सरिस्का अभयारण्य में जवान हो रहे 6 मेल टाइगर को लगेंगे रेडियो कॉलर, हर मूवमेंट पर रहेगी नजर
Nitin Kumar Bhal | Jul 23, 2025, 14:09 IST
Photograph: (The Sootr)
सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों की निगरानी के लिए रेडियो कॉलर लगाने का प्रस्ताव। इन बाघों के मूवमेंट पर कड़ी निगरानी रखने के लिए यह कदम उठाया गया है
सुनील जैन
राजस्थान (Rajasthan) के मशहूर टाइगर रिजर्व सरिस्का (Sariska Tiger Reserve) में वयस्क होते जा रहे बाघों को रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। ये बाघ सरिस्का के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, क्योंकि 2 साल का होने के बाद ये टाइगर अपनी टेरिटरी बनाते हैं। वे कभी अपनी टेरिटरी बनाने के लिए सरिस्का जंगल से बाहर भी चले जाते हैं। अब इन पर निगरानी रखने के लिए रेडियो कॉलर लगाए जाने का प्रस्ताव है।
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) की स्वीकृति के उपरांत इन बाघों के रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। कई मेल टाइगर सरिस्का का जंगल छोड़कर सवाईमाधोपुर ,दौसा, हरियाणा और जयपुर तक पहुंच गए थे। इनमें से कई बाघों का पता भी नहीं लगा है। अब उनकी निगरानी बहुत जरूरी हो गई है। रेडियो कॉलर लगाए जाने के बाद उनके हर मूवमेंट पर नजर रहेगी। अभी नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी से स्वीकृति मांगी गई है। पहले चरण में 6 मेल टाइगर को रेडियो कॉलर लगाए जाने का प्रस्ताव है।
सरिस्का के उपवन संरक्षक अभिमन्यु सहारण ने बताया कि छह मेल टाइगर्स की उम्र 16 से 20 माह है। चार महीने बाद वे अपनी मां से अलग रहकर टेरिटरी बनाएंगे। इनकी निगरानी जरूरी है। रेडियो कॉलर लगाए जाने का प्रस्ताव एनटीसीए को भेज दिया गया है।
यह खबर भी देखें ... सरिस्का में सीमा बदलाव: भ्रष्टाचारों के आरोपों पर सुनवाई, विरोध में अब तक भेजे 680 ईमेल
अगस्त 2024 में बाघ एसटी 2303 सरिस्का से निकलते हुए कोटकासिम और भिवाड़ी के रास्ते हरियाणा के झाबुआ बीड में पहुंच गया था। करीब 3 महीने यहां रहने के बाद इसका बड़ी मुश्किल से रेस्क्यू कर उसे रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट में शिफ्ट किया गया, जहां टेरिटोरियल फाइट में उसकी मौत हो गई थी। इस समय एस टी 2305 भी बाहर निकल गया। एक महीना तक उसका कोई पता नहीं चला। बाद में जानकारी आया कि वह जयपुर ग्रामीण क्षेत्र में दिखाई दिया है। अब अजबगढ़ रेंज में उसका मोमेंट बताया जा रहा है।
यह खबर भी देखें ... सरिस्का में तितलियों का पार्क बनाने पर विचार, 40 प्रजाति मिली, संरक्षण के लिए हो रहा सर्वेक्षण
अधिकारियों का कहना है कि वयस्क होते ये बाघ एक ही दिन में 150 से 200 किलो मीटर तक मूवमेंट कर लेते हैं। कई बार ये आबादी क्षेत्र में पहुंच जाते हैं। मानव डिस्टरवेंस के चलते हिंसक भी हो सकते हैं। वर्ष 2008 के बाद जितने भी टाइगर बाहर से ले गए थे वह सभी रेडियो कॉलर के साथ जंगल में छोड़े गए थे। कुछ टाइगर्स का रेडियो कॉलर खराब भी हो गया था। बाद में इसे बदला भी गया, लेकिन सरिस्का में आकर उनकी संतान उत्पत्ति के बाद रेडियो कॉलर नहीं लगाए गए।
यह खबर भी देखें ... कांग्रेस का आरोप-मंत्री भूपेंद्र यादव और संजय शर्मा भ्रष्टाचार कर सरिस्का की सीमा बदल रहे
बाघों को मानसून में रेडियो कॉलर लगाना बहुत बड़ी चुनौती है। इसलिए माना जा रहा है कि अगर एनटीसीए द्वारा स्वीकृति मिलती है तो मानसून के बाद रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। मानसून में टाइगर ऊपरी हिस्से में रहते हैं।
