IPS और IFS पर वर्चस्व दिखाना चाहते हैं IAS अधिकारी, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों की यह टिप्पणी

Vikram Jain | Mar 05, 2025, 18:59 IST
Share
IAS and IPS IFS officers Controversy Supreme Court comment
IAS and IPS IFS officers Controversy Supreme Court comment

सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरण से जुड़े एक मामले में सुनवाई के दौरान IAS और IPS, IFS के अधिकारियों के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई का जिक्र हुआ। न्यायालय ने कहा कि यह संघर्ष सभी राज्यों में है और आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों में नाराजगी है।

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को हुई एक अहम सुनवाई में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारियों के बीच चल रही अहंकार की लड़ाई का जिक्र हुआ। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों को लेकर विस्तार से बात हुई। जिसमें कोर्ट ने कहा कि आईएएस अधिकारी हमेशा आईपीएस और आईएफएस पर अपना रौब दिखाते हैं।

अधिकारियों में वर्चस्व की लड़ाई

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई में अदालत ने कहा कि आईएएस अधिकारी हमेशा आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों पर अपना वर्चस्व दिखाने की कोशिश करते हैं। जस्टिस गवई ने कहा, “आईएएस हमेशा आईपीएस या आईएफएस पर अपना वर्चस्व दिखाना चाहते हैं। ये बात मैं सरकारी वकील और न्यायाधीश के रूप में अपने अनुभवों के आधार पर कह रहा हूं। यह लड़ाई सभी राज्यों में है।”

ये खबर भी पढ़ें... तेज आवाज DJ साउंड सिस्टम पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार से पूछा- प्रतिबंध लगाने के लिए क्या कदम उठाए?

जानें क्या है पूरा मामला

दरअसल अदालत में यह सुनवाई पर्यावरण से जुड़े एक मामले पर थी, जिसमें आईएएस अधिकारियों ने वन अधिकारियों को अपने आदेश का पालन करने के लिए कहा था। यह मामला अधिकारी के बीच अधिकारों और जिम्मेदारियों के टकराव को लेकर था। जिसको लेकर अदालत ने कहा कि आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर नाराजगी है कि एक ही कैडर से होने के बावजूद उन्हें क्यों आईएएस की बातों को सुनना चाहिए।

ये खबर भी पढ़ें... एमपी बजट सत्र से पहले कांग्रेस की अपील- अगर भ्रष्टाचार के सबूत हैं, तो भेजें

अदालत में केंद्र सरकार का जवाब

केंद्र सरकार के वरिष्ठ कानून अधिकारी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों के बीच इस तरह के आंतरिक संघर्षों को सुलझाने का प्रयास करेंगे। इस मामले के आगे के रुख पर सबकी नजरें टिकी होंगी, क्योंकि यह संघर्ष अधिकारियों के कार्य करने के तरीके और अधिकारों से जुड़ा है।

ये खबर भी पढ़ें... सुप्रीम कोर्ट ने अलाहबादिया को शो शुरू करने की दी इजाजत, कहा, नैतिकता बनाएं रखें

ये खबर भी पढ़ें... अब नेत्रहीन भी बन सकेंगे जज, सुप्रीम कोर्ट ने एमपी के इस नियम को कर दिया रद्द

Tags:
  • Supreme Court
  • सुप्रीम कोर्ट
  • दिल्ली न्यूज
  • वर्चस्व की लड़ाई
  • भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)
  • भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)
  • भारतीय वन सेवा (आईएफएस)
  • जस्टिस बीआर गवई
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा