कार हादसे में माता-पिता को खोया, तीन बार हारकर चौथे प्रयास में बने आईएएस टी प्रतीक राव

Abhilasha Saksena Chakraborty | Dec 28, 2025, 16:47 IST
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IAS T Prateek Rao
IAS T Prateek Rao

टी. प्रतीक राव असफलताओं, निजी त्रासदी और आत्मसंघर्ष के बावजूद हार न मानने की मिसाल हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ रचनात्मकता और संवेदनशीलता को अपनाकर उन्होंने एक प्रेरक आईएएस अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।

मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी टी. प्रतीक राव उन चुनिंदा अफसरों में से हैं, जिनकी पहचान केवल प्रशासनिक कुशलता तक सीमित नहीं है। वह एक क्रिकेटर हैं, फोटोग्राफर हैं, संगीत प्रेमी हैं और गिटार बजाने के साथ-साथ अपने अनुभवों पर आधारित गीत लिखते और गाते भी हैं। इसके अलावा, कहानियां लिखना भी उनके व्यक्तित्व का अहम हिस्सा है। उनका मानना है कि अगर रोज किसी एक व्यक्ति तक भी अपनी बात पहुंचा दी जाए, तो वही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

शैक्षणिक प्रष्ठभूमि

आईएएस टी प्रतीक राव ने कर्नाटक के सूरतकल स्थित NIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने IIM कोलकाता से एमबीए किया। पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने अकादमिक्स, खेल और रचनात्मक रुचियों के बीच हमेशा संतुलन बनाए रखा।

आईआईएम से पढ़ाई पूरी करने के बाद टी. प्रतीक राव की नौकरी बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में लग गई थी। उन्होंने लगभग एक वर्ष तक कॉरपोरेट सेक्टर में काम किया। लेकिन इसी दौरान उन्हें यह एहसास हुआ कि उनके व्यक्तित्व और उद्देश्य के लिए सिविल सर्विस ही सही राह है।

यह उनके पिता का भी सपना था, हालांकि कभी उन पर दबाव नहीं डाला गया। इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।

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तीन बार असफल हुए लेकिन हार नहीं मानी

आईएएस टी. प्रतीक राव ने 2017 में यूपीएससी (UPSC) परीक्षा का पहला प्रयास दिया। वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन चयन से सिर्फ 30 अंकों से चूक गए। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 2018 में दूसरे प्रयास में भी वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन इस बार सिर्फ 4 अंकों से चयन नहीं हो पाया।

लगातार दो असफलताओं के बाद भी उनका आत्मविश्वास टूटा नहीं। साल 2019 में तीसरे प्रयास में उनका चयन IRTS (Indian Railway Traffic Service) में हो गया। यह अपने आप में बड़ी सफलता थी, लेकिन उनका सपना अभी अधूरा था। उनका लक्ष्य शुरू से आईएएस बनना था।इसलिए उन्होंने 2020 में फिर से यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार ऑल इंडिया रैंक 459 हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए।

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कार हादसे में खोया माता-पिता को

साल 2013 में जब प्रतीक का चयन IIM कोलकाता में हुआ, तो खुशी के इस मौके पर पूरा परिवार लेह-लद्दाख घूमने गया। लेकिन लौटते समय एक भीषण सड़क हादसे में उनके माता-पिता का निधन हो गया। उस वक्त उनके छोटे भाई की उम्र सिर्फ 14 साल थी।
यह सदमा जीवन का सबसे कठिन दौर था।

21 वर्ष की उम्र में यह जिम्मेदारी उनके लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं थी। इसके बावजूद प्रतीक ने खुद को संभाला, कोलकाता जाकर एमबीए पूरा किया और अपने छोटे भाई का हौसला बनाकर रखा। उन्होंने भाई को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और बाद में उसका IIT कानपुर में एडमिशन भी कराया।

एक्सीडेंट में पैरेंट्स को खोया
एक्सीडेंट में पैरेंट्स को खोया


पिता भी थे आईएएस अधिकारी

IAS T Prateek Rao के पिता टी. धर्मा राव भी मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी थे। प्रतीक बताते हैं कि उनकी मां अक्सर उनसे कहा करती थीं कि तुम्हारे पिता आईएएस हैं, तुम नहीं। अपनी पहचान खुद बनाओ। बाद में मां की यही सीख उनकी पूरी यात्रा की प्रेरणा बनी।

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दुख बांटने के लिये शुरू किया पॉडकास्ट

अपने माता-पिता को खोने के गहरे दुख को स्वयं झेलने के बाद प्रतीक ने लोगों को अपने भावनात्मक दर्द के बारे में खुलकर बात करने के लिए प्रेरित करने का बीड़ा उठाया है, ताकि वे उससे उबर सकें। उन्होंने ‘लेट्स टॉक ग्रीफ’ नाम से एक पॉडकास्ट शुरू किया है, जिसमें वे मेहमानों को आमंत्रित कर शोक के विभिन्न चरणों पर बातचीत करते हैं।

अच्छा लिखने के लिये पढ़ना जरूरी है

प्रतीक मानते हैं कि अगर आप यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में अच्छा परफॉर्म करना चाहते हैं तो उसके लिए लेखन शैली भी अच्छी होनी जरूरी है। खासतौर पर निबंध के लिए। अच्छा लिखना तभी आ सकता है जब आप नियमित रूप से अच्छी किताबें पढ़ते रहेंगे। अखबार और पत्रिकाओं से सामान्य ज्ञान भी बढ़ता है और भाषा में भी सुधार होता है।

ias officer t prateek rao cricketer photographer, musician, lost parents in  accident, wife and father also ias | एक IAS अफसर, जो क्रिकेटर, फोटोग्राफर,  म्यूजिशियन भी... एक्सीडेंट में पैरेंट्स ...
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पत्नी भी हैं आईएएस अधिकारी

आईएएस टी प्रतीक राव की पत्नी अनीशा श्रीवास्तव भी आईएएस अधिकारी हैं। : आईएएस अनीशा श्रीवास्तव ने अपने 2020 के एग्जामिनेशन में ऑल इंडिया रैंक 66 हासिल की थी। वर्तमान में वो कार्यकारी निदेशक, औद्योगिक विकास विभाग, ग्वालियर के पद पर कार्यरत हैं।

करियर एक नजर

नाम: आईएएस टी प्रतीक राव

जन्मस्थान: आंध्रप्रदेश

एजुकेशन: बीटेक, एमबीए

बैच: 2021

कैडर: मध्य प्रदेश

पदस्थापना

आईएएस टी प्रतीक राव वर्तमान में ग्वालियर नगर निगम में एडिशनल कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। पहले वो एसडीएम ईटारसी रह चुके हैं।

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टी. प्रतीक राव की सफलता यह सिखाती है कि अगर मन में इच्छाशक्ति हो तो कोई भी चुनौती आपको मंजिल पाने से नहीं रोक सकती।

FAQ

  1. टी. प्रतीक राव की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
    उन्होंने कर्नाटक के सूरतकल स्थित NIT से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद IIM कोलकाता से एमबीए किया।
  2. टी. प्रतीक राव ने यूपीएससी कितने प्रयासों में पास की?
    टी. प्रतीक राव को कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। पहले दो प्रयासों में वे चयन से चूक गए, तीसरे प्रयास में IRTS में चयन हुआ और अंततः चौथे प्रयास में 2020 में AIR 459 के साथ IAS बने।
  3. टी. प्रतीक राव यूपीएससी अभ्यर्थियों को क्या सलाह देते हैं?
    टी. प्रतीक राव का मानना है कि यूपीएससी में सफलता के लिए अच्छा पढ़ना और अच्छा लिखना दोनों जरूरी हैं। वे अभ्यर्थियों को नियमित रूप से किताबें, अख़बार और पत्रिकाएँ पढ़ने, सोच को स्पष्ट रखने और असफलताओं से सीखते हुए लगातार आगे बढ़ने की सलाह देते हैं।


(प्रोफाइल 357- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)







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