क्या बढ़ गई ITR फाइलिंग की लास्ट डेट? जानें अब कब तक भर सकते हैं टैक्स

Kaushiki | Jul 22, 2026, 10:37 IST
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itr filing
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ITR भरने की आखिरी तारीख सभी टैक्सपेयर्स के लिए 31 जुलाई नहीं है। बिजनेस, प्रोफेशन और ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को अगस्त या अक्टूबर तक की मोहलत मिल सकती है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • सबके लिए ITR फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई नहीं है।
  • नॉन ऑडिट बिजनेस और प्रोफेशनल्स के लिए लास्ट डेट 31 अगस्त है।
  • इंट्राडे और F&O ट्रेडर्स को बिजनेस टैक्सपेयर माना जाता है।
  • शेयर ट्रेडिंग करने वालों को भी 31 अगस्त तक का टाइम मिलेगा।
  • टैक्स ऑडिट वाले मामलों में रिटर्न दाखिल करने की लास्ट डेट 31 अक्टूबर है।

ITR की सही डेडलाइन

Income Tax Return Deadline: इनकम टैक्स रिटर्न भरने को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। ज्यादातर टैक्सपेयर्स मान रहे हैं कि आखिरी तारीख 31 जुलाई है। लेकिन ये डेडलाइन सभी पर लागू नहीं होती। आयकर नियमों के मुताबिक, अलग अलग टैक्सपेयर्स के लिए अलग तारीखें तय हैं।

अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपके लिए लास्ट डेट 31 जुलाई हो सकती है। लेकिन बिजनेस या ट्रेडिंग करने वालों को सरकार अतिरिक्त समय देती है।

यदि आपने बीते साल में सिर्फ एक बार भी ट्रेडिंग की है तो नियम बदल जाएंगे। इसलिए बिना सही नियम जाने जल्दबाजी में रिटर्न फाइल न करें। आइए समझते हैं कि आपके लिए सही डेडलाइन क्या है।

क्या है ITR
क्या है ITR


किसके लिए है 31 अगस्त की तारीख

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ये नियम लागू है। जिन लोगों की इनकम बिजनेस या प्रोफेशन से होती है और जिनके खातों का टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है। वे 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न भर सकते हैं।

इसका सीधा मतलब है कि अगर आपने सालभर में सिर्फ एक बार भी इंट्राडे ट्रेडिंग या फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O – Futures and Options) में ट्रेड किया है, तो आपको भी इसी केटेगरी में रखा जा सकता है। ऐसे सभी टैक्सपेयर्स 31 अगस्त 2026 तक अपना ITR फाइल कर सकते हैं।

इंट्राडे और एफएंडओ ट्रेडिंग पर क्या नियम हैं

इनकम टैक्स कानून के तहत इंट्राडे ट्रेडिंग से हुआ फायदा या नुकसान स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इस पर नॉर्मल टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगता है। अगर नुकसान होता है, तो उसे सिर्फ इसी तरह की इनकम से हुए मुनाफे के साथ ही एडजस्ट किया जा सकता है।

वहीं फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) से हुई इनकम या नुकसान को नॉन-स्पेकुलेटिव बिजनेस इनकम माना जाता है। इसमें शेयरों की डिलीवरी न होने के बावजूद इसे बिजनेस इनकम की केटेगरी में रखा जाता है। यही वजह है कि ऐसे ट्रेडर्स की डेडलाइन जनरल वेतनभोगी टैक्सपेयर्स से अलग होती है।

ITR कैसे काम करता है
ITR कैसे काम करता है


इन प्रोफेशनल्स को भी मिलेगा फायदा

यह अतिरिक्त समय सिर्फ शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों तक सीमित नहीं है। जिन प्रोफेशनल्स की आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता, वे भी इसका फायदा उठा सकते हैं।

इनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, इंजीनियर और अन्य इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल शामिल हैं। शर्त बस इतनी है कि उनकी इनकम टैक्स ऑडिट की सीमा से कम होनी चाहिए। इसलिए रिटर्न भरने से पहले अपनी इनकम की केटेगरी जरूर जांच लें।

किन्हें मिलेगी 31 अक्टूबर तक की मोहलत

अगर बिजनेस इनकम या एफएंडओ ट्रेडिंग का टर्नओवर तय टैक्स ऑडिट सीमा से ज्यादा है, तो पहले खातों का ऑडिट कराना जरूरी होगा। ऐसे मामलों में रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी। इसलिए सिर्फ 31 जुलाई की तारीख को अंतिम मानना कई टैक्सपेयर्स के लिए गलत साबित हो सकता है।

समय पर सही जानकारी क्यों जरूरी है

रिटर्न भरने से पहले अपनी इनकम की सही केटेगरी समझना बेहद जरूरी है। गलत तारीख मान लेने से जुर्माना लग सकता है या रिटर्न प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है। इसलिए अपनी आय के स्रोत और ऑडिट की जरूरत को पहले जांच लें, फिर सही डेडलाइन के हिसाब से रिटर्न भरें।

क्या करें टैक्सपेयर्स

अगर आपकी इनकम सिर्फ सैलरी से है, तो सामान्य नियम (ITR Filing Last Date)आप पर लागू होंगे। लेकिन अगर आपने ट्रेडिंग की है या आपकी आय बिजनेस-प्रोफेशन से जुड़ी है, तो पहले यह तय करें कि आप किस केटेगरी में आते हैं। जरूरत पड़ने पर टैक्स सलाहकार से सही जानकारी जरूर लें। Income tax

FAQ

  1. क्या ITR भरने की आखिरी तारीख सभी के लिए 31 जुलाई है?
    नहीं, यह तारीख सभी टैक्सपेयर्स के लिए एक जैसी नहीं है। बिजनेस या प्रोफेशन से आय वालों के लिए यह तारीख अलग हो सकती है।
  2. किन लोगों को 31 अगस्त तक की मोहलत मिलेगी?
    जिनकी आय बिजनेस या प्रोफेशन से है और टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं है, वे 31 अगस्त तक रिटर्न भर सकते हैं। इसमें इंट्राडे और एफएंडओ ट्रेडर्स भी शामिल हैं।
  3. 31 अक्टूबर तक रिटर्न भरने की सुविधा किसे मिलती है?
    जिनका बिजनेस या ट्रेडिंग टर्नओवर टैक्स ऑडिट सीमा से ज्यादा है, उन्हें पहले ऑडिट कराना होता है। ऐसे मामलों में आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 होगी।
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