इंदौर महापौर का करीबी बताने वाले भागवत का ऑडियो, अधिकारी के नाम पर दो लाख की डील
Sanjay Gupta | Mar 16, 2026, 12:55 IST
indore mayor aide pawan bhagwat bribery audio scandal municipal corporation
इंदौर नगर निगम में खुद को महापौर पुष्यमित्र भार्गव का करीबी बताने वाले एक व्यक्ति ने अधिकारी के नाम पर खेल कर दिया। एक ऑडियो में वह इंदौर के बड़े अधिकारी के नाम पर डील करते सुना गया।
इंदौर में कार्रवाई करने, नोटिस देने और फिर इसे रोकने के नाम पर रिश्वत का खेल पुराना है। भवन अधिकारी और इंस्पेक्टर के नाम पर यह लंबे समय से चल रहा है। अब ताजा मामला हवा बंगला जोन 14 से सामने आया है।
इसमें बेसमेंट के नाम पर सील दुकान पर कार्रवाई रुकवाने के लिए पवन भागवत नाम के व्यक्ति से भवन मालिक की बात होती है। यह भागवत खुद को महापौर पुष्यमित्र भार्गव का करीबी बताता है। इस ऑडियो में इंदौर के एक बड़े अधिकारी की बात कही जाती है। उनके नाम पर दो लाख रुपए मांगे जाते हैं। हालांकि अधिकारी का नाम खुलकर सामने नहीं आता है।
हवा बंगला जोन में एक मकान के नीचे बेसमेंट में दुकान बनी है। इसे किराए पर दिया गया है। इसे बंद करने के लिए एरिया के भवन अधिकारी वैभव देवलासे का फोन जाता है कि इसे बंद करो, यह गैरकानूनी है। लेकिन कोई नोटिस जारी नहीं होता है।
इसके बाद नगर निगम बिल कलेक्टर सीबी सिंह राजपूत अगले दिन जाकर कागज चिपकाकर इसे सील कर देते हैं। दुकान से सामान भी नहीं निकालने दिया जाता है। इसके बाद भवन मालिक इसे खुलवाने के लिए संपर्क करता है और उसके संपर्क में पवन भागवत आता है। इसके बाद कई बार उससे फोन पर बात होती है।
मालिक- हां पवन भैय्या।
पवन- भैय्या नीचे बेसमेंट जो चल रहा है, तो रिस्पांस है या नहीं? फिर वैसी बात करूं।
मालिक- हां अच्छा चल रहा है, 20 हजार किराया मिलता है।
पवन- यदि रिस्पांस मिलता है तो ठीक, नहीं तो पार्किंग में तब्दील कर दो, क्योंकि वह राशि बहुत ज्यादा बोल रहे हैं।
मालिक- आप जैसा बोलो, कुछ लेना-देना हो तो कर लेंगे।
पवन- दो लाख रुपए बोल रहे हैं।
मालिक- दो लाख तो बहुत ज्यादा हैं भैय्या, ऐसे तो खाली पड़ा रहने देंगे।
पवन- फिर ऐसे ही चलने दो, मैंने अभी अधिकारी से डायरेक्ट बात नहीं की है।
मालिक- कोई ऊपर से परेशान कर रहा है भैय्या। मैं परेशान हो रहा था। मैंने पता किया तो एक ने बताया कि भैय्या अपने महापौर भार्गव जी के खास हैं। उनसे बात करता हूं, फिर आपसे बात की।
पवन- ठीक है, चलाओ अभी। मैं बोल देता हूं।
मालिक- पवन भैय्या, वहीं आएंगे क्या लेने?
पवन- नहीं, वह नहीं आएंगे। वह तो अधिकारी हैं।
मालिक- तो क्या देना है, खर्चा-पानी?
पवन- वह 50 का बोल रहा था, 30-35 दे देना।
मालिक- क्या रसीद वगैरह देंगे वो?
पवन- अरे इसकी रसीद थोड़ी देते हैं। कोई परेशान नहीं करेगा।
मालिक- थोड़ा कम कराओ ना भैय्या।
पवन- अरे इसमें बार्गेनिंग नहीं होती है। मुझसे पूछ रहे थे कि आपको क्या देना है, तो मैं थोड़ी कुछ लूंगा। और वह इंदौर का बड़ा अधिकारी है। कोई छोटा-मोटा रहता तो यूं ही टरका देता।
मालिक- भैय्या थोड़ा कम कराओ ना। पहचाना क्या आपने मुझे? पुराने साथी हैं। शैलू भैय्या, आयुष रावल जी से तो अपन दिन भर मिलते रहते हैं, लेकिन विषय छोटा है तो आपको फोन लगाया।
मालिक- हां पवन जी।
पवन- हां, हो गई है बात। उसे खर्चा-पानी दे देना। अब नहीं आएगा। निगम से एक लड़का आ जाएगा, उसे दे देना। मैंने बोल दिया है, चले जाना, आपका सम्मान कर देंगे वो।
मालिक- ठीक है, आप पहुंचा दीजिए, मैं आपको फोन लगा दूंगा।
इस मामले में निगमायुक्त (आईएएस क्षितिज सिंघल) कहते हैं कि ऑडियो और तथ्यों की जांच करेंगे। वहीं भवन अधिकारी देवलासे कहते हैं कि इसे नोटिस दिया था। मुहिम कलेक्टर और निगमायुक्त के कहने पर हो रही है। पवन भागवत कौन है, इसकी जानकारी नहीं है।
वहीं पवन भागवत का कहना है कि मेरी भवन स्वामी से बात हुई थी, लेकिन रिश्वत और डील वाली कोई बात नहीं हुई है। यह गलत है। वह मुझसे मदद मांग रहे थे, तब मैंने मना कर दिया था कि मैं इसमें क्या कर सकता हूं।
ये खबर भी पढ़िए...
इंदौर में कांग्रेस ने करोड़पति कार्यकर्ता को दिखा गरीब, अर्धनग्न सिलेंडर पकड़ कराया प्रदर्शन
इंदौर यशवंत क्लब के बाहर नगर निगम ने ढोल बजवा करवा दी मुनादी, 2.64 करोड़ संपत्ति कर बकाया
इंदौर न्यूज: बढ़ेगी प्रॉपर्टी गाइडलाइन , 1593 लोकेशन पर 21 से 50 फीसदी बढ़ाने की मंजूरी
MP News: इंदौर में अब अंडरग्राउंड मेट्रो विवादों में, बिना मुआवजा इसे बताया अवैध, हाईकोर्ट में याचिका
इसमें बेसमेंट के नाम पर सील दुकान पर कार्रवाई रुकवाने के लिए पवन भागवत नाम के व्यक्ति से भवन मालिक की बात होती है। यह भागवत खुद को महापौर पुष्यमित्र भार्गव का करीबी बताता है। इस ऑडियो में इंदौर के एक बड़े अधिकारी की बात कही जाती है। उनके नाम पर दो लाख रुपए मांगे जाते हैं। हालांकि अधिकारी का नाम खुलकर सामने नहीं आता है।
यह है मामला
इसके बाद नगर निगम बिल कलेक्टर सीबी सिंह राजपूत अगले दिन जाकर कागज चिपकाकर इसे सील कर देते हैं। दुकान से सामान भी नहीं निकालने दिया जाता है। इसके बाद भवन मालिक इसे खुलवाने के लिए संपर्क करता है और उसके संपर्क में पवन भागवत आता है। इसके बाद कई बार उससे फोन पर बात होती है।
एक नहीं, तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग
रिकॉर्डिंग नंबर 1-
पवन- भैय्या नीचे बेसमेंट जो चल रहा है, तो रिस्पांस है या नहीं? फिर वैसी बात करूं।
मालिक- हां अच्छा चल रहा है, 20 हजार किराया मिलता है।
पवन- यदि रिस्पांस मिलता है तो ठीक, नहीं तो पार्किंग में तब्दील कर दो, क्योंकि वह राशि बहुत ज्यादा बोल रहे हैं।
मालिक- आप जैसा बोलो, कुछ लेना-देना हो तो कर लेंगे।
पवन- दो लाख रुपए बोल रहे हैं।
मालिक- दो लाख तो बहुत ज्यादा हैं भैय्या, ऐसे तो खाली पड़ा रहने देंगे।
पवन- फिर ऐसे ही चलने दो, मैंने अभी अधिकारी से डायरेक्ट बात नहीं की है।
मालिक- कोई ऊपर से परेशान कर रहा है भैय्या। मैं परेशान हो रहा था। मैंने पता किया तो एक ने बताया कि भैय्या अपने महापौर भार्गव जी के खास हैं। उनसे बात करता हूं, फिर आपसे बात की।
पवन- ठीक है, चलाओ अभी। मैं बोल देता हूं।
रिकॉर्डिंग 2-
पवन- नहीं, वह नहीं आएंगे। वह तो अधिकारी हैं।
मालिक- तो क्या देना है, खर्चा-पानी?
