बच्चों के लिए सेफ नहीं है फेसबुक-इंस्टाग्राम, US कोर्ट ने Meta पर लगाया 3100 करोड़ का जुर्माना
Kaushiki | Mar 25, 2026, 13:54 IST
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फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की मालिक कंपनी मेटा को तगड़ा झटका लगा है। मेटा हमेशा यह कहती आई है कि वह बच्चों की सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर खर्च करती है, लेकिन...
Mark Zuckerberg's Meta: सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा एक बड़ी मुसीबत में फंस गई है। फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा पर भारी जुर्माना लगा है। ये फैसला अमेरिका के न्यू मेक्सिको की जूरी ने सुनाया है।
कोर्ट ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। भारतीय रुपयों में ये रकम करीब 31 सौ करोड़ रुपए होती है। ये फैसला बच्चों की सुरक्षा और सेहत से जुड़ा हुआ है। इस फैसले से मार्क जकरबर्ग की कंपनी के लिए यह बहुत बड़ा झटका है।
![बच्चों के लिए Facebook-इंस्टाग्राम खतरनाक', US कोर्ट ने Meta पर लगाया 3100 करोड़ रुपये का जुर्माना - meta fb insta child safety case new mexico jury verdict ntc rlch - AajTak]()
कोर्ट की सुनवाई के दौरान बहुत ही चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। न्यू मेक्सिको के वकीलों ने अदालत में कई आर्ग्यूमेंट्स पेश किए। उन्होंने कहा कि मार्क जकरबर्ग की कंपनी को खतरों की पूरी जानकारी थी।
कंपनी को पता था कि उनके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके बावजूद मेटा ने कभी भी सार्वजनिक रूप से ये सच नहीं बताया। कोर्ट ने माना कि कंपनी ने सुरक्षा से ज्यादा अपने मुनाफे को अटेंशन दी।
![Meta found liable in New Mexico case over child safety violations, ordered to pay $375 million]()
बता दें कि, ये पूरा कानूनी मामला लगभग सात हफ्तों तक अदालत में चला। इस दौरान जूरी ने कंपनी के कामकाज के तरीकों की बारीकी से जांच की। अभियोजन पक्ष (Prosecutors) ने आरोप लगाया कि मेटा ने मिसलीडिंग इनफार्मेशन शेयर की थीं।
कोर्ट में ये साबित हुआ कि प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण का खतरा था। मेटा ने इस डरावनी हकीकत को दुनिया से जानबूझकर छिपाकर रखा।
जूरी ने माना कि मेटा ने बच्चों की इन-एक्सपीरिएंस का गलत फायदा उठाया। उन्होंने अनफेयर ट्रेड तरीके अपनाकर केवल अपनी कमाई पर ध्यान दिया।
![फेसबुक-इंस्टा वाली कंपनी को तगड़ा झटका, कोर्ट ने META पर ठोका 3100 करोड़ का जुर्माना, क्या कांड? - News18 हिंदी]()
यह मामला सिर्फ एक छोटी सी गलती का बिल्कुल नहीं है। न्यू मेक्सिको की जूरी ने पाया कि मेटा ने नियमों को हजारों बार तोड़ा है। उन्होंने उपभोक्ता संरक्षण कानून (Consumer Protection Law) का बार-बार उल्लंघन किया है।
हर एक उल्लंघन के लिए अदालत ने अलग से जुर्माना तय किया। इन सब छोटे-बड़े जुर्मानों को जोड़कर राशि 31 सौ करोड़ तक पहुंच गई।
टेक कंपनियों के लिए यह एक बहुत बड़ी चेतावनी की तरह है। अब सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी मेथोडोलॉजी में बड़े बदलाव करने होंगे।
आपको बता दे कि, एक्सपर्ट्स लंबे समय से सोशल मीडिया के खतरों पर चेतावनी दे रहे हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म बच्चों में हीन भावना पैदा कर सकते हैं। ज्यादा समय बिताने से बच्चों में तनाव और डिप्रेशन देखा गया है।
मेटा के अपने आंतरिक शोध में भी ये बातें सामने आई थीं। लेकिन कंपनी ने इन रिपोर्टों को दबा दिया और विज्ञापन बेचना जारी रखा। अब इस कोर्ट केस के बाद सच्चाई सबके सामने आ गई है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा अब पूरी दुनिया में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
इस फैसले का असर पूरी दुनिया की टेक कंपनियों पर पड़ेगा। अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर नियम और भी सख्त किए जा सकते हैं। भविष्य में कंपनियों को सुरक्षा फीचर्स पर अधिक निवेश करना होगा।
फिलहाल मेटा (Mark Zuckerberg) इस भारी-भरकम जुर्माने के खिलाफ अपील कर सकती है। कंपनी की ओर से अभी कोई डिटेल्ड ऑफिसियल बयान नहीं आया है। जानकारों का मानना है कि कंपनी इसे चुनौती दे सकती है।
वे इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जा सकते हैं। हालांकि, जूरी के इस सख्त रुख ने माहौल बदल दिया है। अब दुनियाभर में मेटा की नीतियों पर सवाल उठेंगे। अन्य देश भी अब ऐसे सख्त कदम उठा सकते हैं। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा अब वैश्विक मुद्दा बन चुकी है।
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कोर्ट ने मेटा पर 375 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया है। भारतीय रुपयों में ये रकम करीब 31 सौ करोड़ रुपए होती है। ये फैसला बच्चों की सुरक्षा और सेहत से जुड़ा हुआ है। इस फैसले से मार्क जकरबर्ग की कंपनी के लिए यह बहुत बड़ा झटका है।
बच्चों के लिए Facebook-इंस्टाग्राम खतरनाक', US कोर्ट ने Meta पर लगाया 3100 करोड़ रुपये का जुर्माना - meta fb insta child safety case new mexico jury verdict ntc rlch - AajTak
मुनाफे के लिए सुरक्षा को किया नजरअंदाज
कंपनी को पता था कि उनके प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इसके बावजूद मेटा ने कभी भी सार्वजनिक रूप से ये सच नहीं बताया। कोर्ट ने माना कि कंपनी ने सुरक्षा से ज्यादा अपने मुनाफे को अटेंशन दी।
Meta found liable in New Mexico case over child safety violations, ordered to pay $375 million
सात हफ्ते चली लंबी सुनवाई
कोर्ट में ये साबित हुआ कि प्लेटफॉर्म पर बच्चों के यौन शोषण का खतरा था। मेटा ने इस डरावनी हकीकत को दुनिया से जानबूझकर छिपाकर रखा।
जूरी ने माना कि मेटा ने बच्चों की इन-एक्सपीरिएंस का गलत फायदा उठाया। उन्होंने अनफेयर ट्रेड तरीके अपनाकर केवल अपनी कमाई पर ध्यान दिया।
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कई बार नियमों का हुआ उल्लंघन
हर एक उल्लंघन के लिए अदालत ने अलग से जुर्माना तय किया। इन सब छोटे-बड़े जुर्मानों को जोड़कर राशि 31 सौ करोड़ तक पहुंच गई।
टेक कंपनियों के लिए यह एक बहुत बड़ी चेतावनी की तरह है। अब सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी मेथोडोलॉजी में बड़े बदलाव करने होंगे।
बच्चों की मानसिक सेहत पर पड़ता है गहरा असर
मेटा के अपने आंतरिक शोध में भी ये बातें सामने आई थीं। लेकिन कंपनी ने इन रिपोर्टों को दबा दिया और विज्ञापन बेचना जारी रखा। अब इस कोर्ट केस के बाद सच्चाई सबके सामने आ गई है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा अब पूरी दुनिया में एक बड़ा मुद्दा बन गया है।
टेक वर्ल्ड के लिए वार्निंग
फिलहाल मेटा (Mark Zuckerberg) इस भारी-भरकम जुर्माने के खिलाफ अपील कर सकती है। कंपनी की ओर से अभी कोई डिटेल्ड ऑफिसियल बयान नहीं आया है। जानकारों का मानना है कि कंपनी इसे चुनौती दे सकती है।
वे इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत जा सकते हैं। हालांकि, जूरी के इस सख्त रुख ने माहौल बदल दिया है। अब दुनियाभर में मेटा की नीतियों पर सवाल उठेंगे। अन्य देश भी अब ऐसे सख्त कदम उठा सकते हैं। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा अब वैश्विक मुद्दा बन चुकी है।
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