जीते जी इलाहाबाद: ममता कालिया की कलम से संगीत और शहर का अनूठा संगम
Anjali Dwivedi | Mar 16, 2026, 18:23 IST
jeete-ji-allahabad-manisha-kulshreshtha
ममता कालिया का उपन्यास जीते जी इलाहाबाद शास्त्रीय संगीत, ठुमरी और प्रयागराज की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दस्तावेज है। साहित्य अकादमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित यह किताब बब्बन बाई के संघर्ष की अनूठी कहानी है।
- किताब का नाम: जीते जी इलाहाबाद
- लेखक: ममता कालिया
- प्रकाशन: राजकमल प्रकाशन
- भाषा: हिंदी
- पहचान: साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025 से सम्मानित
जीते जी इलाहाबाद की कहानी का सारांश
यह एक औरत के आत्मसम्मान की लड़ाई है। यह एक शहर के धीरे-धीरे बिखरने का दर्द है। और यह उस 'गंगा-जमुनी तहजीब' की याद है, जिसे पढ़कर आंखें नम हो जाती हैं।
प्रतीकात्मक और मुख्य पात्र
- बब्बन बाई: यह उपन्यास की सबसे ताकतवर आवाज हैं। वे सिर्फ एक पात्र नहीं हैं। वे उस पूरे दौर की नुमाइंदगी करती हैं, जब कला ही इंसान का धर्म था। उनके गले में सरस्वती बसती थीं, लेकिन समाज की नज़रें हमेशा उन्हें संदेह से देखती रहीं।
- इलाहाबाद शहर: इस किताब में इलाहाबाद कोई पृष्ठभूमि नहीं है। यह खुद एक जीता-जागता किरदार है। निराला की गर्जना, पंत की कोमलता और महादेवी वर्मा की करुणा, ये सब इस कहानी को एक ऐतिहासिक सच्चाई देते हैं।
लेखक ममता कालिया कौन हैं?
उनके अन्य चर्चित कामों में 'शिगाफ' और कई कहानी संग्रह शामिल हैं। हिंदी साहित्य में उनकी जगह अलग और खास है।
किताब की पहचान और पुरस्कार
यह पुरस्कार सिर्फ एक किताब का सम्मान नहीं है। यह उस मेहनत का सम्मान है, जो एक लेखक बरसों की साधना में लगाता है।
किताब का मुख्य संदेश और अंश
इलाहाबाद सिर्फ रहने की जगह नहीं है, यह जीने का अंदाज है। यहां की हवाओं में जब तक निराला की गर्जना और महादेवी की करुणा का संगम न मिले, तब तक शाम मुकम्मल नहीं होती। यह एक लाइन बता देती है कि लेखक ने इस शहर को कितनी गहराई से महसूस किया है।
किताब दो बातें बहुत साफ कहती है। पहली, कला का सम्मान किसी सामाजिक ठप्पे का मोहताज नहीं होता। दूसरी, अपनी सांस्कृतिक विरासत को भूलना किसी भी समाज के लिए नुकसानदेह है।
क्यों पढ़ें जीते जी इलाहाबाद?
- शास्त्रीय संगीत और ठुमरी की दुनिया को करीब से समझने के लिए।
- इलाहाबाद के उस दौर को महसूस करने के लिए, जो अब सिर्फ यादों में है।
- एक महिला कलाकार के आत्मसम्मान की कहानी जानने के लिए।
- और बेहद सुंदर, शुद्ध हिंदी भाषा का आनंद लेने के लिए।
निष्कर्ष
अगर आप एक ऐसी किताब चाहते हैं जो शहर, संगीत और जज्बात को एक साथ जीए तो यह किताब आपके संग्रह में जरूर होनी चाहिए।
और भी किताबों के बारे में जानें -
दोस्त बनाने की कला सिखाती है डेल कार्नेगी की किताब हाउ टू विन फ्रेंड्स एंड इन्फ्लूएंस पीपल
The 5 AM Club : रॉबिन शर्मा की किताब सिखाती है कि कैसे सुबह का पहला घंटा बदल सकता है आपका पूरा जीवन
गोदान : मुंशी प्रेमचंद का महान उपन्यास जो असली भारत का दस्तावेज बन गया
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari