अमन गुप्ता ने क्यों छोड़ा था boAt CMO का पद? शार्क टैंक इंडिया फेम फाउंडर ने खुद किया खुलासा
Manya Jain | Apr 29, 2026, 16:23 IST
BOAT AMAN GUPTA
boAt के को-फाउंडर अमन गुप्ता ने CMO पद से इस्तीफा देने की असली वजह बताई। उन्होंने साफ किया कि यह फैसला अचानक नहीं, बल्कि एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। सोशल मीडिया पर अब इसकी खूब चर्चा हो रही है।
देश दुनिया न्यूज. शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank) के जज टीवी के साथ-साथ अब सोशल की चटपटी खबरें भी सुर्खियां बटोर रहे हैं। हाल ही में एक एपिसोड के दौरान 'शादी डॉट कॉम' के फाउंडर अनुपम मित्तल (Anupam Mittal) ने boAt के को-फाउंडर अमन गुप्ता के इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अब भारत के सबसे लोकप्रिय स्टार्टअप्स में से एक,boAt के को-फाउंडर अमन गुप्ता ने चुप्पी तोड़ते हुए साफ़ किया है कि उन्होंने आखिर क्यों कंपनी के 'चीफ मार्केटिंग ऑफिसर' (CMO) के पद से इस्तीफा दिया। उनका यह फैसला अचानक लिया गया कदम नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
अमन गुप्ता ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनका पद छोड़ना पूरी तरह से 'प्लान्ड' (Planned) था। उन्होंने बताया कि किसी भी स्टार्टअप के लिए एक ऐसा समय आता है जब फाउंडर्स को अपनी भूमिका बदलकर कंपनी की कमान अनुभवी पेशेवरों (Professionals) के हाथ में सौंपनी पड़ती है।
अमन के अनुसार, boAt अब उस मुकाम पर पहुंच गया है जहाँ इसे एक प्रोफेशनल मैनेजमेंट स्ट्रक्चर (Professional Management Structure) की जरूरत है।
यह बदलाव रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसकी नींव तीन साल पहले ही रख दी गई थी जब कंपनी ने पहली बार एक बाहरी CEO को अपॉइंट किया था।
अमन का मानना है कि कंपनी के विजन को और अधिक विस्तार देने के लिए अब व्यक्तिगत मार्केटिंग रोल के बजाय एक संस्थागत लीडरशिप की जरूरत है।
अमन गुप्ता की जगह अब गौरव नायर (Gaurav Nayar) ने ली है। गौरव ने पहले कंपनी में 'चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर' (COO) के तौर पर जॉइन किया था, लेकिन उनकी काम और एक्सपीरियंस को देखते हुए उन्हें अब CEO की जिम्मेदारी दी गई है।
अमन ने स्पष्ट रूप से कहा, "अब इस कंपनी का बॉस गौरव ही है। वही बोर्ड को रिपोर्ट करता है और सारे बड़े फैसले लेता है। मुझे लगा कि कंपनी को अब मेरे बजाय प्रोफेशनली ज्यादा बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है।" यह बयान एक फाउंडर के तौर पर उनकी परिपक्वता (Maturity) को दर्शाता है, जहाँ उन्होंने अपनी ईगो के बजाय कंपनी की ग्रोथ को प्रायोरिटी दी है।
भले ही अमन गुप्ता ने रोजमर्रा के ऑपरेशन्स और CMO के पद से दूरी बना ली हो, लेकिन वह अभी भी कोर टीम का हिस्सा है।
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अब भारत के सबसे लोकप्रिय स्टार्टअप्स में से एक,
प्रोफेशनल मैनेजमेंट की ओर बढ़ता boAt
क्यों लिया यह फैसला?
यह बदलाव रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि इसकी नींव तीन साल पहले ही रख दी गई थी जब कंपनी ने पहली बार एक बाहरी CEO को अपॉइंट किया था।
अमन का मानना है कि कंपनी के विजन को और अधिक विस्तार देने के लिए अब व्यक्तिगत मार्केटिंग रोल के बजाय एक संस्थागत लीडरशिप की जरूरत है।
गौरव नायर: boAt के नए कप्तान
अमन ने स्पष्ट रूप से कहा, "अब इस कंपनी का बॉस गौरव ही है। वही बोर्ड को रिपोर्ट करता है और सारे बड़े फैसले लेता है। मुझे लगा कि कंपनी को अब मेरे बजाय प्रोफेशनली ज्यादा बेहतर तरीके से चलाया जा सकता है।" यह बयान एक फाउंडर के तौर पर उनकी परिपक्वता (Maturity) को दर्शाता है, जहाँ उन्होंने अपनी ईगो के बजाय कंपनी की ग्रोथ को प्रायोरिटी दी है।
बोर्ड में अभी भी टीम में बरकरार है अमन
बोर्ड मेंबर: अमन गुप्ता अभी भी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का हिस्सा हैं और रणनीतिक फैसलों में शामिल रहते हैं। शेयर होल्डिंग: अमन गुप्ता और उनके पार्टनर समीर मेहता के पास अभी भी boAt के 40% से ज्यादा शेयर हैं। फोकस: अब उनका ध्यान कंपनी के दैनिक कार्यों के बजाय बड़े विजन और इन्वेस्टमेंट्स पर रहेगा।
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