आनंद स्वरूप ने कहा- हर्षा रिछारिया जैसी कुंभ में लाखों लड़कियां
Sandeep Kumar | Jan 17, 2025, 10:10 IST
mahakumbh-controversy
महाकुंभ में महिला एंकर हर्षा रिछारिया और संत आनंद स्वरूप के बीच विवाद गहराया। आनंद स्वरूप ने हर्षा पर सनातन धर्म का मजाक बनाने का आरोप लगाया।
महाकुंभ मेला, जिसे सनातन धर्मियों का सबसे बड़ा समागम माना जाता है, इस बार विवादों में घिर गया है। प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में महिला एंकर और अभिनेत्री हर्षा रिछारिया ने आरोप लगाया कि उन्हें संत आनंद स्वरूप और अन्य संतों ने अपमानित किया। हर्षा का कहना है कि वह सिर्फ एक साधारण शिष्या हैं, जो अपने गुरुदेव के सानिध्य में महाकुंभ को समझने और महसूस करने आई थीं।
हर्षा रिछारिया ने साध्वी होने से किया इंकार, माता-पिता ने बताई सच्चाई
शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि महाकुंभ सनातन धर्म और अध्यात्म का पर्व है, जहां इस तरह की घटनाएं केवल धर्म का मजाक उड़ाने का प्रयास हैं। उन्होंने कहा, "हर्षा जैसी लाखों लड़कियां यहां आई हुई हैं। अगर मैंने उसे सही राह दिखाने की कोशिश की तो इसमें कुछ गलत नहीं। सनातन धर्म का मजाक मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता।
कौन हैं इंफ्लुएंसर से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया, MP से है खास कनेक्शन
इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब हर्षा रिछारिया महामंडलेश्वर के रथ पर सवार होकर सनातनी परंपरा को बढ़ावा देने की बात कह रही थीं। इस पर आनंद स्वरूप ने आपत्ति जताई और इसे धर्म के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि धर्म के मूल्यों की रक्षा करना उनका कर्तव्य है और उन्होंने इसी कारण हर्षा को रोका।
बाबा बागेश्वर बोले- 'कुंभ की जमीन अब्बा की नहीं, हमारे बब्बा की है'
आनंद स्वरूप ने कहा कि धर्माचार्यों के साथ चर्चा कर इस मामले पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। उनका मानना है कि सनातन धर्म को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही या मजाक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
महाकुंभ 2025: शाही स्नान में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने लगाई पहली डुबकी
हर्षा रिछारिया ने साध्वी होने से किया इंकार, माता-पिता ने बताई सच्चाई
आनंद स्वरूप का पक्ष
हर्षा का दर्द
हर्षा रिछारिया ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, "मैं न तो मॉडल हूं और न ही संत। मैं सिर्फ एक साधारण शिष्या हूं। संतों ने मेरे महिला होने के बावजूद मेरा अपमान किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब महाकुंभ मेला छोड़कर जा रही हैं।
विवाद की जड़
बाबा बागेश्वर बोले- 'कुंभ की जमीन अब्बा की नहीं, हमारे बब्बा की है'
समाधान की दिशा
महाकुंभ 2025: शाही स्नान में जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने लगाई पहली डुबकी
FAQ
- महाकुंभ विवाद में हर्षा रिछारिया का क्या पक्ष है?
हर्षा का कहना है कि वह सिर्फ एक साधारण शिष्या हैं और संतों ने उनके साथ गलत व्यवहार किया। - आनंद स्वरूप ने क्या आरोप लगाए?
आनंद स्वरूप ने आरोप लगाया कि हर्षा ने सनातन धर्म का मजाक बनाया और गलत राह पर चल रही थीं। - महाकुंभ में यह विवाद कैसे शुरू हुआ?
विवाद तब शुरू हुआ जब हर्षा महामंडलेश्वर के रथ पर सवार होकर सनातनी परंपराओं की बात कर रही थीं। - क्या हर्षा ने महाकुंभ छोड़ने का फैसला किया?
हां, हर्षा ने कहा कि वह अब महाकुंभ मेला छोड़कर जा रही हैं। - आनंद स्वरूप का इस विवाद पर क्या कहना है?
आनंद स्वरूप ने कहा कि धर्म के मूल्यों की रक्षा करना उनका कर्तव्य है और सनातन धर्म का मजाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari