पुलिस में स्पेशल सेल के नाम पर उगाही का खेल, एसओजी ने कहा, अब हर जिले में एक ही टीम, अफसरों की 'निजी सेना' नहीं होगी मान्य
Jinesh Jain | Mar 16, 2026, 13:44 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के सभी जिलों में स्पेशल टीम है, लेकिन उदयपुर में इसके समानांतर स्पेशल टीम के वसूली खेल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया।
News In Short
- सभी जिलों में पुलिस के भीतर स्पेशल टीम, फिर भी चल रही समानांतर टीमें।
- उदयपुर में ऐसी समानांतर स्पेशल टीम का वसूली खेल सामने आया।
- अब एसओजी ने ऐसी सभी समानांतर स्पेशल टीमों को लिया रडार पर।
- एसओजी ने आदेश जारी कर एक ही जिला स्तरीय स्पेशल टीम को दी मान्यता।
- आदेश में कहा, अगर कोई अवैध स्पेशल टीम मिली तो होगा एक्शन।
News In Detail
हाल ही में एसीबी की कार्रवाई ने उदयपुर में पुलिस महकमे के भीतर चल रहे वसूली सिंडिकेट का खुलासा किया था। हालांकि, उदयपुर की इस घटना के बाद एसओजी पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गया है। एसओजी ने जिलों में पुलिस के भीतर अवैध रूप से गठित स्पेशल टीमों को रडार पर ले लिया है।
उदयपुर में ऐसे सामने आया वसूली का खेल
बाद में यह सौदा 25 हजार रुपये प्रति माह पर तय हुआ। कार्रवाई के दौरान सिपाही तो पकड़ा गया, लेकिन टीम के अन्य सदस्य उप निरीक्षक शक्ति सिंह, हेड कांस्टेबल अर्जुन सिंह और कांस्टेबल अनिल मीणा फरार होने में कामयाब रहे।
किसके आदेश पर बनी टीम?
हाल ही में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भी सार्वजनिक मंच से उदयपुर पुलिस की छवि पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पुलिस की छवि दलालों जैसी बनती जा रही है। यह मामला उनके दावों को पुख्ता करता नजर आ रहा है।
अवैध स्पेशल टीमें भंग करने के निर्देश
आदेश में कहा गया कि जिला स्तर पर केवल जिला विशेष टीम (डीएसटी) के गठन का प्रावधान है। यह देखा गया है कि जिला पुलिस अधीक्षक बदलते ही नई टीमें गठित कर लेते हैं और पुराने को भंग कर देते हैं, जो पूरी तरह अनुचित है। मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि पुलिस मुख्यालय के स्थायी आदेश संख्या 17/2019 के अलावा किसी भी स्तर पर गठित अन्य सभी स्पेशल टीमों को तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाए।
सिस्टम में सुधार की जरूरत
रिटायर्ड पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जब तक जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र मजबूत नहीं होगा और स्पेशल टीमों की जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक वर्दी पर लगने वाले इन दागों को धोना मुश्किल होगा।
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