7 फरवरी का इतिहास: INS Shalki, जब भारत ने समंदर में रचा इतिहास
Kaushiki | Feb 07, 2026, 08:00 IST
history-07-february-ins-shalki-first-submarine-india
7 फरवरी 1992 को भारत ने पहली स्वदेशी पनडुब्बी INS शल्की को नौसेना में शामिल किया। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक रक्षा कदम था...
आज के दिन की कहानी: 7 फरवरी 1992 का दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में लिखा गया है, क्योंकि इसी दिन भारत ने रक्षा के क्षेत्र में एक विशाल छलांग लगाई थी।
मुंबई के मजगांव डॉक में निर्मित आईएनएस शल्की (INS Shalki) को जब भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। तो भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में आ गया जो अपनी पनडुब्बी खुद बना सकते हैं।
ये सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियर्स की मेहनत और आत्मनिर्भर भारत के सपने की पहली बड़ी जीत थी। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर ने समंदर की गहराइयों में भारत की धाक जमा दी और हमारी समुद्री सीमाओं को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया।
![पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले जल नौकाएँ - विकिपीडिया]()
INS Shalki का निर्माण मुंबई के प्रसिद्ध मजगांव डॉक लिमिटेड (MDL) में हुआ था। ये काम जर्मनी की कंपनी HDW के सहयोग से पूरा किया गया था। हमारे भारतीय इंजीनियर्स ने दिन-रात मेहनत करके इसे समंदर के लायक बनाया।
इसे बनाने का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना ही था। लोहे के इस विशालकाय ढांचे को बनाना कोई आसान काम नहीं था। हर वेल्डिंग और हर पुर्जे को बारीकी से चेक किया गया था। अंत में भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि हम भी सक्षम हैं।
![Shishumar Sails On: Thyssenkrupp Assures Long-Term Support for Indian Submarines - Indian Defence Research Wing]()
ये पनडुब्बी समंदर के अंदर चुपचाप शिकार करने में माहिर मानी जाती है। इसमें खतरनाक टॉरपीडो को दागने की आधुनिक क्षमता मौजूद है। इसकी लंबाई लगभग 64 मीटर है।
ये काफी गहराई तक जा सकती है। डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन होने के कारण यह दुश्मन की रडार से बच सकती है। इसे खास तौर पर भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया। समंदर की गहराई में यह एक साइलेंट किलर की तरह काम करती है।
![Today History - Aaj Ka Itihas 7 February | INS Shalki Commissioned in Indian Navy]()
1990 के दशक में भारत अपनी रक्षा प्रणाली को आधुनिक बना रहा था। विदेशी पनडुब्बियां बहुत महंगी होती थीं और उनकी अपनी कुछ सीमाएं थीं। खुद की पनडुब्बी बनाने से भारत को तकनीकी ज्ञान हासिल हुआ।
INS Shalki ने भारत के लिए रक्षा निर्यात के रास्ते भी खोल दिए। इसके बाद भारत ने INS Shankush जैसी और भी स्वदेशी पनडुब्बियां बनाईं। आज हमारी नौसेना जो ताकतवर है, उसकी नींव इसी शल्की ने रखी।
![शिशुमार श्रेणी की पनडुब्बी - विकिपीडिया]()
INS शल्की (INS Shalki) का सफर भारतीय नौसेना के लिए किसी गौरवगाथा से कम नहीं है। 1992 से लेकर अब तक, इस पनडुब्बी ने भारत की समुद्री ताकत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
![6 फरवरी का इतिहास: 'सीमांत गांधी' की जयंती, एलिजाबेथ द्वितीय ने संभाला था सिंहासन - Amrit Vichar]()
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 07 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 07 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
12 जनवरी का इतिहास: National Youth Day, जानें विवेकानंद का भारतीय दर्शन
11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
मुंबई के मजगांव डॉक में निर्मित आईएनएस शल्की (INS Shalki) को जब भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। तो भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में आ गया जो अपनी पनडुब्बी खुद बना सकते हैं।
ये सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारतीय इंजीनियर्स की मेहनत और आत्मनिर्भर भारत के सपने की पहली बड़ी जीत थी। इस ऐतिहासिक मील के पत्थर ने समंदर की गहराइयों में भारत की धाक जमा दी और हमारी समुद्री सीमाओं को पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित बना दिया।
पनडुब्बी रोधी युद्धक उथले जल नौकाएँ - विकिपीडिया
भारतीय इंजीनियर्स का बेमिसाल हुनर
इसे बनाने का मुख्य उद्देश्य रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना ही था। लोहे के इस विशालकाय ढांचे को बनाना कोई आसान काम नहीं था। हर वेल्डिंग और हर पुर्जे को बारीकी से चेक किया गया था। अंत में भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि हम भी सक्षम हैं।
Shishumar Sails On: Thyssenkrupp Assures Long-Term Support for Indian Submarines - Indian Defence Research Wing
INS Shalki की तकनीकी खासियतें
ये काफी गहराई तक जा सकती है। डीजल-इलेक्ट्रिक इंजन होने के कारण यह दुश्मन की रडार से बच सकती है। इसे खास तौर पर भारतीय समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए बनाया गया। समंदर की गहराई में यह एक साइलेंट किलर की तरह काम करती है।
Today History - Aaj Ka Itihas 7 February | INS Shalki Commissioned in Indian Navy
डिफेंस सेक्टर के लिए क्यों जरूरी था ये प्रोजेक्ट
INS Shalki ने भारत के लिए रक्षा निर्यात के रास्ते भी खोल दिए। इसके बाद भारत ने INS Shankush जैसी और भी स्वदेशी पनडुब्बियां बनाईं। आज हमारी नौसेना जो ताकतवर है, उसकी नींव इसी शल्की ने रखी।
शिशुमार श्रेणी की पनडुब्बी - विकिपीडिया
INS Shalki की डिफेंस हिस्ट्री
- स्वदेशी निर्माण की साहसिक शुरुआत (1980s - 1992)
भारत की डिफेंस हिस्ट्री में 80 के दशक के अंत में यह बड़ा फैसला लिया गया कि हम खुद की पनडुब्बी बनाएंगे। जर्मनी की कंपनी HDW के साथ मिलकर 'मजगांव डॉक' में इसका काम शुरू हुआ। 7 फरवरी 1992 को जब इसे कमीशन किया गया, तब भारत दुनिया का वो 'खास देश' बन गया जिसके पास खुद की सबमरीन बनाने की टेक्नोलॉजी थी। - शिशुमार क्लास का नेतृत्व
INS शल्की को शिशुमार क्लास की पनडुब्बियों में गिना जाता है, जो अपनी मारक क्षमता के लिए जानी जाती हैं। रक्षा इतिहास में इसे Type 209 डिजाइन पर आधारित माना जाता है, जो बहुत ही शांत तरीके से पानी के नीचे चलती है। इसने भारतीय नौसेना को 'डीजल-इलेक्ट्रिक' पनडुब्बियों के संचालन में एक्सपर्ट बना दिया। - समंदर की सीमाओं की सुरक्षा
पिछले 3 दशकों से अधिक समय में, INS शल्की ने अरब सागर और हिंद महासागर में हजारों घंटों तक गश्त की है। डिफेंस रिकॉर्ड्स के अनुसार, इसने कई महत्वपूर्ण नौसैनिक युद्धाभ्यासों में भाग लिया है। यह दुश्मन के जहाजों पर नजर रखने और खुफिया जानकारी जुटाने में हमेशा सबसे आगे रही है। - आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा
INS शल्की की सबसे बड़ी डिफेंस हिस्ट्री यह है कि इसने INS अरिहंत (परमाणु पनडुब्बी) और स्कॉर्पीन क्लास (कलवरी) जैसी आधुनिक पनडुब्बियों के लिए रास्ता खोला। अगर शल्की सफल नहीं होती, तो शायद आज भारत इतना बड़ा सबमरीन मैन्युफैक्चरिंग हब नहीं बन पाता। यह आज भी नौसेना की साइलेंट आर्मी का एक गौरवशाली हिस्सा है।
Reference Links
Indian Navy Official Website: indiannavy.nic.in- Mazagon Dock Shipbuilders Limited: mazagondock.in
- Press Information Bureau (PIB) Archives: pib.gov.in
Ministry of Defence India: mod.gov.in
6 फरवरी का इतिहास: 'सीमांत गांधी' की जयंती, एलिजाबेथ द्वितीय ने संभाला था सिंहासन - Amrit Vichar
07 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 07 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1497: इटली के फ्लोरेंस में धार्मिक सुधारक सवोनरोला के समर्थकों ने हजारों कलाकृतियों और किताबों को सार्वजनिक रूप से जलाया।
- 1587: इंग्लैंड की रानी एलिजाबेथ प्रथम की हत्या की साजिश रचने के आरोप में 'मैरी, स्कॉट्स की रानी' को मृत्युदंड दिया गया।
- 1788: ऑस्ट्रेलिया में ब्रिटिश कॉलोनी द्वारा सिडनी शहर का आधिकारिक नामकरण किया गया।
- 1795: अमेरिकी संविधान में 11वां संशोधन पारित हुआ, जिसने संघीय अदालतों की शक्तियों को सीमित किया।
- 1800: फ्रांस में जनमत संग्रह के जरिए भारी बहुमत के साथ नेपोलियन बोनापार्ट को 'प्रथम कौंसुल' चुना गया।
- 1831: यूरोपीय देश बेल्जियम ने आधिकारिक तौर पर अपना नया संविधान स्वीकार किया।
- 1856: तस्मानिया की संसद ने लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार 'गोपनीय मतपत्र' (Secret Ballot) की व्यवस्था लागू की।
- 1867: अमेरिका में मोर्गंटउन में 'पश्चिम वर्जीनिया विश्वविद्यालय' की स्थापना की गई।
- 1904: अमेरिका के बाल्टीमोर में लगी भीषण आग ने 30 घंटों में 1500 से अधिक इमारतों को खाक कर दिया।
- 1907: लंदन में महिलाओं के मताधिकार के लिए 3000 महिलाओं ने ऐतिहासिक 'मड मार्च' (Mud March) निकाला।
- 1914: चार्ली चैपलिन के मशहूर किरदार 'द ट्रैम्प' को पहली बार फिल्म 'किड ऑटो रेस' में दुनिया ने देखा।
- 1915: चलती ट्रेन से रेलवे स्टेशन को पहली बार वायरलेस संदेश भेजने में सफलता मिली।
- 1940: वॉल्ट डिज़्नी की मशहूर एनिमेटेड फिल्म 'पिनोचियो' (Pinocchio) का न्यूयॉर्क में प्रीमियर हुआ।
- 1940: ब्रिटेन ने युद्ध के हालातों को देखते हुए अपनी रेलवे का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
- 1943: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना ने सफलतापूर्वक गादालकनाल द्वीप से अपने सैनिकों को वापस बुलाया।
- 1943: विश्व युद्ध के चलते अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए जूतों की राशनिंग प्रणाली लागू की।
- 1959: फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा के लिए एक नए और क्रांतिकारी संविधान की घोषणा की।
- 1974: कैरेबियाई देश ग्रेनाडा ने ब्रिटेन से अपनी पूर्ण स्वतंत्रता हासिल की।
- 1986: हैती में तानाशाही के खिलाफ विद्रोह के बाद राष्ट्रपति जीन-क्लाउड ड्यूवेलियर देश छोड़कर भाग गए।
- 1990: सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी ने सत्ता पर अपने एकाधिकार को खत्म कर बहुदलीय चुनावों को मंजूरी दी।
- 1992: यूरोपीय देशों के बीच 'मैस्ट्रिच संधि' हुई, जिसने भविष्य में 'यूरो' मुद्रा के जन्म का रास्ता साफ किया।
- 1995: वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले का मुख्य आरोपी रामजी यूसुफ पाकिस्तान के इस्लामाबाद से गिरफ्तार किया गया।
- 1998: जापान के नागानो शहर में 18वें शीतकालीन ओलंपिक खेलों का भव्य शुभारंभ हुआ।
- 1999: जॉर्डन के राजा हुसैन के निधन के बाद उनके पुत्र अब्दुल्ला द्वितीय नए राजा बने।
- 2001: इजरायल के चुनाव में एरियल शेरोन ने एहुद बराक को हराकर प्रधानमंत्री का पद संभाला।
- 2006: मिस्र का एक यात्री जहाज 'अल-सलाम बोकासिओ 98' लाल सागर में डूबा, जिससे 1000 से अधिक लोगों की मौत हुई।
- 2008: अंतरिक्ष शटल 'अटलांटिस' ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) में नई लैब पहुँचाने के लिए उड़ान भरी।
- 2009: ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में 'ब्लैक सैटरडे' की भीषण आग से 173 लोगों की जान चली गई।
- 2011: एक पुरातत्वविद् ने 'गूगल मैप्स' की मदद से सऊदी अरब में 2000 प्राचीन पुरातात्विक स्थलों की खोज की।
- 2012: मालदीव में भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
- 2014: मशहूर अमेरिकी शो होस्ट जे लीनो ने 22 साल बाद 'द टुनाइट शो' से विदाई ली और जिमी फॉलन को कमान सौंपी।aa
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari