भोपाल के सरकारी हॉस्टल के खाने में कीड़े और पत्थरबाजी, उमंग सिंघार की CM से मांग
Manya Jain | Apr 06, 2026, 15:32 IST
bhopal-panchsheel nagar girls-hostel-security-issue
भोपाल के पंचशील नगर हॉस्टल में छात्राओं की सुरक्षा और खाने को लेकर बड़ी लापरवाही। उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा। खिड़कियों पर पत्थरबाजी और खराब खाने से छात्राएं डरी हुई हैं।
भोपाल के पंचशील नगर हॉस्टल से डराने वाली खबर आई है। यहां सरकारी कन्या छात्रावास की छात्राएं बहुत परेशान हैं। छात्राओं को खाने में बहुत खराब भोजन दिया जा रहा है। हॉस्टल (girls hostel) की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह फेल हो गई है। रात के समय असामाजिक तत्व खिड़कियों पर पत्थर फेंकते हैं। प्रशासन इस गंभीर मामले पर पूरी तरह चुप बैठा है।
अब इस मुद्दे पर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। हॉस्टल की छात्राएं अब डर के साये में जी रही हैं। सरकार को इस मामले में तुरंत कड़ा एक्शन लेना चाहिए।
रविवार को हॉस्टल में उस समय हड़कंप मच गया, जब अज्ञात असामाजिक तत्वों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस पथराव में गर्ल्स वॉशरूम (Girls Washroom) की कांच की खिड़कियां चकनाचूर हो गई हैं।
छात्राओं का आरोप है कि उनके पास इस पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। इसके बावजूद, स्थानीय पुलिस और प्रशासन हमलावरों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं।
सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की कमी और सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होने के कारण छात्राएं अपने ही हॉस्टल में असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता (Food Quality) इतनी खराब है कि छात्राओं का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। 29 मार्च को परोसी गई खीर में कीड़े तैरते मिले, जिसने प्रबंधन की लापरवाही की पोल खोल दी।
छात्राओं ने जागरूक नागरिक की भूमिका निभाते हुए जब रबर जैसे दिखने वाले पनीर पर 'आयोडीन सॉल्यूशन' डाला, तो वह काला पड़ गया। विज्ञान के अनुसार, यह मिलावट और 'स्टार्च' की पुष्टि करता है। पिछले छह महीनों से छात्राओं को पानी जैसी पतली दाल और कच्ची रोटियां दी जा रही हैं।
इस मामले में मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने ट्वीट करते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा...
भोपाल के शासकीय अनुसूचित जाति गर्ल्स हॉस्टल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। खाने में कीड़े, पनीर रबर जैसा, गर्ल्स वॉशरूम की खिड़कियां पत्थर मारकर असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ना बेहद चिंताजनक है। यह स्थिति न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
छात्राओं ने अपनी समस्याओं को लेकर वार्डन से लेकर सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline ) तक गुहार लगाई, लेकिन समाधान के बजाय उन पर ही मानसिक दबाव (Mental Pressure) बनाया जा रहा है।
ये भी पढ़ें...
GMT की जगह महाकाल स्टैंडर्ड टाइम, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान
वक्फ संपत्तियों पर सर्जिकल स्ट्राइक; 5000 करोड़ के घोटाले की होगी CBI जांच, अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप
अवैध बांग्लादेशी रोकने सांप-मगरमच्छ करेंगे बॉर्डर पर रखवाली, BSF कर रहा सर्वे
जमीन खरीदने से पहले जांच करना खरीददार की जिम्मेदारी, हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
गर्ल्स हॉस्टल में हंगामा
अब इस मुद्दे पर प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने बेटियों की सुरक्षा को लेकर कड़े सवाल उठाए हैं। हॉस्टल की छात्राएं अब डर के साये में जी रही हैं। सरकार को इस मामले में तुरंत कड़ा एक्शन लेना चाहिए।
सुरक्षा में बड़ी चूक: वॉशरूम की खिड़कियों पर पथराव
वीडियो सबूत के बावजूद पुलिस सुस्त
सीसीटीवी कैमरों (CCTV Cameras) की कमी और सुरक्षा गार्डों की तैनाती न होने के कारण छात्राएं अपने ही हॉस्टल में असुरक्षित महसूस कर रही हैं।
रबर जैसा पनीर और कीड़े वाली खीर
orig_9-1_1775434633-354872
पनीर का 'आयोडीन टेस्ट' (Iodine Test of Paneer)
उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा
भोपाल के शासकीय अनुसूचित जाति गर्ल्स हॉस्टल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है। खाने में कीड़े, पनीर रबर जैसा, गर्ल्स वॉशरूम की खिड़कियां पत्थर मारकर असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ना बेहद चिंताजनक है। यह स्थिति न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
भोपाल के शासकीय अनुसूचित जाति गर्ल्स हॉस्टल में एक बार फिर गंभीर लापरवाही सामने आई है खाने में कीड़े, पनीर रबर जैसा, गर्ल्स वॉशरूम की खिड़कियाँ पत्थर मारकर असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ना बेहद चिंताजनक है, यह स्थिति न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ… pic.twitter.com/fBWDNqKLac
— Umang Singhar (@UmangSinghar) April 6, 2026
सिस्टम की नाकामी: शिकायतों को दबाने की कोशिश
- कोरे कागज पर हस्ताक्षर: आरोप है कि वार्डन छात्राओं से कोरे कागज पर यह लिखवा रही हैं कि उन्हें कोई शिकायत नहीं है।
- अभिभावकों पर दबाव: शिकायत वापस लेने के लिए छात्राओं के माता-पिता को बुलाकर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है।
- पुराना इतिहास: इससे पहले 7 नवंबर 2025 को भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन विभाग के आला अधिकारियों ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।
छात्राओं की मांग एफआईआर (FIR): भोजन आपूर्ति करने वाले वेंडर और दोषी मैनेजमेंट पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो। सुरक्षा व्यवस्था: हॉस्टल में 24/7 सुरक्षा गार्ड और हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। स्वास्थ्य जांच: मिलावटी भोजन के कारण छात्राओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच हो। स्वच्छता: किचन और वॉशरूम की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
GMT की जगह महाकाल स्टैंडर्ड टाइम, मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बयान
वक्फ संपत्तियों पर सर्जिकल स्ट्राइक; 5000 करोड़ के घोटाले की होगी CBI जांच, अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप
अवैध बांग्लादेशी रोकने सांप-मगरमच्छ करेंगे बॉर्डर पर रखवाली, BSF कर रहा सर्वे
जमीन खरीदने से पहले जांच करना खरीददार की जिम्मेदारी, हाईकोर्ट ने सुनाया महत्वपूर्ण फैसला
गर्ल्स हॉस्टल में हंगामा
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari