मोटर वाइंडिंग की दुकान चलाने वाले पिता के बेटे ने रचा इतिहास और बने आईएएस विशाल धाकड़

Abhilasha Saksena Chakraborty | Feb 27, 2026, 11:42 IST
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IAS Vishal Dhakad
IAS Vishal Dhakad

गुना के साधारण परिवार से निकलकर IAS बनने तक विशाल धाकड़ का सफर मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने साबित कर दिया कि बड़े सपने और मजबूत इरादे हर मंजिल को आसान बना सकते हैं।

सपने वो नहीं जो हम सोते हुए देखते हैं, सपने वो हैं जो हमें सोने नहीं देते। इन्ही पंक्तियों को सच कर दिखाया है मध्य प्रदेश के गुना जिले के विशाल धाकड़ ने। सीमित संसाधनों और साधारण परिवेश में पले-बढ़े विशाल ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो मंजिल पाना असंभव नहीं।

पिता का सपना था बेटा बने आईएएस

गुना के एक साधारण परिवार में जन्मे विशाल धाकड़ के पिता, कमल सिंह धाकड़, मोटर वाइंडिंग की छोटी-सी दुकान चलाते हैं। परिवार की आय का मुख्य स्रोत यही दुकान थी। लेकिन सीमित आय ने कभी उनके सपनों को छोटा नहीं किया। कमल चाहते थे कि उनके बच्चे एक सम्मानजनक जीवन जिएं। उन्होंने अपनी बेटी को डॉक्टर बनाया और बेटे विशाल को आईएएस अधिकारी बनाने का निश्चय किया। विशाल ने भी पिता के इस विश्वास को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।

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कॉलेज से ही शुरू कर दी थी यूपीएससी की तैयारी

आईएएस विशाल धाकड़ की शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय, गुना में हुई। यहीं से उनके सपनों की नींव रखी गई। हालांकि, वो पहले डॉक्टर बनना चाहते थे लेकिन उनका एमबीबीएस के लिए चयन नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक किया।

दिल्ली का माहौल, प्रतिस्पर्धा और एक्सपोजर उनके लिए एक नया अनुभव था, लेकिन उन्होंने इसे अपने लक्ष्य की दिशा में इस्तेमाल किया। स्नातक के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। आगे चलकर उन्होंने हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में एमए किया। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपनी तैयारी को निरंतर और व्यवस्थित बनाए रखा।

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तीसरे प्रयास में मिली सफलता

अपने पहले प्रयास में विशाल इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम सूची में स्थान नहीं मिला। 2020 में दूसरा प्रयास दिया, जिसमें AIR 579 लाकर इंडियन पोस्टल सर्विस में चयन हुआ। विशाल ने एक बार तैयारी की और 2021 में तीसरे प्रयास में AIR 39 लाकर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

बेसिक किताबों से करें पढ़ाई

अधिकतर लोग यूपीएससी के लिए तरह-तरह की किताबें, जर्नल आदि पढ़ने पर जोर देते हैं लेकिन विशाल कहते है इस परीक्षा में चयन के लिए एनसीईआरटी और कुछ बेसिक किताबों की जरूरत होती है।

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स्वयं के नोट्स तैयार करें

विशाल कहते हैं पहले दो प्रयासों के बाद उन्होंने जाना कि समय में रिवीजन के लिए स्वयं के आसान भाषा में लिखे हुए नोट्स सबसे जरूरी होते हैं। छोटे-छोटे प्वाइंट्स में नोट्स तैयार करें और उन्हें बार-बार दोहराते रहें। नोट्स जितने छोटे होंगे, लास्ट समय में उन्हें दोहराना उतना ही आसान होगा।

पुराने सालों के प्रश्नपत्र देखें

विशाल कहते हैं यूपीएससी में पैटर्न एक जैसा रहता है, इसलिए जितना ज्यादा संभव हो पुराने सालों के प्रश्नपत्र जरूर हल करने की कोशिश करें। समय सीमा के अंदर पूरा पेपर लिखने की प्रैक्टिस करें। उत्तर लिखते समय अच्छी भाषा लिखने की कोशिश करें।टॉपर्स की कॉपियाँ देखने की कोशिश करें।

खुद पर विश्वास रखना जरूरी

विशाल कहते हैं सिविल सर्विस का परीक्षा धैर्य की परीक्षा है। इसके लिए कम से कम दो-तीन साल की निरंतर मेहनत जरूरी है। बीच में बहुत बार निराशा आती है, समझ नहीं आता क्या होगा? लेकिन, इस समय खुद को मजबूत बनाना जरूरी है। हमेशा खुद को समझाते रहें कि मंजिल दूर नहीं है।

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कमजोरियों को पता करें और उन पर काम करें

विशाल कहते हैं ,कई बार लोग खूब पढ़ाई करते रहते हैं लेकिन फिर भी नंबर नहीं आते। इसकी वजह यह है कि वो अपनी कमियां जानने की कोशिश ही नहीं करते। आपको बस अंधे की तरह तीर नहीं लगाना है। हर असफलता के बादएनालिसिस करें कि कहां कमी रह गई है। पहली बार इंटरव्यू में मेरे 146 नंबर आए थे, लेकिन अगली बार मैंने अपनी गलतियों पर काम किया। तीसरे प्रयास में 188 नंबर मिले और आईएएस पद हासिल हुआ।

IAS Vishal Dhakad का सक्सेस मंत्र

  • हर काम में अपना 100% दें, आधे-अधूरे प्रयास सफलता तक नहीं पहुंचाते।
  • इमोशनल सपोर्ट को नजरअंदाज न करें, परिवार और दोस्तों का साथ मानसिक मजबूती देता है।
  • पढ़ाई के साथ अपनी रुचियों को भी समय दें, इससे दिमाग फ्रेश रहता है और फोकस बेहतर होता है।
  • परीक्षा को केवल एक परीक्षा की तरह लें, इसे अपनी पूरी जिंदगी न बनाएं।
  • लक्ष्य बड़ा रखें, सिर्फ परीक्षा पास करना नहीं बल्कि खुद को बेहतर बनाना असली मकसद होना चाहिए।
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करियर एक नजर

  • नाम: विशाल धाकड़
  • जन्म: 16/6/1997
  • जन्मस्थान: गुना
  • एजुकेशन: एमए (पॉलिटिकल साइंस)
  • बैच: 2022
  • कैडर: मध्य प्रदेश

पदस्थापना

विशाल धाकड़ वर्तमान में कुक्षी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर कार्यरत हैं। इसके पहले वो धार में संयुक्त कलेक्टर के पद पर कार्यरत कर चुके हैं। वो सरदारपुर एसडीएम और राजगढ़ में सीएमओ भी रह चुके हैं।

Social Media Accounts of IAS Vishal Dhakad

गुना के एक साधारण परिवार से निकलकर आईएएस बनने तक का सफर केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है। विशाल धाकड़ आज उन लाखों युवाओं के लिए उम्मीद का नाम हैं, जो अपने सपनों को सच करना चाहते हैं।

FAQ

  1. विशाल धाकड़ ने कितने प्रयासों में UPSC परीक्षा पास की?
    उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे और दूसरे प्रयास में AIR 579 के साथ Indian Postal Service मिली।
  2. विशाल धाकड़ की शैक्षणिक योग्यता क्या है?
    उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज से स्नातक और हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में एमए किया है।
  3. वर्तमान में विशाल धाकड़ किस पद पर कार्यरत हैं?
    वे वर्तमान में मध्य प्रदेश के धार जिले में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
(प्रोफाइल 367- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)



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