शारदीय नवरात्रि का छठा दिन: अन्याय और ट्रोल्स के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती हैं मां कात्यायनी, जानें महिषासुरमर्दिनी की अमर कथा
शारदीय नवरात्रि का छठा दिन: अन्याय और ट्रोल्स के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती हैं मां कात्यायनी, जानें महिषासुरमर्दिनी की अमर कथा

16 Oct 2026

By Kaushiki

Shardiya Navratri 2026: 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। छठा दिन महिषासुरमर्दिनी मां कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। यह दिन अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों की सुरक्षा का संदेश मिलता है। भक्ति से साहस, कार्यकुशलता और शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

Shardiya Navratri 2026: 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। छठा दिन महिषासुरमर्दिनी मां कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। यह दिन अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों की सुरक्षा का संदेश मिलता है। भक्ति से साहस, कार्यकुशलता और शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

शारदीय नवरात्रि का छठा दिन: अन्याय और ट्रोल्स के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती हैं मां कात्यायनी, जानें महिषासुरमर्दिनी की अमर कथा
शारदीय नवरात्रि का छठा दिन: अन्याय और ट्रोल्स के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती हैं मां कात्यायनी, जानें महिषासुरमर्दिनी की अमर कथा

16 Oct 2026

By Kaushiki

Shardiya Navratri 2026: 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। छठा दिन महिषासुरमर्दिनी मां कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। यह दिन अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों की सुरक्षा का संदेश मिलता है। भक्ति से साहस, कार्यकुशलता और शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

Shardiya Navratri 2026: 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। छठा दिन महिषासुरमर्दिनी मां कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। यह दिन अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों की सुरक्षा का संदेश मिलता है। भक्ति से साहस, कार्यकुशलता और शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

शारदीय नवरात्रि का छठा दिन: अन्याय और ट्रोल्स के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती हैं मां कात्यायनी, जानें महिषासुरमर्दिनी की अमर कथा
शारदीय नवरात्रि का छठा दिन: अन्याय और ट्रोल्स के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती हैं मां कात्यायनी, जानें महिषासुरमर्दिनी की अमर कथा

16 Oct 2026

By Kaushiki

Shardiya Navratri 2026: 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। छठा दिन महिषासुरमर्दिनी मां कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। यह दिन अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों की सुरक्षा का संदेश मिलता है। भक्ति से साहस, कार्यकुशलता और शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

Shardiya Navratri 2026: 16 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। छठा दिन महिषासुरमर्दिनी मां कात्यायनी को समर्पित माना जाता है। यह दिन अन्याय और शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाता है। जड़ी-बूटियों, प्राकृतिक संसाधनों और जंगलों की सुरक्षा का संदेश मिलता है। भक्ति से साहस, कार्यकुशलता और शादी से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।

CJP के लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन से पहले कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क बंद, दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
CJP के लहरा दो तिरंगा प्रदर्शन से पहले कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क बंद, दिल्ली पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

16 Oct 2026

By Sandeep Kumar

दिल्ली के कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 अक्टूबर को बंद रहेगा। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने इसी पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन बुलाया था। शुक्रवार शाम 5 बजे लोगों को तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की गई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इलाके में धारा 163 लागू है। पुलिस ने चुनिंदा 11 लोगों को तिरंगा लहराने की अनुमति देने की बात कही है।

दिल्ली के कनॉट प्लेस का सेंट्रल पार्क 16 अक्टूबर को बंद रहेगा। दरअसल कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने इसी पार्क में 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन बुलाया था। शुक्रवार शाम 5 बजे लोगों को तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की गई थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक इलाके में धारा 163 लागू है। पुलिस ने चुनिंदा 11 लोगों को तिरंगा लहराने की अनुमति देने की बात कही है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी, पर्यटक देख सकेंगे वन्यजीवों का रोमांच
अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से शुरू होगी जंगल सफारी, पर्यटक देख सकेंगे वन्यजीवों का रोमांच

15 Oct 2026

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से जंगल सफारी शुरू होगी। पर्यटक एक बार फिर जंगल की सैर कर सकेंगे। यहां बाघों के साथ कई दूसरे जंगली जानवरों को देखने का मौका मिलेगा। पर्यटकों के लिए सफारी वाहनों और ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। रिजर्व प्रबंधन ने बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।

छत्तीसगढ़ के अचानकमार टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर से जंगल सफारी शुरू होगी। पर्यटक एक बार फिर जंगल की सैर कर सकेंगे। यहां बाघों के साथ कई दूसरे जंगली जानवरों को देखने का मौका मिलेगा। पर्यटकों के लिए सफारी वाहनों और ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। रिजर्व प्रबंधन ने बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई है।