यह खबर भी देखें ... कांग्रेस का आरोप-मंत्री भूपेंद्र यादव और संजय शर्मा भ्रष्टाचार कर सरिस्का की सीमा बदल रहे
वर्ष 2008 के बाद, जितने भी बाघों को बाहर से लाकर सरिस्का में छोड़ा गया था, उन सभी बाघों को रेडियो कॉलर (Radio Collar) के साथ जंगल में छोड़ा गया था। कुछ बाघों का कॉलर खराब हो गया था, जिन्हें बाद में बदलना पड़ा था। लेकिन सरिस्का में आने के बाद इन बाघों की संतान के लिए कॉलर नहीं लगाए गए थे।
सरिस्का नेशनल टाइगर रिजर्व | राजस्थान न्यूज | राजस्थान न्यूज अपडेट | राजस्थान न्यूज हिंदी
राजस्थान (Rajasthan) के मशहूर टाइगर रिजर्व सरिस्का (Sariska Tiger Reserve) में वयस्क होते जा रहे बाघों को रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। ये बाघ सरिस्का के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं, क्योंकि 2 साल का होने के बाद ये टाइगर अपनी टेरिटरी बनाते हैं। वे कभी अपनी टेरिटरी बनाने के लिए सरिस्का जंगल से बाहर भी चले जाते हैं। अब इन पर निगरानी रखने के लिए रेडियो कॉलर लगाए जाने का प्रस्ताव है।
सरिस्का में छह टाइगर को लगेंगे रेडियो कॉलर
टाइगर की निगरानी के लिए रेडियो कॉलर जरूरी
यह खबर भी देखें ... सरिस्का में सीमा बदलाव: भ्रष्टाचारों के आरोपों पर सुनवाई, विरोध में अब तक भेजे 680 ईमेल
बाघ एसटी 2303 पहुंच गया था हरियाणा
यह खबर भी देखें ... सरिस्का में तितलियों का पार्क बनाने पर विचार, 40 प्रजाति मिली, संरक्षण के लिए हो रहा सर्वेक्षण
रोजाना 200 किलोमीटर तक मूवमेंट
यह खबर भी देखें ... कांग्रेस का आरोप-मंत्री भूपेंद्र यादव और संजय शर्मा भ्रष्टाचार कर सरिस्का की सीमा बदल रहे
रेडियो कॉलर क्या होता है और यह कैसे काम करता है?रेडियो कॉलर एक उपकरण है जिसे जानवरों के गले में बांधकर ट्रांसमीटर लगाया जाता है, जो रेडियो तरंगें भेजता है।
| |
सरिस्का में टाइगर को मानसून के बाद लगेगा रेडियो कॉलर
यह खबर भी देखें ... कांग्रेस का आरोप-मंत्री भूपेंद्र यादव और संजय शर्मा भ्रष्टाचार कर सरिस्का की सीमा बदल रहे
क्या सरिस्का में पहले भी बाघों को रेडियो कॉलर लगाए गए हैं?
सरिस्का में अब 48 टाइगरवर्तमान में सरिस्का टाइगर रिजर्व में 48 बाघ हैं, जिनमें 11 मेल बाघ (Male Tigers), 18 फीमेल बाघ (Female Tigers) और 19 शावक (Cubs) शामिल हैं। इन बाघों में से एक बाघ ST 2402 का रेडियो कॉलर अभी भी लगा हुआ है। यह बाघ जनवरी में दौसा बांदीकुई (Dausa Bandikui) क्षेत्र में पहुंच गया था, जहां वन विभाग की टीम पर उसने हमला किया था। बाद में उसे ट्रेंकुलाइज कर रेडियो कॉलर लगाया गया और फिर सरिस्का में छोड़ा गया। | |
FAQ
- 1. सरिस्का में बाघों पर रेडियो कॉलर क्यों लगाए जा रहे हैं?
सरिस्का के बाघों की निगरानी बढ़ाने और उनके मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए रेडियो कॉलर लगाए जा रहे हैं, ताकि इन बाघों की सुरक्षा और मानव-बाघ संघर्ष को रोका जा सके। - 2. सरिस्का में बाघों को रेडियो कॉलर लगाने से क्या फायदा होगा?
रेडियो कॉलर लगाने से बाघों की दिशा, मूवमेंट और गतिविधियों की सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे वन विभाग उनके ऊपर सही निगरानी रख सकेगा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। - 3. सरिस्का में बाघों की कुल संख्या कितनी है?
वर्तमान में सरिस्का टाइगर रिजर्व में 48 बाघ हैं, जिनमें 11 मेल बाघ, 18 फीमेल बाघ, और 19 शावक शामिल हैं।
सरिस्का नेशनल टाइगर रिजर्व | राजस्थान न्यूज | राजस्थान न्यूज अपडेट | राजस्थान न्यूज हिंदी
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari