आयकर विधेयक 2025: लोकसभा में पेश हुआ नया टैक्स बिल 2025, जानें आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
Manya Jain | Aug 11, 2025, 11:40 IST
income tax bill 2025
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में आयकर विधेयक 2025 पेश कर दिया, जो 1961 के पुराने आयकर कानून को बदल देगा। नए विधेयक में टैक्स स्लैब, छूट सीमा और नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव होंगे, जिससे हर करदाता को लाभ होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार, 11 अगस्त को संसद में आयकर विधेयक 2025 पेश कर दिया है। यह नया बिल 1961 के पुराने आयकर कानून को बदल देगा। यह विधेयक टैक्स स्लैब, छूट सीमा और नियमों में कई अहम बदलाव लेकर आएगा।
इससे हर करदाता को फायदा होगा, खासकर जो अपनी आय कर के दायरे में आते हैं। आइए इसे 10 प्रमुख बिंदुओं में समझते हैं।
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आयकर विधेयक 2025 पुराने 1961 के कानून की जगह लेगा। यह नया विधेयक आकार में छोटा और सरल होगा। पुराने कानून में 5.12 लाख शब्द और 819 धाराएं थीं, जबकि नए विधेयक में केवल 2.6 लाख शब्द और 536 धाराएं हैं।
नए विधेयक में जटिलताओं को दूर करने के लिए अध्यायों की संख्या 47 से घटाकर 23 कर दी गई है।
नए टैक्स स्लैब के अनुसार:
साथ ही, सेक्शन 87A के तहत छूट सीमा बढ़ाकर ₹60,000 कर दी गई है, जिससे ₹12 लाख तक की आय वालों को अब कोई टैक्स नहीं देना होगा।
अब सिर्फ ‘कर वर्ष’ (Tax Year) रहेगा, जिससे जो आय अर्जित होगी, उसी साल टैक्स देना होगा। इस बदलाव से ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी।
निजी पेंशन योजनाओं में एकमुश्त निकासी पर अब सरकारी योजनाओं की तरह टैक्स छूट मिलेगी, जो पहले सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए उपलब्ध थी।
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सारे छूट और रिफंड प्रावधान जैसे टीडीएस/टीडीसीएस अब सारणी में साफ दिए गए हैं, ताकि करदाता को अधिक स्पष्टता मिले।
आईटीआर फाइलिंग के बाद भी बिना जुर्माना के टीडीएस रिफंड क्लेम किए जा सकेंगे।
गैर-लाभकारी संगठनों व धार्मिक ट्रस्टों को मिलने वाले गुमनाम दान पर टैक्स छूट जारी रहेगी।
चयन समिति की 285 सिफारिशों को पूरी तरह से बिल में शामिल किया गया है, जो आम करदाता के लिए फायदेमंद होंगे।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि जब इनकम टैक्स बिल पेश हुआ था, तो उसी दिन इसे एक सेलेक्ट कमिटी के पास भेजा गया था। कमिटी ने इस पर गहराई से विचार किया और 21 जुलाई को अपनी रिपोर्ट लोकसभा में पेश की। सरकार ने इन सुझावों को मानते हुए पुराने विधेयक को वापस लेकर नया विधेयक पेश करने का फैसला किया।
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इससे हर करदाता को फायदा होगा, खासकर जो अपनी आय कर के दायरे में आते हैं। आइए इसे 10 प्रमुख बिंदुओं में समझते हैं।
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नए आयकर विधेयक 2025 के 10 बड़े बिंदु
1. पुराने आयकर कानून की जगह नया विधेयक
2. आसान और सरल विधेयक
3. नए टैक्स स्लैब
- ₹0–4 लाख तक कोई टैक्स नहीं
- ₹4–8 लाख पर 5%
- ₹8–12 लाख पर 10%
- ₹12–16 लाख पर 15%
- ₹16–20 लाख पर 20%
- ₹20–24 लाख पर 25%
- ₹24 लाख से ऊपर 30% टैक्स लगेगा।
4. छूट सीमा में बढ़ोतरी
5. कर वर्ष में बदलाव
6. पेंशन योजनाओं में राहत
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7. छूट और रिफंड प्रावधानों की स्पष्टता
8. जुर्माना से रिफंड क्लेम
9. गुमनाम दान पर टैक्स छूट जारी रहेगी
10. सिफारिशों का पालन
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बिल क्यों वापस लिया गया?
FAQ
- नए आयकर विधेयक 2025 के तहत टैक्स स्लैब में क्या बदलाव हैं?
नए आयकर विधेयक 2025 में ₹0 से ₹4 लाख तक कोई टैक्स नहीं लगेगा। ₹4 लाख से ₹8 लाख तक 5%, ₹8 लाख से ₹12 लाख तक 10%, ₹12 लाख से ₹16 लाख तक 15%, ₹16 लाख से ₹20 लाख तक 20%, ₹20 लाख से ₹24 लाख तक 25%, और ₹24 लाख से ऊपर 30% टैक्स लगेगा। - आयकर विधेयक 2025 में छूट सीमा कितनी बढ़ी है?
आयकर विधेयक 2025 में सेक्शन 87A के तहत छूट सीमा ₹60,000 कर दी गई है, जिससे ₹12 लाख तक की आय पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। - क्या नए आयकर विधेयक से करदाताओं को अतिरिक्त राहत मिलेगी?
हां, नए विधेयक में करदाताओं को अधिक स्पष्टता, छूट और रिफंड प्रावधानों में राहत मिलेगी। साथ ही, पेंशन योजनाओं और गुमनाम दान पर टैक्स छूट जैसे कई लाभ भी मिलेंगे।
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