आरसीए चुनाव आरोपों पर चतुर्वेदी बोले- शिकायत करने का अधिकार सभी को, निष्पक्ष जांच के लिए तैयार
Jageshwar prasad | Oct 01, 2026, 17:43 IST
RCA चुनाव को लेकर वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने चुप्पी तोड़ी
आरसीए चुनाव में राजनीतिक हस्तक्षेप के गंभीर आरोप लगे हैं। वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने आरोपों का खंडन करते हुए निष्पक्ष जांच की बात की है। चतुर्वेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान पर भी पलटवार किया है। चुनाव में हुई शिकायतों का जमकर राजनीतिक लाभ उठाया गया है और दोनों दल आरोप लगा रहे हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- आरसीए चुनाव आरोपों पर चतुर्वेदी बोले।
- शिकायत करने का अधिकार सभी को।
- निष्पक्ष जांच के लिए तैयार।
- डोटासरा पर किया पलटवार।
- सीसीटीवी से आएगी सच्चाई।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन अधिकारी के सामने शिकायत की जा सकती है। किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं।
चुनाव नियमों के अनुसार हुआ
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को चुनाव प्रक्रिया पर संदेह है, वे निष्पक्ष जांच की मांग कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने वाले चुनाव वाले क्षेत्र में गए ही नहीं थे। उनके मुताबिक पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सीसीटीवी कैमरों से सामने आ सकती है।
उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से भी जांच कराने के लिए कहा है। साथ ही स्पष्ट किया कि वे किसी भी निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं। इससे यह साफ होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
डोटासरा पर पलटवार
आरसीए चुनाव में सत्ता के इस्तेमाल के आरोपों पर चतुर्वेदी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि आरसीए चुनाव के इतिहास को भी देखना चाहिए।
उन्होंने 2009 के चुनाव का उदाहरण दिया। उस समय सीपी जोशी चुनाव लड़ रहे थे। कांग्रेस से जुड़े शिवचरण माली ने भी नामांकन दाखिल किया था। चतुर्वेदी के मुताबिक उस समय चार-पांच मंत्री मौजूद थे। माली को नामांकन वापस लेना पड़ा।
कांग्रेस को देखना चाहिए इतिहास
चतुर्वेदी ने 2019 के आरसीए चुनाव का भी जिक्र किया। उस समय वैभव गहलोत और रामेश्वर डूडी आमने-सामने थे। उन्होंने कहा कि उस समय भी सरकार ने चुनावों में हस्तक्षेप किया।
उन्होंने कहा कि आरोप लगाने से पहले पीसीसी (PCC – Pradesh Congress Committee) चीफ गोविंद सिंह डोटासरा को आरसीए चुनावों के अपने इतिहास को भी देखना चाहिए। उनके मुताबिक कांग्रेस को अपने इतिहास को देखना चाहिए।
क्या आरोप लगे थे?
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के 29 सितंबर को हुए चुनाव में राजनीतिक हस्तक्षेप और मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप सामने आए थे। धनंजय सिंह खींवसर और आशीष तिवाड़ी ने आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा था कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनावी प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की गई। मतदान में बाधाएं उत्पन्न करने के प्रयास किए गए। उन्होंने पत्र के माध्यम से आरोप लगाया कि अरुण चतुर्वेदी ने चुनाव की कार्यवाही को बाधित किया।
धनंजय सिंह खींवसर, आशीष तिवाड़ी और मोहित यादव ने चुनाव अधिकारी को पत्र भी लिखा। इस पत्र में उन्होंने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद यह पूरा मामला सुर्खियों में आ गया।\
क्यों अहम है यह मामला
आरसीए चुनाव विवाद (RCA election controversy) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इससे राज्य की सियासत में हलचल बढ़ गई है।
चुनाव अधिकारी के सामने शिकायत दर्ज हो चुकी है। अब देखना जरूरी है कि जांच में क्या सामने आता है। सीसीटीवी फुटेज से सच्चाई सामने आ सकती है। इससे यह भी तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है।
बीजेपी पार्षद रुपाली पेंढारकर की निगम अधिकारियों को धमकी, अगली बार अंजाम बुरा होगा
By Sanjay Gupta
भोपाल जिला पंचायत और NHM संविदा कर्मियों को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत, नियुक्ति प्रक्रिया पर भी उठाया सवाल
By Neel Tiwari

उदयपुर के 272 प्लॉट मामले में 2 करोड़ की रिश्वत का मामला, जसवंत राव की भूमिका की होगी जांच
By Jyoti Mahender Bhardwaj
25 लाख रिश्वत मामले में जीएसटी अधीक्षक गिरफ्तार, कुत्ते के साथ फोटो ने फेल किया एसीबी से बचने का प्लान
By Jageshwar prasad
MP में 1800 नए पदों पर होनी थी प्रोफेसर्स की पोस्टिंग, ढाई साल बाद आया होश! कैबिनेट में जाएगा मामला
By Atul Dwivedi
मध्यप्रदेश की जमीन का केस छत्तीसगढ़ में क्यों चलेगा? हाई कोर्ट ने CPC धारा 17 के तहत दिया फैसला
By Umeshwari Baghel
जस्टिस एसपी शर्मा ने लगाए जस्टिस संदीप मेहता पर जलन के आरोप, कहा - वकीलों को हड़ताल के लिए उकसाया
By Ashish Bhardwaj