SI भर्ती-2021 रि-एग्जाम में याचिकाकर्ताओं को मिलेगा मौका, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
Mukesh Sharma | Jul 02, 2026, 15:36 IST
हाईकोर्ट ने आवेदकों को शामिल करने का दिया आदेश
राजस्थान हाई कोर्ट ने SI भर्ती-2021 रि-एग्जाम में आरपीएससी के उस फैसले को बदल दिया है, जिसमें केवल परीक्षा देने वालों को ही शामिल किया गया। कोर्ट ने सभी याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में बैठने की राहत दी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- हाईकोर्ट ने एसआई भर्ती 2021 रि-एग्जाम को लेकर आरपीएससी को दिया बड़ा आदेश।
- याचिकाकर्ताओं को फॉर्म एडिट का मौका देकर प्रोविजनली परीक्षा में शामिल किया जाए।
- कोर्ट ने कहा - प्रशासनिक कठिनाई पात्र अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित करने का सही कारण नहीं।
- भर्ती प्रक्रिया में शामिल शब्द का दायरा मूल परीक्षा देने वालों तक सीमित रखना गलत।
- कोर्ट ने सभी पात्र अभ्यर्थियों को सितंबर 2026 में होने वाली इस परीक्षा में बैठने की अनुमति दी।
अदालत ने यह आदेश हवा सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक असुविधा किसी पात्र अभ्यर्थी को अवसर से वंचित करने का वैध आधार नहीं हो सकती हैं।
दरअसल, आयोग ने 8 मई को प्रेसनोट जारी करके मूल परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले अभ्यर्थियों को ही 16 से 30 मई तक आवेदन एडिट करने का मौका दिया था।
याचिका में ये दी दलील
वहीं आरपीएससी की ओर से कहा गया था कि 4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने मूल परीक्षा में केवल एप्लीकेशन फॉर्म भरा था, लेकिन परीक्षा नहीं दी थी।
इनमें से कई अभ्यर्थी अन्यत्र नौकरी लग चुके होंगे। कई अभ्यर्थी परीक्षा की तैयारी छोड़ चुके होंगे। अगर हम सभी को अलाऊ करते हैं तो हमें 4 लाख फॉर्म की अतिरिक्त छंटनी करनी होगी, जो बहुत मुश्किल काम है।
भर्ती प्रक्रिया में शामिल शब्द की संकीर्ण व्याख्या
इसलिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थी का अर्थ केवल लिखित परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं माना जा सकता हैं। सभी अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा तभी हो सकती है, जब दोबारा परीक्षा में सभी अभ्यर्थियों को शामिल होने का समान अवसर दिया जाए।
इस पर कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल शब्द की संकीर्ण व्याख्या की गई है। केवल परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों तक सीमित करना प्रथम दृष्टया उचित नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने सितंबर में होने वाली परीक्षा में याचिकाकर्ताओं को शामिल करने के निर्देश दिए।
भर्ती में 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन
राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था।
खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया।
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