देश के 67% ग्रेजुएट बेरोजगार, नौकरी का संकट ही नहीं, सही स्किल न होना भी है कारण
CHAKRESH | Mar 18, 2026, 12:52 IST
graduate-unemployment
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2023 में 67% बेरोजगार युवा ग्रेजुएट थे। साल 2004 में यह आंकड़ा सिर्फ 32% था। हर साल 50 लाख ग्रेजुएट निकल रहे हैं, लेकिन नौकरियां सिर्फ 28 लाख बढ़ रही हैं। ग्रेजुएट की कमाई का फायदा भी घट रहा है।
पढ़े-लिखे बेरोजगारों की बाढ़
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी ने 'State of Working India 2026' नाम की रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि 2023 में देश में 1.1 करोड़ बेरोजगार युवा थे। इनमें से 67% ग्रेजुएट थे। साल 2004 में बेरोजगार युवाओं में ग्रेजुएट की तादाद महज 30 लाख, यानी 32% थी।
unemployment
नौकरियां कम, ग्रेजुएट ज्यादा
रिपोर्ट कहती है कि ग्रेजुएट रोजगार, ग्रेजुएट (youth unemployment)की बढ़ती तादाद के साथ कदम नहीं मिला पाया। यह सिर्फ संख्याओं की समस्या नहीं है। रिपोर्ट में कई वजहें गिनाई गई हैं।
एक बड़ी वजह है कि कई युवा ग्रेजुएट नौकरी के लिए तैयार नहीं होते। उनके पास जरूरी हुनर की कमी होती है या उनका कौशल बाजार की जरूरत से मेल नहीं खाता। इसके अलावा अनुभव की कमी भी एक रुकावट है।
क्यों इंतजार कर रहे हैं युवा?
इससे युवाओं पर तुरंत कमाई शुरू करने का दबाव थोड़ा कम हुआ है। लेकिन यह इंतजार एक समस्या भी बन रहा है। बेरोजगारी की दर ऊंची रहती है और बाजार में ज्यादा ग्रेजुएट बढ़ते जाते हैं।
ग्रेजुएट की कमाई का फायदा घट रहा है
2017 के बाद से युवा पुरुषों की कमाई की रफ्तार धीमी पड़ गई है। अब ग्रेजुएट को नौकरी में शुरुआती स्तर पर भले ही ज्यादा तनख्वाह मिलती है, लेकिन यह फर्क पहले जितना बड़ा नहीं रहा।
पढ़ाई से मुंह मोड़ रहे युवा
महंगी पढ़ाई, बड़ी रुकावट
गरीब परिवारों की सालाना औसत कमाई से यह फीस अक्सर ज्यादा होती है। साल 2007 से 2017 के बीच यह खाई थोड़ी कम हुई, लेकिन खत्म नहीं हुई।
40 साल के आंकड़ों का निचोड़
रिपोर्ट का मुख्य संदेश साफ है। डिग्रियां तो बढ़ रही हैं, लेकिन नौकरियां उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहीं। जब तक यह खाई नहीं पटती, पढ़े-लिखे बेरोजगारों की तादाद बढ़ती रहेगी।
सोर्स
State of Working India 2026, अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी (Azim Premji University)
FAQ
- भारत में ग्रेजुएट बेरोजगारी इतनी ज्यादा क्यों है?
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के अनुसार इसकी कई वजहें हैं। पहली वजह है कि हर साल ग्रेजुएट की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन नौकरियां उस रफ्तार से नहीं बढ़ रहीं। दूसरी वजह है कि कई युवाओं में नौकरी के लिए जरूरी हुनर की कमी होती है या उनकी पढ़ाई और बाजार की जरूरत में मेल नहीं बैठता। तीसरी वजह यह है कि परिवारों की आमदनी थोड़ी बेहतर होने से युवा बेहतर नौकरी मिलने तक इंतजार कर सकते हैं, जिससे बेरोजगारी का आंकड़ा ऊंचा रहता है। - क्या ग्रेजुएट होने से आज भी ज्यादा कमाई होती है?
हां, लेकिन यह फायदा कम होता जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार ग्रेजुएट युवाओं को शुरुआती नौकरियों में अभी भी गैर-ग्रेजुएट से ज्यादा तनख्वाह मिलती है। लेकिन यह फर्क 2011 के मुकाबले अब कम हो गया है। 2017 के बाद युवा पुरुषों की कमाई में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बाजार में बहुत ज्यादा ग्रेजुएट होने की वजह से नियोक्ताओं की मोलभाव की क्षमता बढ़ गई है।
31 मार्च की डेडलाइन से पहले निपटा लें ये 7 जरूरी काम, वरना होगा नुकसान
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में मार्क्स सुधारने का दूसरा मौका, 31 मार्च तक भरें एलओसी फॉर्म
MP में नौकरियां सिर्फ कागजों पर? रोजगार पोर्टल पर उमड़ा बेरोजगारों का सैलाब, जानें हाल
क्या है Job Hugging: वर्कप्लेस का नया ट्रेंड, जिसने 'क्वाइट क्विटिंग' की ली जगह
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari