19 अगस्त का इतिहास: भारत में कैसे आया अंग्रेजों का पहला एक रुपए का सिक्का
19 अगस्त का इतिहास: भारत में कैसे आया अंग्रेजों का पहला एक रुपए का सिक्का

19 Aug 2026

By Kaushiki

साल 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना पहला एक रुपए का सिक्का बनाया था। यह ऐतिहासिक सिक्का कलकत्ता की टकसाल में ढाला गया था। प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों की आर्थिक ताकत की शुरुआत यहीं से हुई थी।

साल 1757 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत में अपना पहला एक रुपए का सिक्का बनाया था। यह ऐतिहासिक सिक्का कलकत्ता की टकसाल में ढाला गया था। प्लासी के युद्ध के बाद अंग्रेजों की आर्थिक ताकत की शुरुआत यहीं से हुई थी।

15 अगस्त का इतिहास: ईस्ट इंडिया कंपनी से लेकर आजादी मिलने तक की पूरी दास्तान
15 अगस्त का इतिहास: ईस्ट इंडिया कंपनी से लेकर आजादी मिलने तक की पूरी दास्तान

15 Aug 2026

By Kaushiki

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। अंग्रेजों ने लगभग 200 सालों तक राज किया। मंगल पांडे, भगत सिंह और महात्मा गांधी जैसे नायकों ने लड़ाई लड़ी। भारी संघर्ष और कुर्बानियों के बाद आखिरकार भारत को अपनी खोई हुई आजादी वापस मिली।

15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ था। अंग्रेजों ने लगभग 200 सालों तक राज किया। मंगल पांडे, भगत सिंह और महात्मा गांधी जैसे नायकों ने लड़ाई लड़ी। भारी संघर्ष और कुर्बानियों के बाद आखिरकार भारत को अपनी खोई हुई आजादी वापस मिली।

Partition Horror Day: 14 अगस्त 1947 को संविधान हॉल में क्या-क्या हुआ था?
Partition Horror Day: 14 अगस्त 1947 को संविधान हॉल में क्या-क्या हुआ था?

14 Aug 2026

By Kaushiki

14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत का बंटवारा हुआ था। इस दिन को भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाता है। इसी रात दिल्ली के संविधान हॉल में जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण ट्रिस्ट विद डेस्टिनी दिया था।

14 अगस्त 1947 को ब्रिटिश भारत का बंटवारा हुआ था। इस दिन को भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में याद किया जाता है। इसी रात दिल्ली के संविधान हॉल में जवाहरलाल नेहरू ने अपना प्रसिद्ध भाषण ट्रिस्ट विद डेस्टिनी दिया था।

10 अगस्त का इतिहास: अन्याय के खिलाफ बंदूक उठाने वाली फूलन देवी की कहानी
10 अगस्त का इतिहास: अन्याय के खिलाफ बंदूक उठाने वाली फूलन देवी की कहानी

10 Aug 2026

By Kaushiki

10 अगस्त 1963 को जन्मीं फूलन देवी की कहानी चंबल के बीहड़ से शुरू होकर भारत की संसद तक पहुंचती है। बाल विवाह, भयंकर शोषण और अन्याय के खिलाफ उन्होंने बंदूक उठाई। बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया और सांसद बनीं। जानिए उनकी जीवन गाथा।

10 अगस्त 1963 को जन्मीं फूलन देवी की कहानी चंबल के बीहड़ से शुरू होकर भारत की संसद तक पहुंचती है। बाल विवाह, भयंकर शोषण और अन्याय के खिलाफ उन्होंने बंदूक उठाई। बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण किया और सांसद बनीं। जानिए उनकी जीवन गाथा।

Quit India Movement: जब गांधीजी के करो या मरो नारे से कांप उठी थी ब्रिटिश हुकूमत
Quit India Movement: जब गांधीजी के करो या मरो नारे से कांप उठी थी ब्रिटिश हुकूमत

08 Aug 2026

By Kaushiki

08 अगस्त 1942 को बॉम्बे में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। गांधी जी ने देशवासियों को करो या मरो का नारा दिया। यह आंदोलन भारतीय आजादी की लड़ाई में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी।

08 अगस्त 1942 को बॉम्बे में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की थी। गांधी जी ने देशवासियों को करो या मरो का नारा दिया। यह आंदोलन भारतीय आजादी की लड़ाई में एक बड़ा मोड़ साबित हुआ, जिसने अंग्रेजों की नींव हिला दी।

हिरोशिमा दिवस: सुबह 8:15 बजे हुआ ऐसा धमाका कि 4000 डिग्री तापमान में पिघल गए लोग
हिरोशिमा दिवस: सुबह 8:15 बजे हुआ ऐसा धमाका कि 4000 डिग्री तापमान में पिघल गए लोग

06 Aug 2026

By Kaushiki

6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर 'लिटिल बॉय' नाम का पहला परमाणु बम गिराया था। इस हमले ने पल भर में शहर को तबाह कर दिया था। इस दिन को दुनिया हिरोशिमा दिवस और परमाणु विरोधी दिवस के रूप में याद करती है।

6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर पर 'लिटिल बॉय' नाम का पहला परमाणु बम गिराया था। इस हमले ने पल भर में शहर को तबाह कर दिया था। इस दिन को दुनिया हिरोशिमा दिवस और परमाणु विरोधी दिवस के रूप में याद करती है।

22 जुलाई का इतिहास: नेहरू जी के प्रस्ताव से तिरंगा कैसे बना भारत का राष्ट्रीय ध्वज
22 जुलाई का इतिहास: नेहरू जी के प्रस्ताव से तिरंगा कैसे बना भारत का राष्ट्रीय ध्वज

22 Jul 2026

By Kaushiki

22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रीय ध्वज का प्रस्ताव रखा। सर्वसम्मति से तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया। इसमें केसरिया, सफेद, हरा रंग और 24 तीलियों वाला अशोक चक्र शामिल है।

22 जुलाई 1947 को संविधान सभा में पंडित जवाहरलाल नेहरू ने राष्ट्रीय ध्वज का प्रस्ताव रखा। सर्वसम्मति से तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया गया। इसमें केसरिया, सफेद, हरा रंग और 24 तीलियों वाला अशोक चक्र शामिल है।

19 जुलाई का इतिहास: Banks Nationalisation 1969, जब बदल गई देश की आर्थिक दिशा
19 जुलाई का इतिहास: Banks Nationalisation 1969, जब बदल गई देश की आर्थिक दिशा

19 Jul 2026

By Kaushiki

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 19 जुलाई 1969 को देश के 14 बड़े प्राइवेट बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेवा को आम जनता, गरीब किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचाना था।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 19 जुलाई 1969 को देश के 14 बड़े प्राइवेट बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग सेवा को आम जनता, गरीब किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आसानी से पहुंचाना था।

18 जुलाई का इतिहास: कैसे पास हुआ था भारत की आजादी का कानून, बंटवारे की स्टोरी
18 जुलाई का इतिहास: कैसे पास हुआ था भारत की आजादी का कानून, बंटवारे की स्टोरी

18 Jul 2026

By Kaushiki

भारतीय इतिहास में 18 जुलाई का दिन बेहद खास है। साल 1947 में इसी दिन ब्रिटिश संसद में 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम' पास हुआ था। ब्रिटिश राजा के दस्तखत के ठीक 28 दिन बाद भारत को 200 साल की गुलामी से परमानेंट आजादी मिल गई थी।

भारतीय इतिहास में 18 जुलाई का दिन बेहद खास है। साल 1947 में इसी दिन ब्रिटिश संसद में 'भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम' पास हुआ था। ब्रिटिश राजा के दस्तखत के ठीक 28 दिन बाद भारत को 200 साल की गुलामी से परमानेंट आजादी मिल गई थी।

सम्मान: बलिदानियों की याद में विशेष कार्य
सम्मान: बलिदानियों की याद में विशेष कार्य

16 Nov 2024

By The Sootr

बच्चों के भोजन का अधिकार: आधार नहीं तो भी मिले आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन, भोपाल अधिवेशन में उठी मांग
बच्चों के भोजन का अधिकार: आधार नहीं तो भी मिले आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन, भोपाल अधिवेशन में उठी मांग

04 Oct 2026

By Sandeep Kumar

भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक बच्चों के भोजन का अधिकार अधिवेशन चला। इसमें 18 राज्यों के 400 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। आधार कार्ड न होने पर बच्चा आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन से वंचित न हो। फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी बंद करने की मांग भी उठी। गर्म पका भोजन देने और निजीकरण रोकने की मांग भी हुई। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

भोपाल में 2 से 4 अक्टूबर तक बच्चों के भोजन का अधिकार अधिवेशन चला। इसमें 18 राज्यों के 400 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। आधार कार्ड न होने पर बच्चा आंगनवाड़ी और मध्याह्न भोजन से वंचित न हो। फेस रिकग्निशन और ई-केवाईसी बंद करने की मांग भी उठी। गर्म पका भोजन देने और निजीकरण रोकने की मांग भी हुई। अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज भी मौजूद रहे।

125 साल से जल रहा बल्ब: लिवरमोर फायर स्टेशन में लगे बल्ब ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर क्यों नहीं हुआ फ्यूज
125 साल से जल रहा बल्ब: लिवरमोर फायर स्टेशन में लगे बल्ब ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, आखिर क्यों नहीं हुआ फ्यूज

04 Oct 2026

By Manya Jain

कैलिफोर्निया के लिवरमोर के फायर स्टेशन नंबर 6 में 1901 का बल्ब आज भी जल रहा है। इसे Centennial Light Bulb कहते हैं। यह कार्बन फिलामेंट वाला हाथ से बना बल्ब है। इसे ओहायो की शेल्बी इलेक्ट्रिक कंपनी ने बनाया था। यह 1901 में फायर डिपार्टमेंट को दान दिया गया था। गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज है। इसकी निगरानी के लिए लगे तीन वेबकैम खराब हो चुके हैं।

कैलिफोर्निया के लिवरमोर के फायर स्टेशन नंबर 6 में 1901 का बल्ब आज भी जल रहा है। इसे Centennial Light Bulb कहते हैं। यह कार्बन फिलामेंट वाला हाथ से बना बल्ब है। इसे ओहायो की शेल्बी इलेक्ट्रिक कंपनी ने बनाया था। यह 1901 में फायर डिपार्टमेंट को दान दिया गया था। गिनीज बुक में इसका नाम दर्ज है। इसकी निगरानी के लिए लगे तीन वेबकैम खराब हो चुके हैं।

पुलिस की ड्यूटी 55 जिलों में, इलाज का नेटवर्क क्यों रह गया पीछे? कैशलेस सुरक्षा में अस्पतालों की पहुंच बनी बड़ा सवाल
पुलिस की ड्यूटी 55 जिलों में, इलाज का नेटवर्क क्यों रह गया पीछे? कैशलेस सुरक्षा में अस्पतालों की पहुंच बनी बड़ा सवाल

04 Oct 2026

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश पुलिसकर्मी प्रदेश के 55 जिलों में ड्यूटी करते हैं। उनके परिवारों के इलाज में अस्पतालों की पहुंच अहम है। मई 2026 में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की समीक्षा हुई। तब कुल 59 निजी अस्पताल अनुबंधित बताए गए थे। पुलिस मुख्यालय ने अधिक अस्पताल जोड़ने पर जोर दिया है। गंभीर बीमारी में नजदीकी इलाज मिलना योजना की असली कसौटी है।

मध्य प्रदेश पुलिसकर्मी प्रदेश के 55 जिलों में ड्यूटी करते हैं। उनके परिवारों के इलाज में अस्पतालों की पहुंच अहम है। मई 2026 में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की समीक्षा हुई। तब कुल 59 निजी अस्पताल अनुबंधित बताए गए थे। पुलिस मुख्यालय ने अधिक अस्पताल जोड़ने पर जोर दिया है। गंभीर बीमारी में नजदीकी इलाज मिलना योजना की असली कसौटी है।

मध्यप्रदेश में फार्मासिस्ट के 1132 पद खाली, सरकारी अस्पताल से दवा सुरक्षा तक निगरानी किसके भरोसे?
मध्यप्रदेश में फार्मासिस्ट के 1132 पद खाली, सरकारी अस्पताल से दवा सुरक्षा तक निगरानी किसके भरोसे?

04 Oct 2026

By Ramanand Tiwari

मध्यप्रदेश में सरकारी अस्पतालों के 2623 नियमित फार्मासिस्ट पदों में 1132 खाली हैं। यह करीब 43.2 प्रतिशत है। इंदौर में जुलाई की दो दिन की जांच में 24 मेडिकल स्टोर में से 10 पर अनियमितताएं मिलीं। औषधि विभाग ने छह दवाओं के नमूने लिए। नवंबर 2025 की रिपोर्ट में ड्रग इंस्पेक्टरों के 96 पदों में 17 रिक्त थे। दवा सुरक्षा की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

मध्यप्रदेश में सरकारी अस्पतालों के 2623 नियमित फार्मासिस्ट पदों में 1132 खाली हैं। यह करीब 43.2 प्रतिशत है। इंदौर में जुलाई की दो दिन की जांच में 24 मेडिकल स्टोर में से 10 पर अनियमितताएं मिलीं। औषधि विभाग ने छह दवाओं के नमूने लिए। नवंबर 2025 की रिपोर्ट में ड्रग इंस्पेक्टरों के 96 पदों में 17 रिक्त थे। दवा सुरक्षा की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

इंदौर बैठक में हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ता बोले- राहुल गांधी से हमें नहीं मिलवाया, बड़े नेता मिल लिए
इंदौर बैठक में हंगामा, कांग्रेस कार्यकर्ता बोले- राहुल गांधी से हमें नहीं मिलवाया, बड़े नेता मिल लिए

04 Oct 2026

By Sanjay Gupta

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा रविवार (4 अक्टूबर) को गांधी भवन स्थित इंदौर कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कराने को लेकर नाराजगी जताई। दरअसल, छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आए थे।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा रविवार (4 अक्टूबर) को गांधी भवन स्थित इंदौर कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात नहीं कराने को लेकर नाराजगी जताई। दरअसल, छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आए थे।