सरिस्का में टाइगर बूम, 2 साल बाद लौटा खूंखार सुल्तान, सभी 9 शावकों का यही है पिता

Ashish Bhardwaj | May 25, 2026, 18:59 IST
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tiger Sultan
tiger Sultan Photograph: (The sootr)

राजस्थान के सरिस्का में दो साल के लंबे इंतजार के बाद टाइगर सुल्तान की धमाकेदार वापसी हुई है। खास बात यह है कि बफर जोन में इस समय खेल रहे सभी 9 शावकों का पिता यही सुल्तान है।

News In Short

  • सरिस्का में दो साल के लंबे इंतजार के बाद टाइगर सुल्तान की धमाकेदार वापसी।
  • बफर जोन में इस समय खेल रहे सभी 9 शावकों का पिता यही टाइगर सुल्तान।
  • सरिस्का के चर्चित टाइगर सुल्तान की दो साल से नहीं हो रही थी साइटिंग।
  • सुल्तान को अपनी बड़ी टेरिटरी और एग्रेसिव स्वभाव के लिए जाना जाता है।
  • सरिस्का में टाइगर फैमिली की बढ़ती हलचल से चर्चा का विषय बनी हुई है।

News In Detail

सुनील जैन@अलवर

राजस्थान का सरिस्का टाइगर रिजर्व इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए रोमांच का बड़ा केंद्र बन चुका है। सरिस्का के बफर क्षेत्र से ऐसी खबर आई है जिसने वन विभाग के अधिकारियों से लेकर वाइल्डलाइफ लवर्स को झूमने पर मजबूर कर दिया है।

करीब दो साल के लंबे इंतजार के बाद अलवर बफर जोन के किंग कहे जाने वाले चर्चित टाइगर एसटी-18 (सुल्तान) ने आखिरकार पर्यटकों को दीदार दे ही दिया। सुल्तान की धमाकेदार वापसी और अन्य बाघिनों के शावकों की लगातार साइटिंग से सरिस्का का जंगल पूरी तरह गुलजार हो गया है।

​2 साल बाद दिखा सुल्तान

अलवर शहर के बिल्कुल नजदीक स्थित अंधेरी ट्रैक पर रविवार की शाम जो हुआ, उसकी उम्मीद किसी भी पर्यटक को नहीं थी।

सफारी गाड़ियां ट्रैक पर बढ़ रही थीं कि अचानक सामने घने जंगल से भारी-भरकम शरीर और रौबदार चाल के साथ टाइगर एसटी-18 यानी सुल्तान प्रकट हुआ। दो साल बाद सुल्तान को सामने देख पर्यटकों की सांसें थम गईं और रोमांच चरम पर पहुंच गया।

​कौन है सुल्तान?

एसटी-18 सुल्तान को अपनी बड़ी टेरिटरी और बेहद आक्रामक (एग्रेसिव) स्वभाव के लिए जाना जाता है। यह अमूमन इंसानों और पर्यटकों की नजरों से दूर घने जंगलों में रहना पसंद करता है। इसकी टेरिटरी अकबरपुर, नारायणपुर से लेकर बानसूर तक फैली हुई है। खास बात यह है कि बफर जोन में इस समय खेल रहे सभी 9 शावकों का पिता यही सुल्तान है।

​आमतौर पर जिप्सी देखते ही घने जंगल में ओझल हो जाने वाला सुल्तान रविवार को कुछ देर रुककर पर्यटकों को रोमांचित कर गया। प्रख्यात वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर हिमांशु शर्मा ने इस दुर्लभ और जादुई पल को अपने कैमरे में कैद किया।

​सुपरमॉम एसटी-19 और 2302 के शावकों की अठखेलियाँ

​सरिस्का का बफर जोन इन दिनों केवल टाइगर सुल्तान की वजह से ही नहीं, बल्कि टाइगर फैमिली की बढ़ती हलचल से भी सुर्खियों में है।

सफारी के दौरान बारा लिवारी ट्रैक पर घुसते ही पानी के पहले पॉइंट पर टाइग्रेस एसटी-19 अपने चार नन्हें शावकों के साथ पानी पीते और खेलते हुए नजर आई। पर्यटकों ने लगभग एक घंटे तक इस खूबसूरत नजारे का आनंद लिया।

अंधेरी ट्रैक पर टाइग्रेस 2302 और उसके शावक भी नजर आए। कुछ ही दूरी पर दो अलग-अलग बाघिनों और उनके शावकों की साइटिंग ने पर्यटकों के पैसे वसूल कर दिए। तस्वीरों और वीडियो में शावकों की मासूम अठखेलियां और उनका स्वाभाविक मूवमेंट साफ देखा जा सकता है, जो यह दर्शाता है कि सरिस्का का बफर क्षेत्र अब टाइगर्स के लिए सबसे सुरक्षित और पसंदीदा ब्रीडिंग ग्राउंड बन चुका है।

​पर्यटकों की भारी भीड़, वन विभाग ने जारी की एडवाइजरी

​एक साथ इतनी बड़ी संख्या में टाइगर्स और शावकों की मौजूदगी की खबर जंगल की आग की तरह फैली है, जिसके बाद सरिस्का आने वाले पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हर कोई इस टाइगर बूम का गवाह बनना चाहता है।

​दूसरी ओर, चूंकि बाघों का यह मूवमेंट अलवर शहर के काफी नजदीक बफर एरिया में हो रहा है, इसलिए सरिस्का प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे इन वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।

सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें जंगल के नियमों का पालन करने और ट्रैक पर सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।

​दो साल बाद सुल्तान की वापसी और शावकों की गूंज ने यह साबित कर दिया है कि सरिस्का का बफर क्षेत्र अब देश के सबसे बेहतरीन टाइगर हैबिटैट्स में से एक बनकर उभर रहा है।

FAQs (सामान्य प्रश्न)

सुल्तान (एसटी-18) सरिस्का बफर क्षेत्र में क्यों महत्वपूर्ण है?

सुल्तान (एसटी-18) सरिस्का बफर क्षेत्र के प्रमुख शेर-माता-पिता टाइगर हैं। दो साल के लंबे इंतजार के बाद उनकी वापसी ने बफर जोन में सभी 9 शावकों को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया है। यह क्षेत्र सुल्तान की टेरिटरी और उनके शावकों के लिए सबसे सुरक्षित ब्रीडिंग ग्राउंड बन चुका है।

सरिस्का बफर क्षेत्र में पर्यटकों को किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए?

बफर क्षेत्र में टाइगर्स और उनके शावकों की साइटिंग बढ़ने के कारण वन विभाग ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। पर्यटकों को ट्रैक पर सतर्क रहना, जंगल के नियमों का पालन करना और शोर न करना आवश्यक है। इससे सुल्तान और अन्य बाघों की सुरक्षा बनी रहती है।

सरिस्का बफर क्षेत्र में टाइगर फैमिली की गतिविधियों से पर्यटकों को क्या अनुभव होता है?

सुल्तान और अन्य टाइगर्स के शावकों की अठखेलियां और उनके प्राकृतिक मूवमेंट पर्यटकों के लिए रोमांचक अनुभव प्रदान करती हैं। एसटी-19 और 2302 जैसी टाइग्रेस के शावक पानी पीते और खेलते हुए दिखते हैं, जिससे बफर क्षेत्र में वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह एक अद्वितीय और यादगार सफारी बन जाती है।

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