भारत की बिना संपर्क युद्ध योजना: डिफेंस बजट पर 2.19 लाख करोड़ का निवेश

Jitendra Shrivastava | Mar 21, 2026, 18:38 IST
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Photograph: (THESOOTR)

NEW DELHI. भारत ने 6th जनरेशन फाइटर जेट, मिसाइल सिस्टम, और साइबर डिफेंस के लिए 2.19 लाख करोड़ का डिफेंस निवेश आवंटित किया। नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू।

News In Short

  • भारत ने 6th जनरेशन फाइटर जेट पर काम शुरू।
  • 2.19 लाख करोड़ का डिफेंस बजट आवंटित।
  • स्वदेशी S-400 मिसाइल सिस्टम पर काम।
  • भारत में अनंत शस्त्र मिसाइल प्रणाली।
  • एआई और साइबर सुरक्षा में भारी निवेश।

News In Detail

भारत, अब बिना आमने-सामने की जंग (Non-contact warfare) की तैयारी में जुटा है। देश ने अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत बनाने के लिए काम शुरू किया है। इसमें 6th जनरेशन फाइटर जेट्स, स्वदेशी मिसाइल सिस्टम और ड्रोन को नष्ट करने वाली अनंत शस्त्र प्रणाली शामिल है।

साथ ही 2.19 लाख करोड़ का भारी डिफेंस बजट इस उद्देश्य के लिए आवंटित किया गया है। भारत ने अपनी भविष्य की रक्षा योजनाओं के लिए ये कदम उठाए हैं।

सैन्य ताकत बढ़ाने 2.19 लाख करोड़ का निवेश

भारत अपनी रक्षा क्षमता को और मजबूत करने के लिए बड़ी योजनाओं पर काम कर रहा है। 6th जनरेशन के फाइटर जेट्स, स्वदेशी मिसाइल सिस्टम और साइबर सुरक्षा जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए सरकार ने 2.19 लाख करोड़ रुपए का भारी निवेश किया है। यह कदम न केवल भारत की सैन्य ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि भविष्य के युद्धों के लिए भी देश को तैयार करेगा।

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नॉन-कंटैक्ट वारफेयर की दिशा में कदम

भारत ने अपनी सैन्य रणनीति को नॉन-कंटैक्ट वारफेयर यानी बिना आमने-सामने की जंग के लिए तैयार करने का निर्णय लिया है। इस नई रणनीति में टैक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा का इस्तेमाल बढ़ेगा, जहां दुश्मन के हमलों को सीधे संपर्क में आए बिना नाकाम किया जाएगा। भारत अपनी रक्षा क्षमता को इस दिशा में पूरी तरह से तैयार कर रहा है।

क्या होता है नॉन-कंटैक्ट वारफेयर?

नॉन-कंटैक्ट वारफेयर (Non-contact Warfare) का मतलब है, बिना किसी सीधे शारीरिक संपर्क के युद्ध लड़ा जाना। इसमें तकनीकी और साइबर हमलों का इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि ड्रोन हमले, कंप्यूटर नेटवर्क के जरिए हमलें और मिसाइलों का उपयोग। इस प्रकार के युद्ध में सैनिकों को सीधे सामना करने की बजाय, हमले दूर से किए जाते हैं, जिससे कम नुकसान होता है और दुश्मन की तकनीकी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया जाता है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा प्रभाव डालते हुए दुश्मन को बिना सीधे संपर्क में आए हराना होता है।
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6th जनरेशन फाइटर जेट्स और अनंत शस्त्र

भारत ने अपनी 6th जनरेशन के फाइटर जेट्स पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें हाइपरसोनिक स्पीड और सी4आईएसआर सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

साथ ही, 'अनंत शस्त्र' नामक मिसाइल प्रणाली भी विकसित की जा रही है, जिसे खास तौर पर ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मिसाइल सिस्टम भारत की वायु रक्षा को एक नई ताकत देगा।

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स्वदेशी S-400 मिसाइल सिस्टम

भारत रूस की S-400 मिसाइल प्रणाली की तर्ज पर अपनी खुद की लंबी दूरी की 'लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल' प्रणाली विकसित कर रहा है। यह मिसाइल सिस्टम दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को लंबी दूरी तक नष्ट करने में सक्षम होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को बैलिस्टिक मिसाइलों और लड़ाकू विमानों से सुरक्षित रखना है।

डिफेंस बजट में भारी वृद्धि

भारत ने अपनी रक्षा योजनाओं के लिए भारी-भरकम बजट आवंटित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डिफेंस निवेश के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले साल से 21.84% अधिक है। यह बजट भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की क्षमता को और मजबूत करने के लिए खर्च किया जाएगा।

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भारत के लिए आने वाली सैन्य टेक्नोलॉजी

भारत की रक्षा रणनीति अब आक्रामक और डिफेंस टेक्नोलॉजी के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है। सरकार ने अपनी रक्षा शक्ति को वैश्विक स्तर पर सबसे प्रभावी बनाने के लिए नए हथियारों और प्रणालियों पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें एआई और साइबर डिफेंस, स्वदेशी फाइटर जेट्स, और नौसेना के लिए नई सुरक्षा प्रणालियों का विकास शामिल है।

नए प्रोजेक्ट्स और तकनीकी विकास

भारत की रक्षा विकास प्रक्रिया में 6th जनरेशन फाइटर जेट्स, साइबर सुरक्षा, और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली जैसे अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा, एडवांस्ड टॉरपीडो डिफेंस सिस्टम और एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसी तकनीकों का भी विकास किया जा रहा है। इन नई प्रणालियों से भारत अपनी सीमाओं को और अधिक सुरक्षित करेगा।

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रक्षा बजट में बढ़ोतरी के असर

डिफेंस बजट में किए गए इजाफे से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अपनी रक्षा शक्ति को वैश्विक मानकों पर लाने के लिए तेजी से कदम उठा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस बढ़ोतरी से भारत का रक्षा क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।

निष्कर्ष:

भारत ने अपनी रक्षा योजनाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने अपनी सैन्य शक्ति को और अधिक सक्षम बनाने के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। इन नए प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत भविष्य के युद्धों के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

FAQ

  1. भारत ने नॉन-कंटैक्ट वारफेयर के लिए क्या कदम उठाए हैं?
    भारत ने नॉन-कंटैक्ट वारफेयर के तहत 6th जनरेशन फाइटर जेट्स, अनंत शस्त्र, और स्वदेशी मिसाइल प्रणालियों पर काम शुरू किया है। इस रणनीति का उद्देश्य बिना सीधे युद्ध के दुश्मन को नष्ट करना है।
  2. भारत के लिए रक्षा बजट में कितनी वृद्धि की गई है?
    भारत के रक्षा बजट में पिछले 10 सालों में सबसे बड़ी वृद्धि की गई है। इस वर्ष 2.19 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले साल से 21.84% ज्यादा है।
  3. क्या है 'अनंत शस्त्र' मिसाइल प्रणाली?
    'अनंत शस्त्र' एक क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल प्रणाली है। इसे खास तौर पर ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है।


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