17 जनवरी का इतिहास: 1946 में जब दुनिया ने शांति के लिए उठाया पहला कदम
Kaushiki | Jan 17, 2026, 08:00 IST
UN HISTORY
17 जनवरी 1946 को लंदन में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली मीटिंग हुई। इस बैठक के बाद जानिए इस संस्था ने कैसे दुनिया में युद्ध रोकने की जिम्मेदारी संभाली।
आज के दिन की कहानी: दोस्तों, आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर शांति की अहमियत भूल जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया को युद्धों से कौन बचाता है? आज हम बात कर रहे हैं 17 जनवरी 1946 की उस ऐतिहासिक तारीख की। इस दिन लंदन के चर्च हाउस में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की पहली बैठक हुई।
यह वो दौर था जब दुनिया ने दूसरे विश्व युद्ध की भयंकर तबाही देखी थी। चारों तरफ बर्बादी का मंजर था और इंसानियत पूरी तरह से डरी हुई थी। ऐसे में एक ऐसी संस्था की जरूरत थी जो देशों के झगड़े सुलझा सके।
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द्वितीय विश्व युद्ध ने दुनिया को ये सिखा दिया था कि नफरत सिर्फ विनाश लाती है। करोड़ों लोगों की जान गई थी। कई बड़े देश पूरी तरह बर्बाद हो चुके थे। शांति बनाए रखने के लिए पहले लीग ऑफ नेशंस नाम की संस्था बनाई गई थी, लेकिन वो संस्था दूसरे विश्व युद्ध को रोकने में बुरी तरह से नाकाम साबित हुई।
इसके बाद दुनिया के ताकतवर देशों ने मिलकर एक मजबूत संगठन बनाने का फैसला लिया। इसी सोच के साथ 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना हुई। इसके सबसे पावरफुल हिस्से के तौर पर सुरक्षा परिषद (सिक्योरिटी कौंसिल) यानी UNSC को बनाया गया।
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17 जनवरी 1946 को लंदन के वेस्टमिंस्टर स्थित चर्च हाउस में पहली बैठक बुलाई गई। उस समय दुनिया की नजरें रेडियो और अखबार की खबरों पर टिकी हुई थीं। इस पहली बैठक में कुल 11 देशों ने हिस्सा लिया था, जो बहुत खास था।
इसमें 5 स्थायी सदस्य थे: अमेरिका, ब्रिटेन, सोवियत संघ, चीन और फ्रांस के प्रतिनिधि शामिल (unsc meeting)थे। इसके अलावा 6 अस्थायी सदस्य भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बने थे।
बैठक का माहौल बहुत ही गंभीर लेकिन उम्मीदों से भरा हुआ महसूस हो रहा था। हर कोई चाहता था कि भविष्य में कभी तीसरा विश्व युद्ध न होने पाए।
![सुरक्षा परिषद में किसी प्रस्ताव के पारित होने तक का सफ़र | यूएन समाचार]()
सुरक्षा परिषद का मुख्य काम दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है। इसके पास इतनी ताकत है कि यह किसी देश पर आर्थिक प्रतिबंध लगा सकती है। अगर जरूरत पड़े, तो यह शांति बनाए रखने के लिए सैन्य कार्रवाई भी कर सकती है।
पहली बैठक में ही यह साफ कर दिया गया था कि यह संस्था सक्रिय रहेगी। इसका मतलब था कि दुनिया में कहीं भी विवाद हो, परिषद तुरंत बैठक करेगी।
आज भी यह संस्था 24 घंटे और सातों दिन काम करने के लिए तैयार रहती है। किसी भी बड़े संकट के समय इसकी इमरजेंसी मीटिंग बुलाई जा सकती है जो जरूरी है।
![On This Day: आज ही के दिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हुई थी पहली बैठक | On This Day 17 january first meeting of the United Nations Security Council was held]()
1946 से लेकर आज 2026 तक सुरक्षा परिषद ने बहुत लंबा सफर तय किया है। शुरुआती दौर में शीत युद्ध की वजह से काफी मुश्किलें भी आईं। कई बार वीटो पावर (Veto Power) के इस्तेमाल ने फैसलों में देरी पैदा की है, लेकिन (World War)इसके बावजूद इस संस्था ने दर्जनों छोटे-बड़े युद्धों को टलवाने में मदद की है।
आज भारत जैसे देश भी इस परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं। दुनिया बदल रही है और अब इस संस्था में सुधार की भी काफी चर्चा है। फिर भी 17 जनवरी 1946 (United Nations Organization)का वो दिन हमेशा मील का पत्थर रहेगा।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 17 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 17 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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यह वो दौर था जब दुनिया ने दूसरे विश्व युद्ध की भयंकर तबाही देखी थी। चारों तरफ बर्बादी का मंजर था और इंसानियत पूरी तरह से डरी हुई थी। ऐसे में एक ऐसी संस्था की जरूरत थी जो देशों के झगड़े सुलझा सके।
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क्यों पड़ी सुरक्षा परिषद की जरूरत
इसके बाद दुनिया के ताकतवर देशों ने मिलकर एक मजबूत संगठन बनाने का फैसला लिया। इसी सोच के साथ 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना हुई। इसके सबसे पावरफुल हिस्से के तौर पर सुरक्षा परिषद (सिक्योरिटी कौंसिल) यानी UNSC को बनाया गया।
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लंदन की वो ऐतिहासिक शाम और पहली बैठक
इसमें 5 स्थायी सदस्य थे: अमेरिका, ब्रिटेन, सोवियत संघ, चीन और फ्रांस के प्रतिनिधि शामिल (unsc meeting)थे। इसके अलावा 6 अस्थायी सदस्य भी इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बने थे।
बैठक का माहौल बहुत ही गंभीर लेकिन उम्मीदों से भरा हुआ महसूस हो रहा था। हर कोई चाहता था कि भविष्य में कभी तीसरा विश्व युद्ध न होने पाए।
सुरक्षा परिषद में किसी प्रस्ताव के पारित होने तक का सफ़र | यूएन समाचार
सुरक्षा परिषद की असली ताकत
पहली बैठक में ही यह साफ कर दिया गया था कि यह संस्था सक्रिय रहेगी। इसका मतलब था कि दुनिया में कहीं भी विवाद हो, परिषद तुरंत बैठक करेगी।
आज भी यह संस्था 24 घंटे और सातों दिन काम करने के लिए तैयार रहती है। किसी भी बड़े संकट के समय इसकी इमरजेंसी मीटिंग बुलाई जा सकती है जो जरूरी है।
On This Day: आज ही के दिन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हुई थी पहली बैठक | On This Day 17 january first meeting of the United Nations Security Council was held
बदलते दौर में सुरक्षा परिषद की चुनौतियां
आज भारत जैसे देश भी इस परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहे हैं। दुनिया बदल रही है और अब इस संस्था में सुधार की भी काफी चर्चा है। फिर भी 17 जनवरी 1946 (United Nations Organization)का वो दिन हमेशा मील का पत्थर रहेगा।
Reference Links:
- United Nations Digital Library - First Meeting Record
- UN Photo Archive - First Session Images
- United Nations Official History Page
- Office of the Historian - US Delegation 1946
17 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 17 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1377: पोप ग्रेगरी XI ने अपना निवास एविग्नन से बदलकर वापस रोम कर लिया।
- 1524: इतालवी खोजकर्ता जियोवन्नी दा वेराजानो ने प्रशांत महासागर के समुद्री मार्ग की खोज शुरू की।
- 1584: मध्य यूरोपीय देश बोहेमिया ने ग्रेगोरियन कैलेंडर को आधिकारिक रूप से अपनाया।
- 1595: फ्रांस के राजा हेनरी चतुर्थ ने स्पेन के विरुद्ध युद्ध का ऐलान किया।
- 1718: स्विट्जरलैंड के ल्यूकरबड में भीषण हिमस्खलन से 53 लोगों की जान गई।
- 1746: फलकक्र म्यूर की लड़ाई में जैकबैक सेना ने ब्रिटिश सरकार की फौज को हराया।
- 1781: अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध में काउपेंस की लड़ाई में अमेरिकी सेना ने अंग्रेजों पर बड़ी जीत दर्ज की।
- 1798: प्रसिद्ध फ्रांसीसी समाजशास्त्री अगस्त कान्त का जन्म हुआ।
- 1806: व्हाइट हाउस में पैदा होने वाले पहले बच्चे जेम्स मैडिसन रैंडोल्फ बने (थॉमस जेफरसन के पोते)।
- 1841: पर्वतारोही जॉर्ज एवरेस्ट ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी की खोज की, जिसका नाम बाद में 'एवरेस्ट' पड़ा।
- 1885: सूडान के महदीसत युद्ध में अबु क्लि की लड़ाई में ब्रिटिश सेना विजयी रही।
- 1893: नागरिक सुरक्षा समिति ने हवाई की रानी लिली की सरकार का तख्तापलट कर दिया।
- 1912: रॉबर्ट फाल्कन स्कॉट दक्षिण ध्रुव पहुंचे, लेकिन वहां अमुंडसेन की टीम उनसे 33 दिन पहले पहुंच चुकी थी।
- 1913: रेमंड प्वाइनकेयर फ्रांस के नए राष्ट्रपति निर्वाचित हुए।
- 1917: अमेरिका ने डेनमार्क से वर्जिन आईलैंड्स को 2.5 करोड़ डॉलर में खरीदा।
- 1946: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की पहली ऐतिहासिक बैठक लंदन के चर्च हाउस में हुई।
- 1955: दुनिया की पहली परमाणु ऊर्जा संचालित पनडुब्बी 'यूएसएस नॉटिलस' ने पहली बार समुद्र की यात्रा की।
- 1961: कांगो के पूर्व प्रधानमंत्री पैट्रीस लुंबा की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई।
- 1966: स्पेन के ऊपर दो अमेरिकी विमानों की टक्कर से चार हाइड्रोजन बम जमीन और समुद्र में गिर गए।
- 1980: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 'फ्लाट्सट्कोम-3' उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
- 1989: कैलिफोर्निया के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 5 लोगों की मौत और 30 घायल हुए।
- 1991: नॉर्वे के राजा ओलाव वी की मृत्यु के बाद उनके पुत्र हराल्ड वी सिंहासन पर बैठे।
- 1991: अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सेनाओं ने इराक पर हमला किया और खाड़ी युद्ध शुरू हुआ।
- 1995: जापान के कोबे शहर में आए 7.2 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप में 5,372 लोग मारे गए।
- 1997: बास्केटबॉल खिलाड़ी डेनिस रॉडमैन को कैमरामैन को लात मारने के कारण एनबीए से निलंबित किया गया।
- 2009: इजरायल और हमास ने गाजा युद्ध में अपनी-अपनी ओर से एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की।
- 2010: इराक के पूर्व मंत्री 'केमिकल अली' को जहरीली गैस हमले के जुर्म में मौत की सजा सुनाई गई।
- 2010: नाइजीरिया में धार्मिक हिंसा की दुखद घटना में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई।
- 2011: वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य नए नेता का चुनाव करने के लिए एकत्रित हुए।
- 2011: जापान में कंप्यूटर खराबी के कारण हजारों बुलेट ट्रेन यात्री घंटों तक फंसे रहे।
- 2013: जापान ने फुकुशिमा के पास दुनिया का सबसे बड़ा अपतटीय पवन फार्म (Offshore Wind Farm) बनाने का ऐलान किया।
- 2013: साइकिल चालक लांस आर्मस्ट्रांग से डोपिंग विवाद के कारण उनका ओलंपिक कांस्य पदक वापस लिया गया।
- 2013: इराक में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 33 लोगों ने अपनी जान गंवाई।
- 2014: विनचेस्टर में मिली एक हड्डी के राजा अल्फ्रेड महान या उनके पुत्र एडवर्ड की होने की संभावना जताई गई।
- 2014: एनएसए खुलासे के बाद राष्ट्रपति ओबामा ने फोन सर्विलांस नियमों में सुधार की घोषणा की।
भारत की प्रमुख घटनाएं...
- 1989: कर्नल जेके बजाज उत्तरी ध्रुव (North Pole) पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने।
- 2012: भारत और चीन सीमा विवादों को सुलझाने के लिए एक साझा कार्यालय बनाने पर सहमत हुए।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
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