खास है 2 अप्रैल : आज दो चेहरों पर नजर, PM MODI बदलेंगे वक्फ बिल, डोनाल्ड ट्रम्प ठोकेंगे टैरिफ
Kaushiki | Apr 02, 2025, 12:35 IST
ऑटो टैरिफ
2 अप्रैल 2025 यानि आज भारत में वक्फ संशोधन बिल पर संसद में बहस होगी, जबकि दूसरी ओर अमेरिका द्वारा घोषित रेसिप्रोकल और ऑटो टैरिफ तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे, जिसका भारत पर असर पड़ेगा।
2 अप्रेल यानी आज का दिन भारत के लिए कई मायनों में खास रहने वाला है। देश की निगाहें जहां संसद में पेश होने जा रहे वक्फ संशोधन बिल पर लगी हुई हैं, तो दूसरी ओर अमेरिका यानी डोनाल्ड ट्रम्प की मनमर्जियां आज से लागू हो जाएंगी। मनमर्जियां यानी भारत से निर्यात किए जाने वाले सामान पर टैरिफ शुल्क में बढ़ोतरी। व्हाइट हाउस ने साफ कर दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल को घोषित किए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिसंवेदनात्मक शुल्क) तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे। आइए समझते हैं दोनों मामलों की गंभीरता…
ये खबर भी पढ़ें... वक्फ संशोधन बिल के बारे में वो सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है
2 अप्रेल को भारत की संसद में वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) पर जोरदार बहस होने वाली है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू इस बिल को सदन में पेश करेंगे। प्रश्नकाल (Question Hour) के बाद यह बिल लोकसभा में आज (2 अप्रैल) दोपहर 12 बजे पेश होगा।
इसके लिए स्पीकर ओम बिरला ने 8 घंटे का समय निर्धारित किया है, जिसमें से 4 घंटे 40 मिनट NDA को मिलेंगे और बाकी समय विपक्ष को मिलेगा। सरकार ने कहा है कि यदि सदन की सहमति मिलती है तो चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। यह बिल मुस्लिम समाज की सबसे बड़ी और ताकतवर संस्था, वक्फ बोर्ड में संशोधन के लिए पेश किया जा रहा है। वहीं, गुरुवार को इसे राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश किया जा सकता है।
ये खबर भी पढ़ें...आज लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, देशभर में अलर्ट मोड पर पुलिस
व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तहत 2 अप्रैल को घोषित किए जाने वाले रेसिप्रोकल टैरिफ (प्रतिसंवेदनात्मक शुल्क) तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएंगे। इसके अलावा, ऑटो टैरिफ 3 अप्रैल को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार लागू होंगे। इस घोषणा के कारण वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई है। भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट आई है। जहां सेंसेक्स 1400 अंक तक गिरा और निफ्टी में 353 अंक की कमी आई।
रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff):
रेसिप्रोकल टैरिफ एक व्यापारिक नीति है, जिसके तहत एक देश दूसरे देश द्वारा अपने उत्पादों पर लगाए गए उच्च आयात शुल्क का जवाब उसी तरीके से देता है। यानी, जैसे को तैसा… दूसरे शब्दों में अगर कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा आयात शुल्क लगा रहा है, तो अमेरिका भी उस देश के उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाएगा। ट्रंप प्रशासन ने रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिकी व्यापार को बढ़ावा देने और अमेरिकी श्रमिकों को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया है। इस नीति का लक्ष्य दोतरफा व्यापार समझौतों में संतुलन बनाए रखना है।
ऑटो टैरिफ (Auto Tariff):
ऑटो टैरिफ विशेष रूप से विदेशों में निर्मित वाहनों पर लगाए गए शुल्क हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही घोषणा की थी कि अमेरिका पर आयातित कारों पर स्थायी टैरिफ लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करना और विदेशी कार निर्माताओं पर दबाव बनाना है, ताकि वे अधिक निवेश अमेरिका में करें।
ये खबर भी पढ़ें... विपक्ष Vs NDA का संख्याबल, क्या वक्फ संशोधन बिल होगा पास? ये है दोनों सदन का नंबरगेम
रेसिप्रोकल टैरिफ का असर भारत पर:
अगर अमेरिका भारत के उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाता है, तो भारतीय निर्यातकों को प्रभावित हो सकता है। खासकर, जो उत्पाद अमेरिका में आयात किए जाते हैं, जैसे कि फल, सब्जियां, वस्त्र, और अन्य उपभोक्ता सामान।
भारत को अपनी व्यापार नीति को फिर से परिभाषित करना पड़ सकता है और अमेरिका से व्यापार में समानता के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
ऑटो टैरिफ का असर भारत पर:
भारत में कई विदेशी कार निर्माता कंपनियां (जैसे कि होंडा, टोयोटा, और सुजुकी) अपनी कारों का निर्माण करती हैं, और यदि अमेरिका ने इन पर उच्च टैरिफ लगाया, तो भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात मुश्किल हो सकता है। भारत में निर्मित और अमेरिकी बाजार में बिकने वाली कारों पर शुल्क बढ़ने से भारतीय कार निर्माताओं को भी नुकसान हो सकता है।
हालांकि, भारतीय कार निर्माता कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर इस चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, ताकि वे अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।
ये खबर भी पढ़ें... वक्फ बिल के समर्थन भोपाल की सड़कों पर उतरीं मुस्लिम महिलाएं, ढोल बाजे के साथ आतिशबाजी की
ये खबर भी पढ़ें... वक्फ संशोधन बिल के बारे में वो सबकुछ जो आपको जानना जरूरी है
देश की नजर संसद पर, 8 घंटे मैराथन बहस
इसके लिए स्पीकर ओम बिरला ने 8 घंटे का समय निर्धारित किया है, जिसमें से 4 घंटे 40 मिनट NDA को मिलेंगे और बाकी समय विपक्ष को मिलेगा। सरकार ने कहा है कि यदि सदन की सहमति मिलती है तो चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। यह बिल मुस्लिम समाज की सबसे बड़ी और ताकतवर संस्था, वक्फ बोर्ड में संशोधन के लिए पेश किया जा रहा है। वहीं, गुरुवार को इसे राज्यसभा में चर्चा के लिए पेश किया जा सकता है।
ये खबर भी पढ़ें...आज लोकसभा में पेश होगा वक्फ संशोधन बिल, देशभर में अलर्ट मोड पर पुलिस
इधर अमेरिका लादेगा भारत पर टैरिफ
समझें, रेसिप्रोकल टैरिफ और ऑटो टैरिफ क्या हैं
रेसिप्रोकल टैरिफ एक व्यापारिक नीति है, जिसके तहत एक देश दूसरे देश द्वारा अपने उत्पादों पर लगाए गए उच्च आयात शुल्क का जवाब उसी तरीके से देता है। यानी, जैसे को तैसा… दूसरे शब्दों में अगर कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर ज्यादा आयात शुल्क लगा रहा है, तो अमेरिका भी उस देश के उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाएगा। ट्रंप प्रशासन ने रेसिप्रोकल टैरिफ को अमेरिकी व्यापार को बढ़ावा देने और अमेरिकी श्रमिकों को फायदा पहुंचाने के लिए लागू किया है। इस नीति का लक्ष्य दोतरफा व्यापार समझौतों में संतुलन बनाए रखना है।
ऑटो टैरिफ (Auto Tariff):
ऑटो टैरिफ विशेष रूप से विदेशों में निर्मित वाहनों पर लगाए गए शुल्क हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही घोषणा की थी कि अमेरिका पर आयातित कारों पर स्थायी टैरिफ लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री को प्रोत्साहित करना और विदेशी कार निर्माताओं पर दबाव बनाना है, ताकि वे अधिक निवेश अमेरिका में करें।
ये खबर भी पढ़ें... विपक्ष Vs NDA का संख्याबल, क्या वक्फ संशोधन बिल होगा पास? ये है दोनों सदन का नंबरगेम
भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा
अगर अमेरिका भारत के उत्पादों पर उच्च शुल्क लगाता है, तो भारतीय निर्यातकों को प्रभावित हो सकता है। खासकर, जो उत्पाद अमेरिका में आयात किए जाते हैं, जैसे कि फल, सब्जियां, वस्त्र, और अन्य उपभोक्ता सामान।
भारत को अपनी व्यापार नीति को फिर से परिभाषित करना पड़ सकता है और अमेरिका से व्यापार में समानता के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।
ऑटो टैरिफ का असर भारत पर:
भारत में कई विदेशी कार निर्माता कंपनियां (जैसे कि होंडा, टोयोटा, और सुजुकी) अपनी कारों का निर्माण करती हैं, और यदि अमेरिका ने इन पर उच्च टैरिफ लगाया, तो भारतीय कंपनियों के लिए निर्यात मुश्किल हो सकता है। भारत में निर्मित और अमेरिकी बाजार में बिकने वाली कारों पर शुल्क बढ़ने से भारतीय कार निर्माताओं को भी नुकसान हो सकता है।
हालांकि, भारतीय कार निर्माता कंपनियों को अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर इस चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, ताकि वे अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।
'मुक्ति दिवस' पर टैरिफ की घोषणा
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह घोषणा की कि, वह बुधवार को व्हाइट हाउस के रोज गार्डन में शाम 4 बजे ( भारतीय समय अनुसार रात को 1:30 बजे ) रेसिप्रोकल टैरिफ की औपचारिक घोषणा करेंगे। यह टैरिफ उन शुल्कों का हिस्सा हैं, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने 20 जनवरी को पदभार ग्रहण करने के बाद से लागू किया है। इसमें कनाडा और मैक्सिको से आयात पर उच्च टैरिफ, धातुओं पर क्षेत्र-विशिष्ट शुल्क और हाल ही में आयातित ऑटोमोबाइल पर शुल्क शामिल हैं। ट्रंप ने यह भी आश्वासन दिया कि ऑटोमोबाइल पर 'स्थायी' टैरिफ इस गुरुवार को लागू किए जाएंगे, जैसा कि उन्होंने पहले घोषणा की थी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari