15 मई का इतिहास: भारत में पैर जमाने इस कंपनी ने अपने प्रॉडक्ट को बदला, जानें McDonald’s Story
Kaushiki | May 15, 2026, 08:00 IST
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साल 1940 में रिचर्ड और मौरिस मैकडॉनल्ड्स ने कैलिफोर्निया में पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट खोला था। उन्होंने खाने बनाने के तरीके को बिल्कुल बदल दिया। आज यह दुनिया का सबसे बड़ा फास्ट फूड ब्रांड है। जानिए इसकी सफलता का पूरा राज।
आज के दिन की कहानी:बात साल 1940 की है जब दुनिया काफी अलग थी। उस समय दो भाई रिचर्ड और मौरिस मैकडॉनल्ड्स कुछ बड़ा करना चाहते थे। वे कैलिफोर्निया के एक छोटे शहर सैन बर्नार्डिनो में रहते थे।
मौरिस ने वहां एक छोटा सा रेस्टोरेंट खोला जिसका नाम मैकडॉनल्ड्स रखा। शुरू में वे बारबीक्यू और कई तरह की चीजें बेचते थे। लेकिन उन्हें जल्द ही समझ आ गया कि लोग बर्गर ज्यादा पसंद करते हैं।
यहीं से एक ऐसी क्रांति शुरू हुई जिसने पूरी दुनिया का खाना बदल दिया। ये कहानी केवल बर्गर की नहीं बल्कि एक महान आइडिया की है। आइए मैकडॉनल्ड्स के जन्म की कहानी को डिटेल से जानें...
![🍴On May 15, 1940, the first McDonald's, then a barbecue restaurant, opened in San Bernardino, California]()
मैकडॉनल्ड्स भाइयों ने अपना पहला स्टोर 15 मई 1940 को शुरू किया। जब पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट खुला, तो वे बारबीक्यू (Hot Dogs and BBQ) और लगभग 25 अन्य फूड्स बेचते थे। हालांकि, कुछ सालों के बाद उन्होंने महसूस किया कि उनकी कुल बिक्री का 80% हिस्सा केवल बर्गर से आता है।
1948 में उन्होंने अपना मेनू छोटा कर दिया और केवल हैमबर्गर, चीजबर्गर, सॉफ्ट ड्रिंक्स, मिल्क शेक और आलू के चिप्स बेचना शुरू किया। इससे वे ग्राहकों को बहुत कम समय में और बहुत सस्ता खाना उपलब्ध करा सके, जिसे स्पीड सर्विस सिस्टम कहा गया।
![दुनिया का पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट | एम्यूजिंग प्लैनेट]()
इसमें खाना फैक्ट्री की तरह एक लाइन में तैयार होता था। इससे ग्राहकों को अपना ऑर्डर बहुत जल्दी मिलने लगा। उन्होंने मेनू को छोटा करके केवल बर्गर, शेक और चिप्स रखा। उस समय यह एक साधारण ड्राइव-इन रेस्टोरेंट जैसा था। लोग अपनी कारों में आते थे और खाना ऑर्डर करते थे।
वहां 25 से ज्यादा तरह की चीजें मिलती थीं। लेकिन भाइयों ने देखा कि उनका सबसे ज्यादा मुनाफा बर्गर से होता है। उन्होंने अपना बिजनेस मॉडल बदलने का एक साहसी फैसला लिया। उन्होंने रेस्टोरेंट बंद किया और कुछ नया करने की ठानी।
![दुनिया का पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट, सैन बर्नार्डिनो - टाइम्सट्रैवल]()
मैकडॉनल्ड्स भाइयों का काम बहुत अच्छा चल रहा था। लेकिन इसे दुनिया भर में ले जाने का काम रे क्रॉक ने किया। रे क्रॉक एक अमेरिकी बिजनेसमैन थे जो शुरू में मिल्कशेक मिक्सर बेचने का काम करते थे।
जब वे मैकडॉनल्ड्स भाइयों के रेस्टोरेंट में गए, तो वे वहां की एफिशिएंसी और स्पीड देखकर दंग रह गए। उन्होंने 1954 में भाइयों के साथ फ्रेंचाइजी एजेंट के रूप में हाथ मिलाया।
साल 1955 में उन्होंने अपना पहला फ्रेंचाइजी स्टोर खोला और साल 1961 में मैकडॉनल्ड्स भाइयों से पूरी कंपनी खरीद ली। रे क्रॉक ने ही दुनियाभर में क्वालिटी, सर्विस और स्वच्छता का मानक तय किया जिससे यह ब्रांड ग्लोबल बन सका। इसके बाद मैकडॉनल्ड्स एक शहर से निकलकर पूरे अमेरिका में फैल गया।
![1940 के दशक में मैकडॉनल्ड्स की शुरुआत एक बारबेक्यू रेस्टोरेंट के रूप में कैसे हुई - बिजनेस इनसाइडर]()
मैकडॉनल्ड्स भाई अपने छोटे से बिजनेस से बहुत खुश थे। उन्हें बहुत ज्यादा पैसा या शोहरत नहीं चाहिए थी। लेकिन रे क्रॉक इसे दुनिया का सबसे बड़ा ब्रांड बनाना चाहते थे। धीरे-धीरे रे क्रॉक ने पूरा बिजनेस अपने हाथ में ले लिया।
साल 1961 में उन्होंने भाइयों से कंपनी को खरीद लिया। इसके लिए उन्होंने करीब 2.7 मिलियन डॉलर की रकम चुकाई थी। इसके बाद ही मैकडॉनल्ड्स के सुनहरे मेहराब घर-घर पहुंचे।
![मैकडॉनल्ड्स फास्ट फूड का प्रतीक कैसे बना | इतिहास]()
मैकडॉनल्ड्स का मशहूर 'M' लोगो हमेशा से ऐसा नहीं था। इसे पहली बार 1953 में एक स्टोर की डिजाइन के लिए बनाया गया। रिचर्ड मैकडॉनल्ड्स चाहते थे कि उनका रेस्टोरेंट दूर से ही चमकता दिखे।
रिचर्ड ने पीले रंग के दो बड़े मेहराब डिजाइन करवाए। बाद में इन दोनों को जोड़कर 'M' अक्षर बनाया गया। आज यह लोगो दुनिया में सबसे ज्यादा पहचाने जाने वाले निशानों में से एक है।
![मैकडॉनल्ड्स के 1940 के पहले मेनू में सिर्फ नौ आइटम थे - जिनमें एक 'लुभावना' बर्गर भी शामिल था - द मिरर]()
![पहले मैकडॉनल्ड्स रेस्तरां का इतिहास | कोज़ीमील]()
![McDonald's cracks the value deals code | Food Business News]()
![मैकडॉनल्ड्स के बारे में रोचक तथ्य]()
![मैकडॉनल्ड्स ने किस तरह दुनिया पर राज किया, इसकी अविश्वसनीय कहानी | lovefood.com]()
![McDonald's Once Owned These 2 Popular Fast Food Chains]()
90 के दशक और 2000 की शुरुआत में पैदा हुए बच्चों के लिए मैकडॉनल्ड्स का मतलब था हैप्पी मील और उसके साथ मिलने वाला खिलौना। इसने बच्चों के बीच एक अलग ही क्रेज पैदा कर दिया।
बर्थडे पार्टी हो या फैमिली आउटिंग, मैकडॉनल्ड्स सबसे पसंदीदा जगह बन गया। रोनाल्ड मैकडॉनल्ड (जोकर वाला मस्कट) के साथ फोटो खिंचवाना हर बच्चे का सपना होता था। इस इमोशनल जुड़ाव ने ब्रांड को और मजबूती दी।
![Mrs Bector's Archives - McDonald's India | McDonald's Blog]()
मैकडॉनल्ड्स की कहानी केवल बर्गर बेचने की नहीं, बल्कि बिजनेस करने के तरीके को पूरी तरह बदलने की है। साल 1940 में कैलिफोर्निया के एक छोटे से कोने से शुरू हुआ ये सफर आज पूरी दुनिया के हर बड़े शहर तक पहुंच चुका है। आज दुनियाभर में इसके 38 हजार से ज्यादा रेस्टोरेंट हैं।
अब वहां केवल बर्गर ही नहीं, बल्कि मैककैफे की कॉफी, रैप्स और स्थानीय मसालों वाले विंग्स भी मिलते हैं। डिजिटल कियोस्क और मोबाइल ऐप ने ऑर्डर देने का तरीका बदल दिया है। इस ब्रांड की सफलता का सबसे बड़ा राज इसकी सादगी और स्पीड रही है। यहां खाना मिनटों में तैयार होने लगा और यही बात ग्राहकों को सबसे ज्यादा पसंद आई।
आज यह कंपनी केवल पेट भरने के लिए खाना नहीं बेचती, बल्कि एक यूनिक एक्सपीरियंस देती है। हैप्पी मील के खिलौनों से लेकर वहां का साफ-सुथरा माहौल, सब कुछ एक ब्रांड इमेज बनाता है। इसने साल 1940 से अब तक लाखों लोगों को रोजगार दिया है और हजारों आंत्रप्रेन्योर को अपनी फ्रेंचाइजी के जरिए सफल बनाया है।
इसने बच्चों के बीच एक अलग ही क्रेज पैदा कर दिया। बर्थडे पार्टी हो या फैमिली आउटिंग, मैकडॉनल्ड्स सबसे पसंदीदा जगह बन गया। रोनाल्ड मैकडॉनल्ड (जोकर वाला मस्कट) के साथ फोटो खिंचवाना हर बच्चे का सपना होता था। मैकडॉनल्ड्स (मैकडॉनल्ड्स इंडिया की नॉर्थ एंड ईस्ट फ्रेंचाइजी)आज केवल एक फूड चेन नहीं, बल्कि मॉडर्न बिजनेस और मैनेजमेंट की एक चलती-फिरती यूनिवर्सिटी बन चुका है।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 15 मई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 15 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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मौरिस ने वहां एक छोटा सा रेस्टोरेंट खोला जिसका नाम मैकडॉनल्ड्स रखा। शुरू में वे बारबीक्यू और कई तरह की चीजें बेचते थे। लेकिन उन्हें जल्द ही समझ आ गया कि लोग बर्गर ज्यादा पसंद करते हैं।
यहीं से एक ऐसी क्रांति शुरू हुई जिसने पूरी दुनिया का खाना बदल दिया। ये कहानी केवल बर्गर की नहीं बल्कि एक महान आइडिया की है। आइए मैकडॉनल्ड्स के जन्म की कहानी को डिटेल से जानें...
🍴On May 15, 1940, the first McDonald's, then a barbecue restaurant, opened in San Bernardino, California
कैलिफोर्निया का वो पहला रेस्टोरेंट
1948 में उन्होंने अपना मेनू छोटा कर दिया और केवल हैमबर्गर, चीजबर्गर, सॉफ्ट ड्रिंक्स, मिल्क शेक और आलू के चिप्स बेचना शुरू किया। इससे वे ग्राहकों को बहुत कम समय में और बहुत सस्ता खाना उपलब्ध करा सके, जिसे स्पीड सर्विस सिस्टम कहा गया।
दुनिया का पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट | एम्यूजिंग प्लैनेट
इसमें खाना फैक्ट्री की तरह एक लाइन में तैयार होता था। इससे ग्राहकों को अपना ऑर्डर बहुत जल्दी मिलने लगा। उन्होंने मेनू को छोटा करके केवल बर्गर, शेक और चिप्स रखा। उस समय यह एक साधारण ड्राइव-इन रेस्टोरेंट जैसा था। लोग अपनी कारों में आते थे और खाना ऑर्डर करते थे।
वहां 25 से ज्यादा तरह की चीजें मिलती थीं। लेकिन भाइयों ने देखा कि उनका सबसे ज्यादा मुनाफा बर्गर से होता है। उन्होंने अपना बिजनेस मॉडल बदलने का एक साहसी फैसला लिया। उन्होंने रेस्टोरेंट बंद किया और कुछ नया करने की ठानी।
दुनिया का पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट, सैन बर्नार्डिनो - टाइम्सट्रैवल
बिजनेस का ग्लोबल एक्सपेंशन
जब वे मैकडॉनल्ड्स भाइयों के रेस्टोरेंट में गए, तो वे वहां की एफिशिएंसी और स्पीड देखकर दंग रह गए। उन्होंने 1954 में भाइयों के साथ फ्रेंचाइजी एजेंट के रूप में हाथ मिलाया।
साल 1955 में उन्होंने अपना पहला फ्रेंचाइजी स्टोर खोला और साल 1961 में मैकडॉनल्ड्स भाइयों से पूरी कंपनी खरीद ली। रे क्रॉक ने ही दुनियाभर में क्वालिटी, सर्विस और स्वच्छता का मानक तय किया जिससे यह ब्रांड ग्लोबल बन सका। इसके बाद मैकडॉनल्ड्स एक शहर से निकलकर पूरे अमेरिका में फैल गया।
1940 के दशक में मैकडॉनल्ड्स की शुरुआत एक बारबेक्यू रेस्टोरेंट के रूप में कैसे हुई - बिजनेस इनसाइडर
रे क्रॉक का विजन
साल 1961 में उन्होंने भाइयों से कंपनी को खरीद लिया। इसके लिए उन्होंने करीब 2.7 मिलियन डॉलर की रकम चुकाई थी। इसके बाद ही मैकडॉनल्ड्स के सुनहरे मेहराब घर-घर पहुंचे।
मैकडॉनल्ड्स फास्ट फूड का प्रतीक कैसे बना | इतिहास
एक खास पहचान का जन्म
रिचर्ड ने पीले रंग के दो बड़े मेहराब डिजाइन करवाए। बाद में इन दोनों को जोड़कर 'M' अक्षर बनाया गया। आज यह लोगो दुनिया में सबसे ज्यादा पहचाने जाने वाले निशानों में से एक है।
मैकडॉनल्ड्स के 1940 के पहले मेनू में सिर्फ नौ आइटम थे - जिनमें एक 'लुभावना' बर्गर भी शामिल था - द मिरर
भारत में मैकडॉनल्ड्स का सफर
1996: जब दिल्ली में पहली बार दिखा पीला 'M'
बात 13 अक्टूबर 1996 की है। नई दिल्ली के बसंत लोक इलाके में लोगों की भारी भीड़ जमा थी। मौका था भारत के पहले मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट की ओपनिंग का। दुनिया भर में अपनी धाक जमाने वाला यह ब्रांड जब भारत आया, तो उसके सामने एक बहुत बड़ी चुनौती थी। भारत की संस्कृति, यहां का खान-पान और लोगों की धार्मिक भावनाएं दुनिया के बाकी देशों से बिल्कुल अलग थीं। मैकडॉनल्ड्स के लिए यह केवल एक नया मार्केट नहीं था, बल्कि एक नई परीक्षा थी।
पहले मैकडॉनल्ड्स रेस्तरां का इतिहास | कोज़ीमील
बीफ और पोर्क को कहा नमस्ते
दुनियाभर में मैकडॉनल्ड्स अपने बिग मैक और बीफ बर्गर के लिए जाना जाता था, लेकिन भारत में कदम रखने से पहले ही उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि भारत के मेनू में न तो बीफ (गाय का मांस) होगा और न ही पोर्क (सुअर का मांस)। यह ग्लोबल लेवल पर मैकडॉनल्ड्स के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव था। उन्होंने भारतीय ग्राहकों के सम्मान में अपने सबसे पॉपुलर प्रोडक्ट 'बिग मैक' को 'महाराजा मैक' में बदल दिया, जिसमें चिकन का इस्तेमाल किया गया।
McDonald's cracks the value deals code | Food Business News
आलू टिक्की एक गेम चेंजर आइडिया जिसने इतिहास रचा
मैकडॉनल्ड्स को समझ आ गया था कि भारत में कामयाब होने के लिए देसी तड़का जरूरी है। यहां के लोग चाट, टिक्की और चटपटे खाने के दीवाने थे। इसी सोच से जन्म हुआ मैक आलू टिक्की बर्गर का। यह बर्गर पूरी तरह से भारतीय स्वाद को ध्यान में रखकर बनाया गया था। इसमें आलू और मटर की पैटी थी और खास भारतीय मसाले थे। यह इतना हिट हुआ कि आज भी भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला बर्गर यही है। इस एक आइडिया ने विदेशी ब्रांड को हर भारतीय घर का हिस्सा बना दिया।
मैकडॉनल्ड्स के बारे में रोचक तथ्य
सब्जी और मांस के लिए अलग-अलग किचन
भारतीय ग्राहकों के मन में शुद्धता को लेकर बहुत चिंता थी। मैकडॉनल्ड्स ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने भारत में दुनिया का पहला प्योर वेजिटेरियन किचन सेटअप पेश किया। शाकाहारी और मांसाहारी खाना बनाने के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म, बर्तन और यहां तक कि स्टाफ के एप्रन भी अलग रखे गए। इस पारदर्शिता ने भारतीयों का भरोसा जीतने में मदद की। आज भी कई लोग केवल इसी भरोसे की वजह से वहां जाना पसंद करते हैं।
मैकडॉनल्ड्स ने किस तरह दुनिया पर राज किया, इसकी अविश्वसनीय कहानी | lovefood.com
कोल्ड चेन और किसानों के साथ साझेदारी
मैकडॉनल्ड्स का भारत आना केवल खाने तक सीमित नहीं था। उन्होंने भारत के एग्रीकल्चर सेक्टर को भी बदल दिया। बर्गर के लिए खास तरह के आलू और ताजी लेटिस (सलाद पत्ता) की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने भारतीय किसानों के साथ मिलकर काम किया और उन्हें आधुनिक खेती सिखाई। साथ ही, उन्होंने भारत में एक विशाल 'कोल्ड चेन' नेटवर्क (ठंडी स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट सुविधा) तैयार किया। इससे खेतों से रेस्टोरेंट तक ताजी सब्जियां पहुंचना मुमकिन हो पाया।
McDonald's Once Owned These 2 Popular Fast Food Chains
हैप्पी मील और बच्चों का खास रिश्ता
बर्थडे पार्टी हो या फैमिली आउटिंग, मैकडॉनल्ड्स सबसे पसंदीदा जगह बन गया। रोनाल्ड मैकडॉनल्ड (जोकर वाला मस्कट) के साथ फोटो खिंचवाना हर बच्चे का सपना होता था। इस इमोशनल जुड़ाव ने ब्रांड को और मजबूती दी।
Mrs Bector's Archives - McDonald's India | McDonald's Blog
1940 से लेकर आज का मैकडॉनल्ड्स
अब वहां केवल बर्गर ही नहीं, बल्कि मैककैफे की कॉफी, रैप्स और स्थानीय मसालों वाले विंग्स भी मिलते हैं। डिजिटल कियोस्क और मोबाइल ऐप ने ऑर्डर देने का तरीका बदल दिया है। इस ब्रांड की सफलता का सबसे बड़ा राज इसकी सादगी और स्पीड रही है। यहां खाना मिनटों में तैयार होने लगा और यही बात ग्राहकों को सबसे ज्यादा पसंद आई।
आज यह कंपनी केवल पेट भरने के लिए खाना नहीं बेचती, बल्कि एक यूनिक एक्सपीरियंस देती है। हैप्पी मील के खिलौनों से लेकर वहां का साफ-सुथरा माहौल, सब कुछ एक ब्रांड इमेज बनाता है। इसने साल 1940 से अब तक लाखों लोगों को रोजगार दिया है और हजारों आंत्रप्रेन्योर को अपनी फ्रेंचाइजी के जरिए सफल बनाया है।
इसने बच्चों के बीच एक अलग ही क्रेज पैदा कर दिया। बर्थडे पार्टी हो या फैमिली आउटिंग, मैकडॉनल्ड्स सबसे पसंदीदा जगह बन गया। रोनाल्ड मैकडॉनल्ड (जोकर वाला मस्कट) के साथ फोटो खिंचवाना हर बच्चे का सपना होता था। मैकडॉनल्ड्स (मैकडॉनल्ड्स इंडिया की नॉर्थ एंड ईस्ट फ्रेंचाइजी)आज केवल एक फूड चेन नहीं, बल्कि मॉडर्न बिजनेस और मैनेजमेंट की एक चलती-फिरती यूनिवर्सिटी बन चुका है।
Reference Links:
- McDonald's Official History Page
- Britannica - History of McDonald's
- History.com - McDonald's First Restaurant
- San Bernardino McDonald's Museum Site, McDonald's India's North and East franchisee
15 मई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 15 मई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1602: अंग्रेजी अन्वेषक बार्थोलोमेव गोस्नोल्ड ने पहले यूरोपीयन अभियान का नेतृत्व किया और मैसाचुसेट्स के केप कॉड पहुँचे।
- 1610: पेरिस की संसद ने लुई तेरहवें को फ्रांस का नया राजा नियुक्त किया।
- 1701: यूरोप में प्रसिद्ध 'स्पेनिश युद्ध उत्तराधिकार' की शुरुआत हुई।
- 1718: लंदन के वकील जेम्स पक्ले ने दुनिया की पहली मशीन गन का पेटेंट कराया।
- 1730: रॉबर्ट वाल्पोल आधिकारिक रूप से ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त हुए।
- 1788: ऑस्ट्रेलिया में सीमावर्ती युद्धों (Frontier Wars) की शुरुआत हुई।
- 1793: डिएगो मारिन एगुइलेरा ने अपने बनाए पहले ग्लाइडर से लगभग 360 मीटर की उड़ान भरी।
- 1811: दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे ने स्पेन से अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की।
- 1829: डेमियन साइरिल ने 'एस्त्रियन' नामक वाद्य यंत्र के लिए पेटेंट आवेदन दिया।
- 1836: फ्रांसिस बेली ने सूर्य ग्रहण के दौरान 'बेली के मोतियों' (Baily's beads) नामक खगोलीय घटना को पहली बार देखा।
- 1851: ऑस्ट्रेलिया में आधिकारिक तौर पर पहले 'गोल्ड रश' (सोने की खोज का अभियान) की घोषणा हुई।
- 1858: लंदन में प्रसिद्ध 'रॉयल इटालियन ओपेरा कोवेन्ट गार्डन' खोला गया।
- 1864: अमेरिकी गृहयुद्ध के दौरान न्यू मार्केट की लड़ाई में संघीय सेना की जीत हुई।
- 1869: सुसान बी. एंथनी और एलिजाबेथ स्टैंटन ने 'नेशनल वुमन सफ़रेज एसोसिएशन' की स्थापना की।
- 1878: जापान में टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना की गई।
- 1891: फिलिप्स एंड कंपनी की स्थापना नीदरलैंड (हॉलैंड) में की गई।
- 1891: पोप लियो XIII ने 'ररम नोवेरम' जारी कर आधुनिक कैथोलिक सामाजिक शिक्षण की नींव रखी।
- 1905: अमेरिका के प्रसिद्ध शहर लास वेगास की स्थापना एक रेलरोड शहर के रूप में हुई।
- 1916: टेक्सास में जेसी वाशिंगटन नामक किशोर की लिंचिंग हुई, जो अमेरिकी इतिहास की एक शर्मनाक नस्लीय घटना बनी।
- 1918: संयुक्त राज्य अमेरिका में पहली नियमित हवाई डाक सेवा (Airmail) शुरू हुई।
- 1919: कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी 'विन्निपेग जनरल स्ट्राइक' शुरू हुई।
- 1925: विश्व में पहले अरबी कम्युनिस्ट अखबार का प्रकाशन शुरू किया गया।
- 1928: मिकी माउस और मिन्नी माउस पहली बार 'प्लेन क्रेजी' नामक मूक फिल्म में प्रदर्शित हुए।
- 1930: ऐलन चर्च दुनिया की पहली महिला एयरहोस्टेस बनीं और ऑकलैंड से शिकागो की फ्लाइट में उड़ान भरी।
- 1939: प्रसिद्ध फिल्म 'गुडबाय, मिस्टर चिप्स' का ब्रिटेन में शानदार प्रीमियर हुआ।
- 1940: रिचर्ड और मौरिस मैकडॉनल्ड भाइयों ने कैलिफोर्निया में पहला मैकडॉनल्ड्स रेस्टोरेंट खोला।
- 1948: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने एसेक्स के खिलाफ एक ही दिन में 721 रन बनाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया।
- 1953: अमेरिका में ब्वॉय स्काउट्स के लिए पहली 'पाइनवुड डर्बी' कार रेस का आयोजन हुआ।
- 1957: ब्रिटेन ने प्रशांत महासागर में अपने पहले हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण किया।
- 1963: गॉर्डन कूपर अंतरिक्ष में जाने वाले पहले अमेरिकी बने जिन्होंने वहाँ नींद भी ली।
- 1966: दक्षिण वियतनाम के प्रधानमंत्री ने असंतुष्ट जनरल टन दैत को पद से हटाने का आदेश दिया।
- 1970: अन्ना मेए हेसे अमेरिकी सेना में 'ब्रिगेडियर जनरल' बनने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।
- 1974: इज़राइल के मालाट में एक स्कूल पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें 28 लोग मारे गए।
- 1985: एफबीआई ने सोवियत जासूस जॉन एंथनी वाकर जूनियर को गिरफ्तार किया।
- 1988: सोवियत संघ ने अपनी सेना को अफगानिस्तान से वापस बुलाना शुरू किया।
- 1990: विन्सेन्ट वैन गॉग की पेंटिंग 'डॉ. गैशेट का पोर्ट्रेट' 82.5 मिलियन डॉलर में बिकी, जो उस समय का रिकॉर्ड था।
- 1991: एडिथ क्रेसन फ्रांस की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त की गईं।
- 1993: संयुक्त राष्ट्र ने हर साल 15 मई को 'अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की।
- 1997: अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से लाओटियन गृह युद्ध में अपनी पिछली गुप्त भूमिका स्वीकार की।
- 2004: आर्सेनल फुटबॉल क्लब ने बिना कोई मैच हारे इंग्लिश प्रीमियर लीग का खिताब जीता।
भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1850: कैलिफोर्निया में अमेरिकी सेना द्वारा पोमो भारतीयों का नरसंहार किया गया (ऐतिहासिक रिकॉर्ड)।
- 1958: भारत में उपहार देने या लेने पर कर लगाने के लिए 'उपहार कर अधिनियम' लागू हुआ।
- 2008: भारतीय मूल की मंजूला सूद ब्रिटेन में मेयर बनने वाली पहली एशियाई महिला बनीं।
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