एमपी में महंगाई भत्ते को डकार गई एमपी की पूर्व सरकारें, 15 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान
Aman Vaishnav | Mar 28, 2026, 13:59 IST
mp government employees da loss bjp congress report
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर आई है। आरोप है कि पिछले 23 सालों में सरकारों ने महंगाई भत्ते में भारी भरकम राशि बचाई है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही सरकारों ने कर्मचारियों को समय पर एरियर और भत्ता नहीं दिया।
मध्य प्रदेशमें पिछले 23 सालों में कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) के रूप में 15 हजार 345 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। आरोप लगाया जा रहा है कि कांग्रेस सरकारऔर भाजपा सरकारदोनों ने ही केंद्र सरकार की तय तारीख के हिसाब से महंगाई भत्ता नहीं दिया। इसके चलते लाखों कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
इस मुद्दे में पूर्व मुख्यमंत्रियों दिग्विजय सिंह, कमल नाथ, उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल पर सवाल उठाए गए हैं।
यह मामला सिर्फ कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। पेंशनर्स और परिवार पेंशनधारकों को भी समय पर महंगाई राहत (DR) नहीं मिल रही है।
अब मोहन सरकार पर भी आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि पेंशनर्स को जनवरी 2026 से राहत दी गई जबकि यह राहत जुलाई 2025 से मिलनी चाहिए थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पांचवें और छठे वेतनमान के दौरान करीब 11 हजार 970 करोड़ रुपए का महंगाई भत्ता समय पर नहीं दिया गया। हालांकि बाद में ये भत्ता दिया गया, लेकिन केंद्र की तय तारीख से देर होने के कारण कर्मचारियों को एरियर का पूरा फायदा नहीं मिल पाया।
सातवें वेतनमान में जुलाई 2019 से सितंबर 2021 तक 27 महीने का 5% महंगाई भत्ता नहीं दिया गया। इस दौरान पहले पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (कांग्रेस) की सरकार थी।
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान (पूर्व मुख्यमंत्री) की भाजपा सरकार आई लेकिन भत्ता नहीं जारी किया गया। इस कारण से कर्मचारियों को करीब तीन हजार 375 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
आरोप है कि जनवरी 2002 से दिसंबर 2003 तक जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे, उस दौरान करीब 24 महीने तक महंगाई भत्ता नहीं दिया गया। इससे कर्मचारियों को लगभग एक हजार 260 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
दिसंबर 2003 के बाद (पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा) उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में महंगाई भत्ता तो दिया गया, लेकिन केंद्र की तय दर और तारीख से नहीं दिया गया। इसके कारण छठे वेतनमान में करीब 10 हजार 710 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
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पूर्व मुख्यमंत्रियों पर उठाए सवाल
यह मामला सिर्फ कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है। पेंशनर्स और परिवार पेंशनधारकों को भी समय पर महंगाई राहत (DR) नहीं मिल रही है।
अब मोहन सरकार पर भी आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि पेंशनर्स को जनवरी 2026 से राहत दी गई जबकि यह राहत जुलाई 2025 से मिलनी चाहिए थी।
11 हजार करोड़ का महंगाई भत्ता समय पर नहीं
कर्मचारियों को करोड़ों का नुकसान
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान (पूर्व मुख्यमंत्री) की भाजपा सरकार आई लेकिन भत्ता नहीं जारी किया गया। इस कारण से कर्मचारियों को करीब तीन हजार 375 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
दिग्विजय के सिंह समय 24 महीने तक महंगाई भत्ता नहीं
छठे वेतनमान में करोड़ों का नुकसान
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री उमाशंकर तिवारी के मुताबिक, कांग्रेस और भाजपा दोनों सरकारों ने केंद्र के हिसाब से समय पर महंगाई भत्ता नहीं दिया। इसका सीधा असर कर्मचारियों की जेब पर पड़ा है। इससे उन्हें करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।
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