संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार का सरप्राइज बिल कौन सा? अकेली पड़ी कांग्रेस
Sameer Chougaonkar | Jul 20, 2026, 15:40 IST
संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार
संसद का मानसून सत्र शुरू हो चुका है। जानें मोदी सरकार के 5 नए बिल, दो-तिहाई बहुमत का गणित और अकेली पड़ती कांग्रेस की सियासी लड़ाई के बारे में...
संसद का मानसून सत्र आज से, 19 दिन चलेंगी बैठकें
उन्होंने कहा कि जब तर्क और तथ्य ठोस हों, तो शांत रहकर भी अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी जा सकती है। पीएम ने उम्मीद जताई कि सदन की चर्चा ऐसे ही तर्कों और तथ्यों से समृद्ध होगी। हालांकि पीएम की अपील के बाद भी लोकसभा में हंगामा हुआ।
विपक्ष ने चढ़ावा चोरी मामले में क्यों साधा निशाना?
इससे साफ हो गया कि विपक्ष सत्र में मोदी से इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ने और बयान देने की मांग करेगा।
विपक्ष के पास मुद्दों की कमी नहीं, फिर भी कमजोर क्यों?
लेकिन सरकार विपक्ष की कमजोर हुई ताकत, टूटी एकता और एनडीए के बढ़ते कुनबे से गदगद है।
सदन में सांसदों की सीटिंग व्यवस्था में क्यों हुआ बदलाव?
विपक्षी गठबंधन में कहां-कहां लगी सेंध?
बंगाल चुनाव के बाद विपक्ष के कई किले आपसी टूट से ढह गए। ममता बंगाल चुनाव हारीं और पार्टी को भारी टूट का सामना करना पड़ा। ममता के टूटे 20 सांसदों ने एनसीपी (अजित पवार गुट) में अपने गुट का विलय कर लिया, जबकि राज्यसभा में ममता के चार सांसदों ने इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया।
उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने एकनाथ शिंदे की पार्टी में विलय कर लिया है। शरद पवार की पार्टी का इंडिया गठबंधन से बाहर होना और एनडीए का हिस्सा होना लगभग तय है। झारखंड मुक्ति मोर्चा कब मुद्दा आधारित समर्थन देने की बात कहकर एनडीए के पाले में चली जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता।
इस मानसून सत्र में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के अलावा कोई बड़ा दल इंडिया गठबंधन में बचा नहीं है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी फिलहाल एक साथ नजर आ रही हैं। आज राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद में बैठक भी की है।
सर्वदलीय बैठक में क्या तय हुआ?
सर्वदलीय बैठक के बाद लोकसभा बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक भी हुई। सरकार इस सत्र में चार बिल लाने वाली है, लेकिन कुछ ऐसे बिल भी हो सकते हैं जिनकी तैयारी सरकार पिछले कई महीनों से कर रही है और अचानक सामने ला सकती है।
विपक्ष, खासकर कांग्रेस को डर है कि सरकार महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण से जुड़े कानून को 2029 से लागू करने और देश में परिसीमन के नए प्रारूप से जुड़े संविधान संशोधन बिल को लाकर चौंका सकती है।
क्या सरकार के पास है दो तिहाई बहुमत?
लोकसभा और राज्यसभा का पूरा गणित क्या है?
एक संभावना यह बनती है कि इंडिया गठबंधन के पूर्व सहयोगी शरद पवार के आठ सांसदों के अलावा, डीएमके (DMK) के 22 सांसद और आरजेडी के चार सांसद सरकार को राहत देने के लिए मतदान का बहिष्कार कर दें। इसके अलावा बीएपी (BAP) पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, यूपीपीएल और जेडपीएम (ZPM) के एक-एक सांसद भी सरकार के पक्ष में या मतदान से बाहर रहकर मदद कर सकते हैं। खबर है कि पर्दे के पीछे समाजवादी पार्टी से भी बातचीत चल रही है।
राज्यसभा की बात करें तो आम आदमी पार्टी के सात सांसदों और टीएमसी के तीन सांसदों के भाजपा में शामिल होने तथा एक टीएमसी सांसद के इस्तीफे के बाद वर्तमान में एनडीए के राज्यसभा में 152 सांसद हैं। राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत के लिए 163 का आंकड़ा चाहिए। ऐसे में एनडीए दो तिहाई बहुमत से सिर्फ 11 वोट पीछे है।
सरकार दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत के साथ परिसीमन बिल, महिला आरक्षण बिल, एक देश-एक चुनाव और न्यायिक-संवैधानिक सुधार बिल पर आगे बढ़ने की तैयारी में है।
क्या 5 अगस्त को आएगा कोई ऐतिहासिक बिल?
ऐसे में 5 अगस्त का दिन संसद के लिए विशेष महत्व का हो सकता है। सत्र के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी लाल किले से देश के नाम संबोधन देंगे। सरकार की कोशिश होगी कि इस सत्र में कोई ऐसा ऐतिहासिक बिल पास कराया जाए जिसका जिक्र प्रधानमंत्री लाल किले के संबोधन में कर सकें।
सत्र में कौन-कौन से बिल पहले से लंबित हैं?
पहला है विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026- एफसीआरए संशोधन बिल, जिस पर चार घंटे चर्चा होगी। यह विधेयक 25 मार्च 2026 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसका उद्देश्य देश में आने वाले विदेशी अनुदानों/अंशदानों की पारदर्शिता बढ़ाना है।
दूसरा लंबित बिल विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक है। इसके अंतर्गत यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई की जगह एक रेगुलेटर अथॉरिटी बनाई जाएगी, जिससे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान सीधे इसके दायरे में आएंगे।
सरकार के एजेंडे में कौन-कौन से 5 नए बिल?
- आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 इस बिल पर सरकार 4 घंटे चर्चा करेगी। मकसद है विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करना।
- उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 इस बिल पर भी 4 घंटे चर्चा होगी। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर) करने का प्रावधान है, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निपटारा हो सके।
- जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 इसके लिए भी सरकार ने 4 घंटे का समय तय किया है। यह विधेयक 1969 के मूल अधिनियम (जिसमें 2023 में भी संशोधन हुआ था) की धारा 13(3) में बदलाव करेगा। रजिस्ट्रेशन सिर्फ न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से होगा, और डीएम व एसडीएम की मंजूरी का प्रावधान भी शामिल है।
- राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 इस बिल पर भी चर्चा के लिए चार घंटे तय हैं। इसके जरिए 1971 के अधिनियम में संशोधन कर राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधान और सख्त किए जाएंगे। जन गण मन की तरह अब वंदे मातरम को भी कानूनी संरक्षण मिलेगा। अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना कानूनी जुर्म होगा और अपराध की श्रेणी में आएगा।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 इस बिल पर पांच घंटे चर्चा होगी। इसका उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और भरोसा आधारित नियमों को बढ़ावा देना, देरी से होने वाले भुगतानों के तंत्र को मजबूत करना और राज्यों को अधिक अधिकार देना है।
आगे क्या? गतिरोध बरकरार
सबकी नजर संविधान संशोधन बिल पर है। सरकार इसे लाती है या उचित समय का इंतजार करती है, यह देखना दिलचस्प होगा। सरकार चौंकाने के लिए जानी जाती है - एक बार फिर चौंकने के लिए तैयार रहें।
नोट- प्रिंट मीडिया में दो दशक से सक्रिय समीर चौगांवकर राजनीतिक पत्रकारिता के एक विश्वसनीय और स्थापित नाम हैं। इंडिया टुडे, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका और एशिया टाइम्स सहित देश-विदेश के प्रतिष्ठित मंचों पर उनके लेख प्रकाशित होते हैं। भाजपा, पीएमओ, संसद और आरएसएस की गहरी कवरेज तथा प्रमुख न्यूज चैनलों पर तथ्यपरक राजनीतिक विश्लेषण उनकी पहचान है।इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं।
FAQ
- मानसून सत्र 2026 कब से कब तक चलेगा?
मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान कुल 19 दिन बैठकें होंगी। सत्र में सरकार कई अहम बिल पेश करने वाली है। - मानसून सत्र में सरकार कौन-कौन से नए बिल लाएगी?
सरकार पांच नए बिल लाएगी- आयकर संशोधन, सुप्रीम कोर्ट जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल, जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन, राष्ट्रीय सम्मान अपमान रोकथाम संशोधन और एमएसएमई विकास संशोधन विधेयक। - विपक्ष मानसून सत्र में सरकार से क्या मांग कर रहा है?
विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, महंगाई, विदेश नीति और आंतरिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है।
मोदी कैबिनेट विस्तार से लेकर नवीन की टीम तक... जल्द मचेगी सियासी हलचल!
क्या राहुल गांधी सच में मोदी के एकमात्र विकल्प बन गए हैं?
इंडिया गठबंधन: हारे हुए नेता, बिखरा गठबंधन- विपक्ष की दर्दनाक कहानी
अभ्यन्तरम्: तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक से शुरू हुई राहुल गांधी की नई सियासत
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj