/sootr/media/media_files/2026/01/08/maa-yojana-1-2026-01-08-14-33-43.jpg)
Photograph: (The Sootr)
Jaipur: राजस्थान में आरजीएचएस में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना) भी सवालों में है। प्रदेश में आम लोगों के इलाज के लिए चलाई जा रही इस योजना के तहत 850 रुपए में फ्री इलाज और जांच की सुविधा दी जाती है। इस योजना से राजस्थान ही नहीं, दूसरे राज्यों के प्राइवेट अस्पताल जुड़े हुए हैं। तेजी से दूसरे राज्यों के अस्पतालों को अंधाधुंध जाने से इस योजना में फर्जीवाड़े की संभावना बढ़ रही है।
सर्दी की चपेट में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड
उत्तर प्रदेश के जुड़े अस्पताल
मां योजना के तहत 12 साल में राजस्थान के केवल 1720 प्राइवेट अस्पताल ही जुड़े हैं। लेकिन पिछले दो महीनों में उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल योजना से जुड़ गए हैं। इनमें अधिकांश प्राइवेट अस्पताल हैं। इनके तेज़ी से जुड़ने के कारण योजना सवालों में आ गई है।
राजस्थान कृषि पर्यवेक्षक भर्ती: 1100 पदों पर सरकारी नौकरी का मौका
4 गुना ज्यादा अस्पताल यूपी में जुड़े
विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान से करीब चार गुणा ज्यादा अस्पताल उत्तर प्रदेश के जुड़े हैं, लेकिन इनकी निगरानी के लिए राजस्थान सरकार ने कोई ठोस व्यवस्था नहीं की है। इस योजना में कार्ड धारक अपना इलाज दूसरे राज्यों के पंजीकृत अस्पतालों में फ्री करा सकते हैं। विशेषज्ञों को आशंका है कि निगरानी के अभाव में इस योजना की स्थिति भी आरजीएचएस जैसी हो सकती है। आरजीएसएच सरकारी कर्मचारी और पेंशनरों को मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में फर्जीवाड़े की आशंका बढ़ गई है।
विधानसभा का बजट सत्र 28 जनवरी से, 11 फरवरी को राजस्थान का बजट पेश होने की संभावना
दिल्ली से 60 गुना ज्यादा अस्पताल यूपी के
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का दायरा अब राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा दिया गया है। इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के तहत अब योजना के तहत इलाज कराने के लिए देश के किसी भी राज्य में जा सकते हैं। हालांकि, एक अजीब बात यह सामने आई है कि दिल्ली से 60 गुणा ज्यादा अस्पताल उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं। दिल्ली के 184 अस्पतालों की तुलना में उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल योजना में सूचीबद्ध हैं।
5 नहीं, 7 प्रतिशत पानी भी देंगे; राजस्थान डिजिफेस्ट में सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान
इन राज्यों के जुड़े योजना में प्रमुख अस्पताल
राजस्थान सहित दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख अस्पताल इस योजना में शामिल हो चुके हैं। इनमें दिल्ली का एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केएमपीयू, और गुजरात के यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर जैसे नामी अस्पताल शामिल हैं।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अखबार पढ़ना अनिवार्य, जानें क्यों
पैकेजों में 400 की वृद्धि
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि योजना में पहले विभिन्न बीमारियों के 1800 पैकेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 2200 हो गई है। इसके साथ ही, इस योजना में कैंसर के 73 नए डे-केयर पैकेज जोड़े गए हैं।
क्या है मां योजना
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 2024 में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को देशभर में लागू किया है। इसके तहत राजस्थान के निवासी अब न सिर्फ प्रदेश में, बल्कि पूरे देश में निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कराया जा सकता हैं।
आरजीएचएस में घोटाले
जनवरी 2026 में आरजीएचएस में करोड़ों रुपये के घोटाले और अनियमितताओं के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। सरकार ने इस पर "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू की है। चिकित्सा विभाग ने पिछले एक सप्ताह में ही 6 फार्मा स्टोर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से 4 के खिलाफ FIR दर्ज की गई है और 2 को योजना से निलंबित कर दिया गया है। चूरू कोर्ट ने 77.34 लाख रुपये के गबन मामले में पुलिस की ढीली जांच पर सवाल उठाए हैं और आयुर्वेदिक डॉक्टरों सहित 13 आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 तय की है।
मुख्य बिंदू :
- अब तक इस योजना से राजस्थान के 1720 अस्पताल जुड़े हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल जुड़ चुके हैं।
- इस योजना में 400 नए पैकेज जोड़े गए हैं, और कैंसर के 73 नए डे-केयर पैकेज भी शामिल किए गए हैं।
- इस योजना में दिल्ली के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केएमपीयू और गुजरात के प्रमुख अस्पताल जुड़े हैं।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us