कॉकरोच जनता पार्टी: सोशल मीडिया पर CJP का जलवा, महुआ मोइत्रा भी होना चाहती हैं शामिल

Manya Jain | May 19, 2026, 18:20 IST
Share
Cockroach janta Party
Cockroach janta Party

सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) ने तहलका मचाया है। सिर्फ दो दिन में इस अनूठी पार्टी से 40 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। महुआ मोइत्रा ने भी इसमें शामिल होने की इच्छा जताई है।

5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

  • सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) नाम का एक नया डिजिटल राजनीतिक मंच तेजी से वायरल हो रहा है।
  • इस अनूठी पार्टी ने महज दो दिनों के भीतर अपने साथ 40 हजार से अधिक ऑनलाइन सदस्य जोड़ने का दावा किया है।
  • तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद ने भी इस मजेदार अभियान में रुचि दिखाई है।
  • यह पार्टी गंभीर राजनीतिक मुद्दों जैसे नीट (NEET) परीक्षा विवाद और चुनावी सुधारों पर खुलकर व्यंग्य कर रही है।
  • पार्टी का मुख्य नारा 'सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी' (Secular, Socialist, Democratic, Lazy) युवाओं को आकर्षित कर रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी

भारतीय राजनीति का माहौल अक्सर काफी गंभीर और तनावपूर्ण रहता है। ऐसे माहौल के बीच सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party - CJP) ने एक बेहद दिलचस्प और मजाकिया बहस छेड़ दी है। कोई इसे युवाओं का नया संगठन कह रहा है, तो कोई इसे एक बेहतरीन राजनीतिक व्यंग्य (Political Satire) मान रहा है।

इस मंच ने खुद को युवाओं का, युवाओं के लिए और युवाओं द्वारा बनाया गया राजनीतिक मंच घोषित किया है। पार्टी ने इंटरनेट पर अपना सदस्यता अभियान शुरू किया है। इसके दावों ने सबको चौंका दिया है। केवल 48 घंटों में इस डिजिटल आंदोलन से हजारों लोग जुड़ चुके हैं।

आखिर कैसे हुई CJP की शुरुआत

इस अनोखी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पीछे अभिजीत दिपके का दिमाग है। अभिजीत पहले भी राजनीतिक अभियानों का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने साल 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए सोशल मीडिया कैंपेनिंग का काम संभाला था। डिजिटल ट्रेंड्स को समझने की उनकी इसी कला ने CJP को रातों-रात इंटरनेट पर वायरल कर दिया।

पार्टी के नाम के पीछे की कहानी

माना जा रहा है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी से प्रेरित है। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि कुछ युवा कॉकरोच जैसे होते हैं।

जो रोजगार न मिलने पर सोशल मीडिया या आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई दी कि उनके बयान को गलत समझा गया। इसी बात पर व्यंग्य करते हुए अभिजीत ने इस पार्टी का गठन कर दिया।

महुआ मोइत्रा भी हुए फैन

सोशल मीडिया पर इस पार्टी की लोकप्रियता इतनी बढ़ गई कि देश के बड़े नेता भी खुद को कमेंट करने से नहीं रोक पाए। तृणमूल कांग्रेस की फायरब्रांड सांसद महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने CJP की एक पोस्ट को शेयर करते हुए मजाकिया अंदाज में इसकी सदस्य बनने की इच्छा जताई।

महुआ मोइत्रा के इस कदम पर पार्टी के आधिकारिक हैंडल ने जवाब दिया, लोकतंत्र को आप जैसे फाइटर की जरूरत है, आपका स्वागत है।" वहीं, पूर्व क्रिकेटर और सांसद कीर्ति आजाद ने जब पार्टी में शामिल होने की योग्यता पूछी, तो CJP ने चुटकी लेते हुए कहा,1983 का वर्ल्ड कप जीतना ही काफी है।

सदस्यता के मजेदार नियम

पार्टी ने सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले जेन-जी (Gen-Z) युवाओं को जोड़ने के लिए सदस्यता की कुछ मजेदार शर्तें रखी हैं:

  • व्यक्ति का बेरोजगार होना या काम से बचना (Lazy होना)।
  • हमेशा इंटरनेट और सोशल मीडिया पर ऑनलाइन एक्टिव रहना।
  • प्रोफेशनल तरीके से व्यवस्था के खिलाफ शिकायत करने का हुनर होना।

CJP का 5-सूत्रीय गंभीर घोषणापत्र

भले ही यह पार्टी मजाक से शुरू हुई हो, लेकिन इसके घोषणापत्र में उठाए गए मुद्दे बेहद गंभीर हैं। पार्टी ने मांग की है कि रिटायरमेंट के बाद देश के किसी भी मुख्य न्यायाधीश (CJI) को राज्यसभा की सीट नहीं मिलनी चाहिए।

इसके अलावा, यदि किसी वैध नागरिक का नाम वोटर लिस्ट से हटता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संसद और कैबिनेट में महिलाओं को 50% आरक्षण देने तथा दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल का बैन लगाने की मांग भी इसमें शामिल है।

पार्टी का एआई एंथम

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने इस नई पार्टी को कुछ जरूरी सलाह दीं। उन्होंने कहा कि CJP को खुद को सूचना का अधिकार (RTI) के दायरे में रखना चाहिए। साथ ही, गुप्त चंदा लेने से बचना चाहिए और कभी भी 'Cockroach CARES Fund' जैसी चीजें नहीं बनानी चाहिए।

CJP ने युवाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार एक गाना या एंथम (Anthem) भी जारी किया है। इस गाने की मुख्य लाइन है- "We are Cockroach Party, we are children of a burning city"। अब यह पार्टी युवाओं के लिए एक वर्चुअल कंवेंशन (Gen-Z Convention) आयोजित करने की तैयारी में है।

ये भी पढ़ें...

Gen-Z युवाओं के बीच फिर से ट्रेंड हो रहे हैं बोर्ड गेम्स और बुक क्लब? क्या है स्लो लिविंग

क्यों Gen-Z ठुकरा रहे हैं प्रमोशन? Quiet Ambition का बढ़ता क्रेज और बदलता वर्क-कल्चर

Dark Showering: Gen-Z का अंधेरे में नहाने का अनोखा तरीका, जो दिलाएगा सुकून भरी नींद

Gen-Z जनरेशन का डिजिटल कनेक्शन, रील्स और चैट से पता लगेगी रिश्ते की मजबूती

Tags:
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
  • सोशल मीडिया
  • CJI
  • मुख्य न्यायाधीश
  • GEN-Z
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा