रविन्द्र सिंह भाटी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, धमकी से जुड़ा है मामला
Mukesh Sharma | Jul 09, 2026, 15:24 IST
शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी
बाड़मेर के शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट से राहत मिली है। धमकी देने के मामले में दर्ज एफआईआर पर कोर्ट ने रोक लगा दी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को धमकी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से मिली राहत।
- कोर्ट ने विधायक के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगाई।
- हाईकोर्ट ने राजस्थान सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है।
- शिकायतकर्ता छोटू सिंह ने फोन पर धमकी देने का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज कराई थी।
बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ दर्ज धमकी के मामले में कोर्ट ने अंतरिम राहत दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने विधायक भाटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश संजीत पुरोहित की एकल पीठ ने इस मामले को सुनवाई योग्य माना।
पीठ ने राजस्थान सरकार और अन्य पक्षों से जवाब भी मांगा है। विधायक भाटी ने याचिका में बाड़मेर के शिव थाने में दर्ज एफआईआर को चुनौती दी थी।
शिकायतकर्ता का आरोप
छोटू सिंह का कहना है कि इन कॉल्स में उन्हें और उनके भाई को जान-माल के नुकसान की धमकी दी गई। बदनामी करने की धमकी भी दी गई थी।
वकील की दलील
उनका कहना था कि एफआईआर में लगे आरोपों से भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस – Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 351(2) और 351(3) के तहत अपराध प्रथम दृष्टया नहीं बनता।
शिकायत की सत्यता पर सवाल
पक्ष ने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता के बाद के आचरण से साफ है कि मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज करवाया गया। दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद पीठ ने मामले को विचारणीय बताया।
कोर्ट ने अगली सुनवाई तक एफआईआर से जुड़ी सभी कार्यवाहियों पर रोक लगाने का आदेश दिया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
छोटू सिंह के अनुसार इसी टिप्पणी से नाराज होकर विधायक भाटी ने उन्हें फोन पर धमकाया था। इसके बाद रावणा राजपूत समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए थे और शक्ति प्रदर्शन किया था।
छोटू सिंह ने उस समय साफ कहा था कि अगर नेता समाज को गाली देंगे तो चुनाव में उनका पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।
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