कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघिन सुनैना की मौत, गहरे घावों से टेरिटोरियल फाइट की आशंका, फॉरेंसिक जांच शुरू

Jitendra Shrivastava | Apr 05, 2026, 20:06 IST
Share
tigress sunaina t122 death
Photograph: (THESOOTR)

MANDLA. कान्हा टाइगर रिजर्व की मशहूर बाघिन सुनैना T-122 की मौत आपसी संघर्ष में हुई। शरीर पर गहरे घाव मिले, NTCA नियमों से अंतिम संस्कार किया गया।

News In Short

  • बाघिन सुनैना T-122 की आपसी संघर्ष में मौत।
  • शरीर पर गहरे घाव, शिकार की आशंका नहीं।
  • बिसरा सैंपल फॉरेंसिक लैब को भेजे गए।
  • NTCA नियमों के तहत अंतिम संस्कार हुआ।
  • कान्हा में बाघिन देखने देश-विदेश से आते थे।

News In Detail

मध्य प्रदेश के मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में बाघिन की मौत हो गई है। कान्हा की सबसे चर्चित और पर्यटकों की पसंदीदा बाघिन सुनैना (T-122) अब नहीं रही। कन्हारी बीट में उसका शव मिला। शरीर पर गहरे घावों से विशेषज्ञों को टेरिटोरियल फाइट (territorial fight) में मौत की आशंका है। वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है।

बाघिन सुनैना का शव मिला

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में एक दुखद घटना हुई। कान्हा रेंज की कन्हारी बीट में सिझोरा रोड के पास बाघिन सुनैना (T-122) का शव मिला।

इस खबर से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। बाघिन करीब 10 साल की थी। सुनैना कान्हा की सबसे मशहूर और चर्चित बाघिनों में से एक थी। देश-विदेश के पर्यटक उसे देखने खिंचे चले आते थे।

टेरिटोरियल फाइट में गई जान

शव मिलते ही फील्ड डायरेक्टर रविन्द्र मणि त्रिपाठी और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे इलाके की बारीकी से जांच की गई। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट (post-mortem report) में बाघिन के शरीर पर गहरे घाव मिले।

विशेषज्ञों का मानना है कि सुनैना की मौत किसी दूसरे बाघ के साथ हुए टेरिटोरियल फाइट (territorial fight) की वजह से हुई। बाघ अपना इलाका बचाने के लिए अक्सर आपस में लड़ते हैं।

शिकार की आशंका नहीं

जांच के दौरान राहत देने वाली बात यह सामने आई। बाघिन सुनैना के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। इससे शिकार (poaching) जैसी किसी भी साजिश की आशंका से साफ इनकार किया गया। वन विभाग ने इस बात की पुष्टि की।

हालांकि, मौत की असली वजह जानने के लिए विसरा के सैंपल फॉरेंसिक लैब (forensic lab) भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

NTCA नियमों से अंतिम संस्कार

बाघिन सुनैना को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA - National Tiger Conservation Authority) के नियमों के तहत उसका अंतिम संस्कार किया गया।

इस मौके पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सुनैना की मौत से कान्हा टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटक भी दुखी हैं। वन विभाग ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

कान्हा की शान थी सुनैना

कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है। यह बाघ संरक्षण (tiger conservation) के लिए विश्वभर में जाना जाता है।

सुनैना यहां की सबसे लोकप्रिय बाघिन थी। उसकी मौजूदगी सफारी (safari) के दौरान पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होती थी। उसकी मौत से न केवल जैव विविधता (biodiversity) को नुकसान हुआ है, बल्कि कान्हा की पहचान भी कुछ कम हुई है।

वन विभाग की जांच जारी

वन विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। फॉरेंसिक जांच (forensic investigation) के नतीजे आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होगा। इस बीच अधिकारियों ने आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।

कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा (tiger protection) के लिए अतिरिक्त दल तैनात किया गया है। सुनैना की मौत वन्यजीव संरक्षण (wildlife conservation) की चुनौतियों को एक बार फिर सामने लाती है।

ये खबरें भी पढ़ें...

झांसी-ओरछा दक्षिणी बाईपास: बुंदेलखंड की तरक्की का नया रास्ता, 631 करोड़ की सौगात

विधायक संजय पाठक की बड़ी घोषणा : 51% से कम वोट मिले तो देंगे इस्तीफा

ACS रश्मि अरुण शमी ने दिया नया टारगेट, तीन महीने में दो गुना करें PNG कनेक्शन

रतलाम में ड्रग फैक्ट्री के 4 आरोपियों की 16 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति फ्रीज, SAFEMA कोर्ट का आदेश



Tags:
  • NTCA
  • कान्हा टाइगर रिजर्व
  • बाघिन की मौत
  • मंडला
  • वन्यजीव संरक्षण
  • फॉरेंसिक जांच
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती