उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को कलेक्टर का नोटिस, वजह हैरान करने वाली
Saurabh Mishra | Aug 14, 2026, 14:33 IST
मन्नालाल रावत को कलेक्टर का नोटिस
जोधपुर निर्वाचन अधिकारी ने उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को कर्मचारी समझकर कार्रवाई का नोटिस भेज दिया। वे 2024 में वीआरएस लेकर सांसद चुने गए थे।
समझें क्या है पूरा मामला
- उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को जोधपुर जिला निर्वाचन अधिकारी से नोटिस मिला।
- नोटिस में चुनाव ड्यूटी में लापरवाही बरतने को लेकर चेतावनी दी गई।
- मन्नालाल रावत का नाम अब तक सरकारी कर्मचारियों की लिस्ट में दर्ज है।
- वे 2024 में VRS लेकर लोकसभा चुनाव लड़े थे और सांसद चुने गए थे।
- नोटिस मिलने पर उदयपुर सांसद मन्नालाल ने सिस्टम पर हैरानी जताई।
सांसद मन्नालाल रावत लोकसभा चुनाव लड़ने से पहले परिवहन विभाग में एडिशनल कमिश्नर थे। वे जोधपुर में भी तैनात रह चुके हैं। मार्च 2024 में उन्होंने वीआरएस लेकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके बाद वे उदयपुर से सांसद चुने गए थे।
इसके बावजूद उनका नाम अब भी जोधपुर जिले के सरकारी कर्मचारियों की सूची में दर्ज है। इसी वजह से उन्हें निर्वाचन विभाग का नोटिस मिल गया।
नोटिस में उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत से क्या मांगा गया?
यह जानकारी सरकारी पोर्टल पर शुक्रवार दोपहर तीन बजे तक अपडेट करनी थी। ऐसा न करने पर इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 134 के तहत अपराध माने जाने की बात लिखी गई थी। इसमें कार्रवाई का प्रावधान भी है।
उदयपुर के भाजपा सांसद मन्नालाल रावत को जोधपुर जिला निर्वाचन अधिकारी से नोटिस मिला
सरकारी कर्मचारियों की सूची अपडेट नहीं होने से हुई गलती
इसी सूची में संयुक्त यातायात कमिश्नर कार्यालय की जानकारी भी अपडेट नहीं थी। नंबर 129 पर पूर्व अधिकारी के तौर पर रावत का नाम होने के कारण उन्हें नोटिस भेज दिया गया।
सांसद मन्नालाल बोले- फोन पर मिली नोटिस की सूचना
उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में भी निर्वाचन विभाग का डेटा तीन साल पुराना चल रहा। उनके मुताबिक इससे पता चलता है कि सिस्टम आम आदमी और कर्मचारियों का डेटा कैसे मेंटेन करता है। इस घटना के बाद पंचायत और निकाय चुनाव की तैयारियों पर भी सवाल उठे हैं।
FAQ
- उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को नोटिस क्यों मिला?
जोधपुर निर्वाचन विभाग की सरकारी कर्मचारियों की लिस्ट में सांसद मन्नालाल रावत का नाम अब भी दर्ज था। इसी वजह से उन्हें कार्रवाई का नोटिस भेजा गया। - सांसद मन्नालाल रावत पहले क्या काम करते थे?
वे परिवहन विभाग में एडिशनल कमिश्नर थे और जोधपुर में भी पोस्टेड रहे। 2024 में वीआरएस लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था। - जोधपुर जिला परिषद सीईओ ने नोटिस को लेकर क्या कहा?
ईएमएस पोर्टल पर सरकारी कर्मचारियों की जानकारी 1 अगस्त तक अपडेट होनी थी, जो नहीं हुई थी। मौजूदा लिस्ट में पूर्व अधिकारी के तौर पर मन्नालाल रावत का नाम होने के कारण नोटिस भेज दिया गया।
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