एक गलती और ब्लैकलिस्ट होगा FASTag! अब टोल पर नहीं चलेगी चालाकी
thesootr Desk | Apr 16, 2026, 16:03 IST
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NHAI ने FASTag जारी करने वाले बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर की तुरंत जांच करें। गलत या मिसमैच डेटा वाले FASTag को तत्काल ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। पुराने FASTags में सबसे ज्यादा गड़बड़ी मिल रही है।
News In Short
केंद्र सरकार ने बुधवार को FASTag जारी करने वाले सभी बैंकों के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे FASTag से जुड़े वाहनों के वीआरएन (VRN - Vehicle Registration Number) की तुरंत जांच करें।
अगर किसी FASTag में गाड़ी का नंबर गलत पाया जाता है या वह डेटा से मैच नहीं करता, तो उसे फौरन ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। यह कदम टोल सिस्टम में डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
दरअसल, टोल प्लाजा पर लगे FASTag रीडर जो नंबर कैप्चर कर रहे थे, वह वाहन की असली नंबर प्लेट से मेल नहीं खा रहा था। इस तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें लगातार आ रही थीं।
सरकार के मुताबिक इससे न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत दंडनीय अपराध भी है। इससे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में भी रुकावट आती है।
सरकार ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) सिस्टम में डेटा की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए यह निर्देश जारी किए गए हैं। बैंकों को उनके द्वारा जारी किए गए FASTag से जुड़े सभी वाहन रजिस्ट्रेशन नंबरों का तत्काल वैलिडेशन करना होगा।
इस पूरे कदम का मकसद टोलिंग सिस्टम में चल रही गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करना है।
सरकार का कहना है कि डेटा मिसमैच की समस्या सबसे ज्यादा उन FASTags में है जो वाहन (VAHAN) डेटाबेस के साथ जोड़ने से पहले जारी किए गए थे। उस दौर में वेरिफिकेशन की प्रक्रिया मैन्युअल होती थी, जिससे गलतियां होने की गुंजाइश ज्यादा रहती थी।
अब सरकार चाहती है कि सभी पुराने और नए डेटा को ऑटोमेटेड सिस्टम (टोल प्लाजा पर ई डिटेक्शन सिस्टम) से पूरी तरह सिंक किया जाए। इससे एक बार में सारी गड़बड़ियां साफ हो जाएंगी।
निर्देशों के मुताबिक बैंकों को अपने सभी रिकॉर्ड की गहन जांच करनी होगी। अगर वेरिफिकेशन के दौरान किसी FASTag से जुड़ा रजिस्ट्रेशन नंबर गलत या अवैध पाया जाता है, तो बैंक उस टैग को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर देंगे।
ऐसे में वाहन मालिक को टोल प्लाजा पर परेशानी हो सकती है। इसीलिए यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अभी से अपनी जानकारी जांचें और जरूरत हो तो अपडेट करवाएं।
यदि आपका FASTag पुराना है या आपने गाड़ी बदली है, तो तुरंत जांचें कि आपके FASTag में सही वाहन नंबर दर्ज है या नहीं। अपने बैंक की ऐप या वेबसाइट पर जाकर FASTag की जानकारी (vehicle registration details) अपडेट करें। अगर कोई गड़बड़ी है और समय रहते नहीं सुधारी गई, तो टोल प्लाजा पर FASTag काम करना बंद कर सकता है और आपको नकद भुगतान या जुर्माना देना पड़ सकता है।
सरकार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया का मकसद टोल कलेक्शन सिस्टम को मजबूत करना और पारदर्शिता लाना है। इससे नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा और टैग के गलत इस्तेमाल पर लगाम लगेगी। कुल मिलाकर यह फैसला ईमानदार वाहन मालिकों के हक में है।
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- केंद्र सरकार ने FASTag जारी करने वाले बैंकों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है।
- NHAI ने बैंकों को वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर की तुरंत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
- गलत या मिसमैच नंबर वाले FASTag को तुरंत ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
- पुराने FASTags में डेटा मिसमैच की सबसे ज्यादा समस्या पाई गई है।
- यह कदम टोल सिस्टम में पारदर्शिता और राजस्व की रक्षा के लिए उठाया गया है।
NHAI का सख्त आदेश
अगर किसी FASTag में गाड़ी का नंबर गलत पाया जाता है या वह डेटा से मैच नहीं करता, तो उसे फौरन ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए। यह कदम टोल सिस्टम में डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
क्यों पड़ी इस कदम की जरूरत
सरकार के मुताबिक इससे न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि यह मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत दंडनीय अपराध भी है। इससे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में भी रुकावट आती है।
ईटीसी सिस्टम में सुधार की कोशिश
इस पूरे कदम का मकसद टोलिंग सिस्टम में चल रही गड़बड़ियों को जड़ से खत्म करना है।
पुराने FASTags में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
अब सरकार चाहती है कि सभी पुराने और नए डेटा को ऑटोमेटेड सिस्टम (टोल प्लाजा पर ई डिटेक्शन सिस्टम) से पूरी तरह सिंक किया जाए। इससे एक बार में सारी गड़बड़ियां साफ हो जाएंगी।
गलत टैग होगा तुरंत बंद
ऐसे में वाहन मालिक को टोल प्लाजा पर परेशानी हो सकती है। इसीलिए यूजर्स को सलाह दी गई है कि वे अभी से अपनी जानकारी जांचें और जरूरत हो तो अपडेट करवाएं।
आपको क्या करना चाहिए
पारदर्शिता और बेहतर सफर की राह
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