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Photograph: (the sootr)
Jaipur: राजस्थान में पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने कार्रवाई की है, जो उनकी भाजपा छोड़ने की घोषणा के तीन दिन बाद हुई। यह कार्रवाई उनके घर पेट्रोल पंप और क्रेशर प्लांट पर की गई। इससे राजनीति गलियारों में हलचल मच गई हैं।
मालवीया पहले कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में गए थे। उन दिनों यह चर्चा चल रही थी कि क्या मालवीया किसी जांच एजेंसी की कार्रवाई से बचने के लिए उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया था।
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एसीबी का ऑपरेशन
एसीबी की टीम, ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में, महेंद्रजीत सिंह मालवीया के पेट्रोल पंप और क्रेशर प्लांट पर सर्च करने पहुंची। इसके बाद, टीम नाहरपुरा गांव स्थित उनके घर भी गई, लेकिन वहां बड़ी संख्या में समर्थकों के इकट्ठा होने के कारण सर्च नहीं किया जा सका। एसीबी के अधिकारियों ने गोपनीय शिकायत के आधार पर सर्च की पुष्टि की, लेकिन जांच के परिणामों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
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मालवीया का आरोप
महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने इस कार्रवाई पर जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल पंप और क्रेशर प्लांट में कुछ भी संदिग्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जा रही है। मालवीया ने पूरी दृढ़ता से कहा कि वे अपने निर्णय पर कायम हैं और जो भी होगा, उसे वे देखेंगे।
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कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
गोविंद सिंह डोटासरा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष, ने इस पूरी कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। डोटासरा ने कहा कि जैसे ही मालवीया ने कांग्रेस में वापसी का एलान किया, वैसे ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं और छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कार्रवाई करार दिया।
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कांग्रेस और भाजपा आमने - सामने
महेंद्रजीत सिंह मालवीया के कांग्रेस में लौटने के बाद इस कार्रवाई ने भाजपा और कांग्रेस को एक दूसरे आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं । इससे पहले मालवीया 23 महीने तक भाजपा में रहते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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मालवीया का राजनीतिक सफर
महेंद्रजीत सिंह मालवीया कांग्रेस से एक बार सांसद और चार बार विधायक रह चुके हैं। वे अब एक बार फिर कांग्रेस में लौट रहे हैं, लेकिन उनकी वापसी के साथ राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े हो गए हैं।
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मालवीया पर एसीबी की कार्यवाई के मुख्य बिंदू:
- महेंद्रजीत सिंह मालवीया पर एसीबी कार्रवाई उनके पेट्रोल पंप और क्रेशर प्लांट पर छापेमारी की, जिससे राजनीतिक दबाव बनाने की संभावना जताई जा रही है।
- मालवीया की कांग्रेस में वापसी के तुरंत बाद एसीबी की कार्रवाई शुरू हुई, जिससे कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक चर्चाएं बढ़ गईं।
- गोविंद सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि जैसे ही मालवीया ने कांग्रेस में वापसी का एलान किया, वैसे ही जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं और यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव के तहत की गई।
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