पवन- वह 50 का बोल रहा था, 30-35 दे देना।
मालिक- क्या रसीद वगैरह देंगे वो?
पवन- अरे इसकी रसीद थोड़ी देते हैं। कोई परेशान नहीं करेगा।
मालिक- थोड़ा कम कराओ ना भैय्या।
पवन- अरे इसमें बार्गेनिंग नहीं होती है। मुझसे पूछ रहे थे कि आपको क्या देना है, तो मैं थोड़ी कुछ लूंगा। और वह इंदौर का बड़ा अधिकारी है। कोई छोटा-मोटा रहता तो यूं ही टरका देता।
मालिक- भैय्या थोड़ा कम कराओ ना। पहचाना क्या आपने मुझे? पुराने साथी हैं। शैलू भैय्या, आयुष रावल जी से तो अपन दिन भर मिलते रहते हैं, लेकिन विषय छोटा है तो आपको फोन लगाया।
रिकॉर्डिंग 3-
पवन- हां, हो गई है बात। उसे खर्चा-पानी दे देना। अब नहीं आएगा। निगम से एक लड़का आ जाएगा, उसे दे देना। मैंने बोल दिया है, चले जाना, आपका सम्मान कर देंगे वो।
मालिक- ठीक है, आप पहुंचा दीजिए, मैं आपको फोन लगा दूंगा।
क्या बोल रहे हैं जिम्मेदार
इस मामले में निगमायुक्त (आईएएस क्षितिज सिंघल) कहते हैं कि ऑडियो और तथ्यों की जांच करेंगे। वहीं भवन अधिकारी देवलासे कहते हैं कि इसे नोटिस दिया था। मुहिम कलेक्टर और निगमायुक्त के कहने पर हो रही है। पवन भागवत कौन है, इसकी जानकारी नहीं है।
वहीं पवन भागवत का कहना है कि मेरी भवन स्वामी से बात हुई थी, लेकिन रिश्वत और डील वाली कोई बात नहीं हुई है। यह गलत है। वह मुझसे मदद मांग रहे थे, तब मैंने मना कर दिया था कि मैं इसमें क्या कर सकता हूं।
ये खबर भी पढ़िए...
इंदौर में कांग्रेस ने करोड़पति कार्यकर्ता को दिखा गरीब, अर्धनग्न सिलेंडर पकड़ कराया प्रदर्शन
इंदौर यशवंत क्लब के बाहर नगर निगम ने ढोल बजवा करवा दी मुनादी, 2.64 करोड़ संपत्ति कर बकाया
इंदौर न्यूज: बढ़ेगी प्रॉपर्टी गाइडलाइन , 1593 लोकेशन पर 21 से 50 फीसदी बढ़ाने की मंजूरी
MP News: इंदौर में अब अंडरग्राउंड मेट्रो विवादों में, बिना मुआवजा इसे बताया अवैध, हाईकोर्ट में याचिका
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA