हर दिन १५ घंटे लाइब्रेरी में पढ़ाई कर पहले प्रयास में बन गए आईएएस सृजन वर्मा
Abhilasha Saksena Chakraborty | Nov 24, 2025, 14:34 IST
IAS Srijan Verma
प्रयागराज के सृजन वर्मा ने आईआईटी से बी टैक के बाद प्राइवेट सेक्टर में नौकरी की जगह प्रशासन में आने का फैसला किया। कड़ी मेहनत से उन्होंने पहले ही प्रयास में ३९वीं रैंक हासिल की।
किसी भी बड़ी सफलता के पीछे बरसों की मेहनत, संघर्ष और दृढ़ संकल्प छिपा होता है। प्रयागराज के सृजन वर्मा की कहानी भी ऐसी ही प्रेरक यात्रा है। सीमित संसाधनों के बीच पले-बढ़े सृजन ने लगन और अनुशासन से आईएएस बनने का सपना पूरा किया। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने 39वीं रैंक हासिल की।
आईएएस सृजन वर्मा बताते हैं कि उनकी पढ़ाई की नींव प्रयागराज के सेंट जोसेफ कॉलेज से पड़ी। ICSE बोर्ड में हाईस्कूल तक उनके 60% नंबर के आसपास रहे। लेकिन जैसे-जैसे कक्षाएं आगे बढ़ीं, मेहनत बढ़ती गई।
हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में 80% अंक लाकर उन्होंने खुद को साबित किया। इसके बाद IIT धनबाद में चयन हुआ। यहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी टेक किया।आईआईटी में कदम रखते ही सृजन की दुनिया बदल गई।
नए माहौल, नई सीख और नए अवसरों के बीच उन्होंने अपने अंदर छिपी क्षमता को पहचाना। यहीं तय कर लिया कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है।
ये भी पढ़ें:
नई पेंशन स्कीम के NPS और OPS में बंट गए मध्यप्रदेश के IAS अफसर
IAS Srijan Verma का चयन वर्ष 2018 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (IES) में हुआ था। यह किसी भी इंजीनियर का सपना माना जाता है। लेकिन, सृजन का लक्ष्य इससे बड़ा था। ट्रेनिंग के बीच से समय निकालकर उन्होंने एक साल UPSC के लिए समर्पित किया।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को ही अपना वैकल्पिक विषय चुना और पूरी ईमानदारी से तैयारी की।वे बताते हैं कि देश और समाज की सेवा का मौका मिलना सबसे बड़ा सम्मान है। सृजन बताते हैं कि उन्होंने पहले ही सोच रखा था कि वो दो प्रयास से ज्यादा नहीं दूंगा। लेकिन, 2020 में पहले ही प्रयास में उनका चयन हो गया। AIR-39 के साथ वो आईएएस बन गये।
सृजन की तैयारी उनकी कड़ी दिनचर्या का परिणाम थी। वे हर रोज सुबह 7 बजे लाइब्रेरी पहुंच जाते और रात 10 बजे के बाद ही लौटते। उनका मानना था कि कई मित्रों के साथ मिलकर पढ़ने से न सिर्फ वातावरण बना रहता, बल्कि निरंतरता भी बनी रहती।कोविड के दौरान जब लाइब्रेरी बंद हुई, तो उन्होंने घर पर रहकर तैयारी की। यह समय कठिन था मगर उन्होंने धैर्य नहीं खोया।
पढ़ाई के अलावा सृजन को क्रिकेट और चेस खेलना बेहद पसंद है। वे स्कूल की क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे हैं और सचिन तेंदुलकर को अपना हीरो मानते हैं। उनका कहना है नौकरी मिलने के बाद चेस को प्रोफेशनल स्तर पर खेलने की सोच रखी है।
![IAS Srijan Verma]()
ये भी पढ़ें:
आईएएस तपस्या परिहार ने सेल्फ-स्टडी और सही रणनीति से दूसरे प्रयास में हासिल की 2३वीं रैंक
इंटरव्यू के दौरान अचानक पास की एक बिल्डिंग में एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। एक व्यक्ति बेहोश भी हो गया। इंटरव्यू बोर्ड के एक सदस्य ने यह दृश्य देखकर सृजन से पूछा कि अगर आपके सामने यह स्थिति हो तो आप इसे कैसे संभालेंगे?मेरा अपना विषय होने के कारण मैंने अच्छे से उत्तर दे दिया।
ये भी पढ़ें:
IAS और IPS के अलावा Administrative Sector Jobs के ये ऑप्शन देंगे बढ़िया फ्यूचर
सृजन को गाने सुनने का शौक है। वो बताते हैं कि कई बार लो फील होता था, पढ़ने का बिलकुल मन नहीं करता था। ऐसे में वो सुनते थे। इससे मूड ठीक हो जाता था और फिर दोबारा पढ़ना शुरू कर देते थे।
![IAS srijan]()
ये भी पढ़ें:
हिंसा के समय खुद लाठी लेकर फील्ड में उतर पड़ी थीं दबंग आईएएस छवि भारद्वाज
नाम: सृजन वर्मा
IAS सृजन वर्मा वर्तमान में बुरहानपुर में सीईओ (CEO) और एडिशनल कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। वो शाजपुर और सिंगरोली में एसडीओ भी रह चुके हैं।
अनुशासन, निरंतर मेहनत और सही दिशा, इन तीन स्तंभों पर खड़े होकर सृजन वर्मा ने पहले ही प्रयास में IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी यात्रा हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में 80% अंक लाकर उन्होंने खुद को साबित किया। इसके बाद IIT धनबाद में चयन हुआ। यहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी टेक किया।आईआईटी में कदम रखते ही सृजन की दुनिया बदल गई।
नए माहौल, नई सीख और नए अवसरों के बीच उन्होंने अपने अंदर छिपी क्षमता को पहचाना। यहीं तय कर लिया कि उन्हें सिविल सेवा में जाना है।
ये भी पढ़ें:
नई पेंशन स्कीम के NPS और OPS में बंट गए मध्यप्रदेश के IAS अफसर
पहले IES में हुआ चयन
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को ही अपना वैकल्पिक विषय चुना और पूरी ईमानदारी से तैयारी की।वे बताते हैं कि देश और समाज की सेवा का मौका मिलना सबसे बड़ा सम्मान है। सृजन बताते हैं कि उन्होंने पहले ही सोच रखा था कि वो दो प्रयास से ज्यादा नहीं दूंगा। लेकिन, 2020 में पहले ही प्रयास में उनका चयन हो गया। AIR-39 के साथ वो आईएएस बन गये।
सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक अनुशासित दिनचर्या
क्रिकेट और चेस के हैं शौकीन
IAS Srijan Verma
ये भी पढ़ें:
आईएएस तपस्या परिहार ने सेल्फ-स्टडी और सही रणनीति से दूसरे प्रयास में हासिल की 2३वीं रैंक
इंटरव्यू में प्रक्टिकल नॉलेज का होता है टेस्ट
ये भी पढ़ें:
IAS और IPS के अलावा Administrative Sector Jobs के ये ऑप्शन देंगे बढ़िया फ्यूचर
पढ़ने का मन नहीं होता था तो सुनते थे गाने
IAS srijan
ये भी पढ़ें:
हिंसा के समय खुद लाठी लेकर फील्ड में उतर पड़ी थीं दबंग आईएएस छवि भारद्वाज
यूपीएससी के अभ्यर्थियों के लिए टिप्स
- ऐसी जगह पर रहें जहां डिस्टर्बेंस कम हो।
- टेक्नोलॉजी का सही उपयोग करें।
- सोशल मीडिया से उपयोगी कंटेंट देखें और बाकी से दूर रहें।
- करेंट अफेयर्स के लिए अखबार और पत्रिकाऐं नियमित पढ़ें।
- इंटरव्यू के लिए एक-दो लोगों के साथ चर्चा करते रहें। यह आपकी नॉलेज का नहीं पर्सनालिटी का टेस्ट है।
- अपनी प्रोग्रेस को समय-समय पर ट्रैक करते रहें।
- प्लान B भी साथ रखें। कई बार क़िस्मत साथ नहीं देने से सब कुछ करने के बाद भी सफलता हाथ नहीं लगती हैं।
करियर एक नजर
नाम: सृजन वर्मा
जन्मस्थान: प्रयागराज
एजुकेशन: बी टैक
बैच: 2020
कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
अनुशासन, निरंतर मेहनत और सही दिशा, इन तीन स्तंभों पर खड़े होकर सृजन वर्मा ने पहले ही प्रयास में IAS बनने का सपना पूरा किया। उनकी यात्रा हर उस युवा के लिए प्रेरणा है जो लगन से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।
FAQ
- IAS सृजन वर्मा की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा प्रयागराज के सेंट जोसेफ कॉलेज से की। इसके बाद उनका चयन IIT धनबाद में हुआ जहाँ उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.Tech किया। - IAS बनने से पहले सृजन वर्मा की पहली नौकरी क्या थी?
IAS बनने से पहले सृजन का चयन वर्ष 2018 में इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज़ (IES) में हुआ था। वे पहले IES अधिकारी बने और बाद में UPSC की तैयारी कर IAS बने। - सृजन वर्मा ने UPSC की तैयारी कैसे की?
सृजन रोज़ सुबह 7 बजे लाइब्रेरी जाते और रात 10 बजे लौटते थे। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना और लगातार उत्तर लेखन व नियमित रिवीजन पर फोकस किया। COVID के दौरान भी वे घर पर लगन से पढ़ते रहे।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari