एक्टिंग ही नहीं, रियल लाइफ में भी लेडी सिंघम हैं आईपीएस सिमाला प्रसाद

Abhilasha Saksena Chakraborty | Feb 01, 2026, 17:00 IST
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IPS Simala Prasad
IPS Simala Prasad

वर्दी की सख्ती और कला की कोमलता को एक साथ जीने वाली आईपीएस सिमाला प्रसाद ने यह साबित किया है कि जुनून और अनुशासन साथ चल सकते हैं। आज वो एक सफल अधिकारी के साथ ग्लैमर की दुनिया में भी जानी-मानी शक्सियत बन चुकी हैं।

आईपीएस अधिकारी सिमाला प्रसाद की पहचान सिर्फ वर्दी तक सीमित नहीं है।वे अनुशासन, संवेदनशीलता और संतुलित फैसलों के लिए जानी जाती हैं।रंगमंच और अभिनय के प्रति उनका गहरा जुड़ाव उन्हें दूसरे अधिकारियों से अलग बनाता है। मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच अधिकारी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।

परिवार से मिली दिशा

सिमाला प्रसाद का जन्म 8 अक्टूबर 1980 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उनका परिवार शिक्षा, साहित्य और सार्वजनिक सेवा से गहराई से जुड़ा रहा है।
उनकी मां मेहरुन्निसा परवेज एक प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं। उन्हें लेखन के क्षेत्र में योगदान के लिए 2005 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया। वहीं पिता रिटायर्ड आईएएस भागीरथ प्रसाद हैं। जिन्होंने प्रशासन के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन में भी अहम भूमिका निभाई। वो दो विश्वविद्यालयों के कुलपति रह चुके हैं और 2014 से 2019 तक मध्य प्रदेश के भिंड लोकसभा क्षेत्र से सांसद के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
यही कारण है कि सिमाला के व्यक्तित्व में कला की कोमलता और प्रशासन की सख्ती दोनों एक साथ दिखाई देती हैं।

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पढ़ाई में शुरू से थीं आगे

सिमाला बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार थीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ को-एड स्कूल, भोपाल से हुई। इसके बाद उन्होंनेइंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन से बीकॉम और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।कॉलेज के दिनों में वे पढ़ाई में अव्वल रहीं और गोल्ड मेडलिस्ट भी बनीं।

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थिएटर से फिल्मों तक का सफर

कॉलेज के समय से ही सिमाला को थिएटर में गहरी रुचि रही। उन्होंने भोपाल के भारत भवन में कई नाटकों में अभिनय किया।
बाद में यही लगाव उन्हें बॉलीवुड फिल्मों तक ले गया। उन्होंने 2017 में जैगम इमाम निर्देशित फिल्म ‘अलिफ़’, 2019 की फिल्म ‘नक्काश’ में अभिनय किया। इसके अलावा उन्होंने पुलिस-ड्रामा ‘द नर्मदा स्टोरी’ में भी अहम भूमिका निभाई है।IPS बनने के बाद भी उन्होंने अभिनय को छोड़ा नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ाया।

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पहले DSP, फिर IPS

सिमाला ने अपने कॉलेज के दिनों से ही सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी थी।सबसे पहले उन्होंने एमपीपीएससी परीक्षा पास की और डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के रूप में चयनित हुईं।इसके बाद उन्होंने 2010 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी। पहले ही प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की और 2011 में आईपीएस अधिकारी बनीं।

बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से पाई सफलता

आईएएस सिमाला प्रसाद ने सिविल सेवा की तैयारी के लिए कोई कोचिंग नहीं ली थी। उन्होंनें सेल्फ स्टडी से ही अपने पहले प्रयास में सफलता हासिल की। वे प्रत्याशियों को सहाह देती हैं कि कोचिंग से आपको दिशा मिल सकती है, लेकिन असली मेहनत तो आपको खुद ही करनी है।

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काम से बनाई पहचान

अक्सर IPS Simala Prasad की चर्चा उनकी खूबसूरती को लेकर होती है। लेकिन प्रशासनिक जगत में उनकी असली पहचान संवेदनशील निर्णय, संतुलित नेतृत्व और जमीन से जुड़े दृष्टिकोण से बनी है।वे मानती हैं कि अगर व्यक्ति अपने काम से संतुष्ट है, तो वह किसी भी भूमिका में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है चाहे वह वर्दी में हो या मंच पर।

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करियर एक नजर

  • नाम: आईपीएस सिमाला प्रसाद
  • जन्म: 8 अक्टूबर 1980
  • जन्मस्थान: जबलपुर, मध्य प्रदेश
  • एजुकेशन: बीकॉम, एमए
  • बैच: 2010
  • कैडर: मध्य प्रदेश

पदस्थापना

वर्तमान में आईपीएस सिमाला प्रसाद जबलपुर में पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के पद पर कार्यरत हैं। वो पहले बैतूल एसपी और राजगढ़ एसपी के पद पर भी रह चुकी हैं। वो बैतूल की पहली महिला एसपी थीं।

सिमाला प्रसाद की पहचान सिर्फ एक आईपीएस अधिकारी या अभिनेत्री तक सीमित नहीं है। उनका मानना है कि व्यक्ति को खुद को एक ही पहचान में बांधकर नहीं रखना चाहिए। एक ओर वे पुलिस अधिकारी के रूप में अपराध से निपटती हैं, तो दूसरी ओर कलाकार के रूप में सिनेमा और संस्कृति के जरिए समाज से गहरा संवाद कायम करती हैं। सिमाला के अनुसार, पुलिस सेवा हो या अभिनय- दोनों ही क्षेत्रों में संवेदनशीलता, समझ और इंसानियत सबसे महत्वपूर्ण होती है।

FAQ

  1. आईपीएस सिमाला प्रसाद किस बैच और किस कैडर की अधिकारी हैं?
    सिमाला प्रसाद 2011 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर से संबंधित हैं।
  2. प्रशासन के अलावा सिमाला प्रसाद किन क्षेत्रों में सक्रिय रही हैं?
    सिमाला प्रसाद थिएटर और फिल्मों से भी जुड़ी रही हैं और उन्होंने ‘अलिफ़’, ‘नक्काश’ और ‘द नर्मदा स्टोरी’ जैसी फिल्मों में अभिनय किया है।
  3. क्या सिमाला प्रसाद ने कोचिंग लेकर यूपीएससी की तैयारी की थी?
    नहीं, सिमाला प्रसाद ने बिना किसी कोचिंग के सेल्फ स्टडी के जरिए यूपीएससी परीक्षा पहले ही प्रयास में पास की थी।




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