्या कदम उठाने चाहिए?
राजस्थान सरकार को पेपर लीक को रोकने के लिए अधिक सख्त कदम उठाने चाहिए, जैसे कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और तकनीकी निगरानी बढ़ाना।
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