अब तक नहीं बनी स्थानांतरण नीति, बनती तो लाखों कर्मचारियों को मिलता फायदा

Gyan Chand Patni | Sept 25, 2025, 12:42 IST
Share
transfer
transfer

राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के 22 महीने बाद भी सरकारी कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति नहीं बन सकी। विभागों को कई बार निर्देश दिए गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे लाखों कर्मचारियों को फायदा हो सकता था।

राजस्थान में भाजपा सरकार बनने के बाद सरकारी कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति बनाने का वादा किया गया था। इस वादे के तहत सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण से संबंधित एक नई नीति तैयार की जानी थी, जिससे लाखों कर्मचारियों को लाभ हो सकता था। वर्ष 2023 में सरकार के बनने के बाद से इस नीति पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। यह स्थिति तब और चर्चा में आ गई जब हाल ही राजस्थान शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के तबादले हुए। राजस्थान में तबादला नीति कीआवश्यकता महसूस हुई।

विशेष अनुमति से हुए तबादले

राजस्थान सरकार द्वारा निर्देश दिए गए थे कि सभी विभाग स्थानांतरण नीति तैयार करें, लेकिन अब तक कोई भी विभाग अपनी नीति तैयार कर प्रशासनिक सुधार विभाग को नहीं भेज पाया है। इसके बावजूद, हाल ही में शिक्षा विभाग में विशेष अनुमति से प्रधानाचार्यों के तबादलों ने इस मुद्दे को फिर से हवा दी है।

कालीचरण सराफ ने उठाया मामला



राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुधार विभाग को 9 अप्रैल 2024 और 24 मई 2024 को आदेश दिए थे कि सभी विभाग अपनी स्थानांतरण नीति तैयार करें, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं किया गया है। भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने विधानसभा सत्र में इस बारे में सवाल किया, जिसमें सरकार ने जानकारी दी कि विभागों में कार्यवाही अभी प्रक्रियाधीन है।

ये खबरें भी पढ़ें

राजस्थान में हर चौथी महिला के लिए शादी एक बुरा सपना! होना पड़ता घरेलू हिंसा का शिकार

राजस्थान में शिक्षक ने फर्जी डिग्री लगाई, रिटायरमेंट से 7 दिन पहले 32 साल की नौकरी रद्द

प्रस्तावित तबादला नीति के नियम

प्रस्तावित सरकारी कर्मचारी तबादला नीति में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु इस प्रकार हैं:

कर्मचारी की पोस्टिंग: कर्मचारी की पोस्टिंग न्यूनतम दो वर्ष के लिए होनी चाहिए।

रिक्त पदों की सूचना: सभी विभाग 15 जनवरी तक रिक्त पदों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर प्रकाशित करेंगे।

ऑनलाइन आवेदन: कर्मचारी 1 फरवरी से 28 फरवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

स्थानांतरण आदेश: 30 अप्रैल तक स्थानांतरण आदेश जारी किए जाएंगे।

प्राथमिकता: दिव्यांग, विधवा, परित्यक्ता, एकल महिला, पूर्व सैनिक, उत्कृष्ट खिलाड़ी, शहीद के आश्रित कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

विभागीय नियम: जिन विभागों में 2,000 से अधिक कर्मचारी हैं, वे अपनी स्थानांतरण नीति स्वयं तैयार करेंगे।

Transfer Policy से क्या होगा लाभ

राज्य सरकार के अधीन आने वाले 10 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों को इस नीति से सीधा फायदा हो सकता था। यदि यह नीति समय रहते बन जाती, तो कर्मचारियों को अधिक पारदर्शिता और न्यायपूर्ण स्थानांतरण का लाभ मिलता।

यह नीति क्यों लागू नहीं हो सकी

पिछले साल अप्रैल-मई में सभी विभागों को एक महीने के भीतर अपनी नीति तैयार करने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। राज्यपाल सचिवालय, विधानसभा सचिवालय और राज्य निर्वाचन आयोग में यह स्थानांतरण नीति लागू नहीं होगी।

ये खबरें भी पढ़ें

राजस्थान में मानसून विदाई की ओर, दो दिन नहीं अलर्ट, 27 सितंबर से बनेगा नया सिस्टम

पीएम मोदी आज राजस्थान और मध्यप्रदेश को देंगे सौगात, शुरू करेंगे 1.21 लाख करोड़ की परियोजनाएं

क्या कर्मचारियों के स्थानांतरण में कोई बदलाव हो सकता है

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, कर्मचारियों को कम से कम दो वर्ष ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करना अनिवार्य होगा। यदि किसी कर्मचारी को एक स्थान पर तीन वर्ष हो गए हैं, तो उसे प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित किया जा सकेगा। इसके अलावा, गंभीर शिकायत की स्थिति में किसी भी समय स्थानांतरण किया जा सकता है।

FAQ

  1. 1. राजस्थान में स्थानांतरण नीति क्यों नहीं बन सकी?
    राजस्थान में भाजपा सरकार के वादे के बावजूद, स्थानांतरण नीति पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। विभागों को बार-बार निर्देश दिए गए हैं, लेकिन कार्यवाही अब भी प्रक्रियाधीन है।
  2. 2. स्थानांतरण नीति से कर्मचारियों को क्या लाभ होगा?
    इस नीति के लागू होने से कर्मचारियों को न्यायपूर्ण स्थानांतरण मिलेगा, विशेष रूप से दिव्यांग, विधवा और शहीद के आश्रित कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  3. 3. क्या स्थानांतरण नीति में कोई विशेष नियम होंगे?
    प्रस्तावित नीति में कर्मचारियों को न्यूनतम दो वर्ष के लिए ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करना अनिवार्य होगा और गंभीर शिकायत की स्थिति में किसी भी समय स्थानांतरण किया जा सकेगा।


Tags:
  • राजस्थान सरकार
  • सरकारी कर्मचारी
  • Transfer Policy
  • राजस्थान शिक्षा विभाग
  • राजस्थान में तबादला नीति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि