चीन में AI बना डिजिटल बेटा: 80 साल की बीमार मां से रोज करता है वीडियो कॉल पर बातें

Jitendra Shrivastava | Apr 13, 2026, 17:46 IST
Share
ai avatar
Photograph: (THESOOTR)

CHINA. चीन में एक परिवार ने मृत बेटे का AI अवतार बनाया, जो रोज बुजुर्ग बीमार मां से वीडियो कॉल करता है। यह कहानी AI और इंसानी भावनाओं का अनोखा संगम है।

News In Short

  • चीन में मृत बेटे का AI अवतार बनाया गया।
  • 80 वर्षीय बीमार मां को सच्चाई छिपाई गई।
  • रोज वीडियो कॉल से मां को मिलता है सुकून।
  • AI ने आवाज़, चेहरा और आदतें कीं हूबहू कॉपी।
  • सोशल मीडिया पर AI के नैतिक उपयोग पर बहस।

News In Detail

कभी-कभी तकनीक सिर्फ सुविधा नहीं बनती। वह टूटे दिलों का सहारा भी बन जाती है। चीन से एक ऐसी ही कहानी आई है जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया।

एक परिवार ने अपने बेटे की मौत की सच्चाई अपनी 80 वर्षीय बीमार मां से छिपाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया और एक डिजिटल अवतार (Digital Avatar) तैयार किया।

क्या है यह पूरा मामला?

यह मामला चीन के शानदोंग प्रांत (Shandong Province) का है। यहां एक युवक की सड़क दुर्घटना में दुखद मौत हो गई। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक की मां 80 साल की हैं। वह दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार को गहरी चिंता थी कि बेटे की मौत का समाचार उन्हें तोड़ देगा। इसीलिए परिवार ने यह दुखद सच्चाई उनसे छिपाने का कठिन निर्णय लिया।

AI एक्सपर्ट ने बनाया डिजिटल अवतार

परिवार ने जियांगसु प्रांत (Jiangsu Province) के AI विशेषज्ञ झांग जेवेई से संपर्क किया। उन्हें मृत युवक की तस्वीरें, वीडियो क्लिप और आवाज के नमूने दिए गए। इन सभी डेटा की सहायता से एक डिजिटल अवतार (Digital Avatar) तैयार किया गया।

यह अवतार दिखने, बोलने और व्यवहार में बिल्कुल असली बेटे जैसा लगता है। उसकी आवाज़, बोलने का अंदाज़ और छोटी-छोटी आदतें भी हूबहू कॉपी की गईं। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की अद्भुत और भावनात्मक उपलब्धि मानी जा रही है।

ai avatar
ai avatar


रोज होती है मां-बेटे की वीडियो कॉल

अब यही AI 'बेटा' रोज़ वीडियो कॉल (Video Call) के ज़रिए मां से बात करता है। मां उससे बात करके गहरा सुकून महसूस करती हैं। वह अक्सर अपने 'बेटे' को याद दिलाती हैं कि समय पर खाना खाए।

वह कहती हैं कि अपना ख्याल रखे और उन्हें फोन करता रहे। AI अवतार जवाब देता है कि वह काम में व्यस्त है। वह बताता है कि जल्द ही घर आएगा। हर कॉल के बाद मां के चेहरे पर जो संतोष और खुशी आती है, वही इस पूरे फैसले की सबसे बड़ी वजह है।

भावनाओं और तकनीक का अनोखा संगम

यह मामला डिजिटल इमोशन [Digital Emotion] और मानवीय संवेदनाओं के मिलन की एक बेमिसाल कहानी है। एक ओर जहां परिवार ने असहनीय दर्द को चुपचाप सहा, वहीं दूसरी ओर एक बुजुर्ग मां को अपने बेटे का प्यार मिलता रहा।

यह देखना कठिन और कोमल दोनों है। AI तकनीक ने यहां एक मां के जीवन में आशा और स्नेह की लौ जलाए रखी। यह उदाहरण बताता है कि तकनीक कभी-कभी इंसानी भावनाओं के बेहद करीब आ जाती है।

सोशल मीडिया पर नैतिक बहस

जैसे ही यह कहानी सामने आई, सोशल मीडिया [Social Media] पर तेज़ी से वायरल हो गई। कुछ लोग इसे पढ़कर आंसू नहीं रोक पाए। कुछ ने इसे भावनात्मक और मानवीय कदम बताया।

वहीं कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या सच्चाई को इस तरह छिपाना उचित है। AI एथिक्स [AI Ethics] के नज़रिए से भी यह मामला गंभीर बहस का विषय बन गया। लोग पूछ रहे हैं कि तकनीक का इस हद तक भावनात्मक उपयोग करना कहाँ तक सही है।

AI और मानवीय संवेदना का भविष्य

यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं है। यह उस युग की तस्वीर है जहां AI ह्यूमन इमोशन (AI Human Emotion) के करीब पहुंच रहा है। डीपफेक (Deepfake) और डिजिटल अवतार की तकनीक अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रही।

यह तकनीक अब इंसानी रिश्तों और भावनाओं में भी दाखिल हो रही है। यह सोचने पर मजबूर करता है कि भविष्य में AI की भूमिका क्या होगी। क्या वह प्रियजनों की यादों को जीवित रखने का जरिया बनेगा?

FAQ

  1. AI अवतार क्या होता है और यह कैसे काम करता है?
    AI अवतार एक डिजिटल प्रतिरूप होता है। यह किसी व्यक्ति की तस्वीरों, वीडियो और आवाज के नमूनों से तैयार किया जाता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से यह अवतार उस व्यक्ति की तरह दिखता, बोलता और व्यवहार करता है। चीन के इस मामले में AI एक्सपर्ट झांग जेवेई ने मृत बेटे की जानकारी का उपयोग करके ऐसा ही एक डिजिटल अवतार तैयार किया, जो उसकी बुजुर्ग मां से वीडियो कॉल पर रोज़ बात करता है।
  2. क्या AI अवतार के जरिए मृत व्यक्ति की यादें जीवित रखना नैतिक है?
    यह एक जटिल नैतिक प्रश्न है। एक ओर यह तकनीक किसी बुजुर्ग या बीमार व्यक्ति को मानसिक सदमे से बचा सकती है, जैसा कि चीन की इस मां के मामले में हुआ। दूसरी ओर, AI एथिक्स विशेषज्ञों का मानना है कि सत्य को अनिश्चितकाल के लिए छिपाना उचित नहीं। यह मामला समाज को सोचने पर मजबूर करता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भावनात्मक उपयोग किस हद तक स्वीकार्य है।
ये खबरें भी पढ़ें...

चीन ने AI शिक्षा को अनिवार्य किया, टीचर की नौकरी तभी, जब AI जानता हो

पैसे दो तभी उठेगा घूंघट, सुहागरात पर पत्नी की 90 लाख की डिमांड सुन पति के उड़े होश

वसुंधरा राजे को सफाई देने की ज़रूरत नहीं, अशोक गहलोत ने ऐसा क्यों कहा?

डेढ़ लाख रुपए में कैंसर की नकली दवा, एंटीफंगल मिलाकर अस्पताल से होती थी सप्लाई





Tags:
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • AI
  • चीन
  • वीडियो कॉल
  • डिजिटल
  • डीपफेक
  • AI अवतार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज