पहले तो बेटे को खोया, अब शहीद अंशुमान का कीर्ति चक्र भी हाथ से चला गया
Amresh Kushwaha | Jul 12, 2024, 09:23 IST
शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह
शहीद अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति अपने पति की फोटो एल्बम, कपड़े और अन्य यादों के साथ सरकार के द्वारा दिए गए कीर्ति चक्र को लेकर अपने घर गुरदासपुर चली गई है...
शहीद कैप्टन अंशुमान सिंह अदम्य साहस और बहादुरी के लिए 5 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति ने कीर्ति चक्र से सम्मानित किया था। कैप्टन अंशुमान सियाचिन में साथियों को बचाने में शहीद हो गए थे। आपको बता दें कि अब अंशुमान सिंह के माता-पिता का एक और दर्द सामने आया है।
आरोप है कि शहीद अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति अपने पति की फोटो एल्बम, कपड़े और अन्य यादों के साथ सरकार के द्वारा दिए गए कीर्ति चक्र को लेकर अपने घर गुरदासपुर चली गई हैं। आरोपों के अनुसार, वह न सिर्फ माता-पिता के शहीद बेटे का मेडल लेकर गईं, बल्कि उसके दस्तावेजों में दर्ज स्थायी पते को भी बदलवाकर अपने घर गुरदासपुर का करवा दिया है।
ये खबर भी पढ़िए...कैप्टन अंशुमन सिंह की प्रेम कहानी : 50 साल साथ रहने का वादा, 5 महीने में ही छूट गया साथ
शहीद अंशुमान सिंह के पिता राम प्रताप सिंह ने कहा कि हमने बेटे की मर्जी से ही स्मृति से शादी की थी। हमने बड़े धूमधाम से और अरमानों के साथ शादी की थी। शादी में ना हमारी तरफ से और ना ही स्मृति के परिवार वालों की तरफ से कोई कमी रखी गई। हम सब बहुत खुश थे। शादी के बाद स्मृति नोएडा में बीडीएस की पढ़ाई कर रही मेरी बेटी के साथ फ्लैट में ही रहने लगी थी।
उन्होंने कहा, 19 जुलाई 2023 को जब बेटा शहीद हुआ, तब बहू स्मृति और बेटी नोएडा में ही थे। मैंने ही कह कर दोनों को कैब से लखनऊ बुलवाया और लखनऊ से हम गोरखपुर गए। वहां अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन तेरहवीं के अगले ही दिन बहू स्मृति ने घर जाने की जिद कर ली।
ये खबर भी पढ़िए...जजों को पेंशन और रिटायरमेंट बेनीफिट न देने पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- सीएस और वित्त सचिव हों पेश
स्मृति के पिता ने बेटी की पूरी जिंदगी का हवाला दिया तो मैंने खुद कहा कि अब यह मेरी बहू नहीं बेटी है। अगर स्मृति चाहेगी तो हम दोनों मिलकर इसकी दोबारा शादी करेंगे और बेटी के तौर पर मैं विदा करूंगा।
स्मृति तेरहवीं के अगले दिन अपनी मां के साथ नोएडा चली गई। नोएडा में वह मेरे बेटे से जुड़ी हर चीज, उसकी तस्वीर, उसकी शादी के एल्बम सर्टिफिकेट कपड़े सब लेकर अपने मां-बाप के पास चली गई। हमें इसकी जानकारी तब हुई जब मेरी बेटी वापस नोएडा गई तो वहां फ्लैट में बेटे अंशुमान का कोई भी समान नहीं था।
शहीद अंशुमान के पिता ने कहा, बेटे को उसके अदम्य साहस के लिए कीर्ति चक्र मिला तो नियम था कि मां और पत्नी दोनों यह सम्मान लेने के लिए जाते हैं। अंशुमान की मां भी साथ गई थीं। राष्ट्रपति ने मेरे बेटे की शहादत पर कीर्ति चक्र दिया लेकिन मैं तो उसको एक बार छू भी नहीं पाया।
ये खबर भी पढ़िए...Jio लाया सस्ते रिचार्ज, लॉन्च किए ये दो प्लान, कीमत जानकर आप हो जाएंगे खुश...
अंशुमान की मां मंजू सिंह ने कहा, 5 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में हुए कार्यक्रम में मैं और स्मृति साथ गए थे। समारोह से बाहर निकले तो सेना के अधिकारियों के कहने पर फोटो खिंचाने के लिए फिर कीर्ति चक्र एक बार मेरे हाथ में आया लेकिन फोटो खिंचाते ही स्मृति ने दोबारा वह कीर्ति चक्र ले लिया। फिर कभी अपने बेटे की शहादत का वह सम्मान हमें छूने को नहीं मिला।
सेना से रिटायर रामप्रताप सिंह कहते हैं कि सरकार ने शहीद बेटे की याद में मूर्ति लगवाने का फैसला किया तो हमने बहू को मैसेज किया। उनके पिता को बताया कि कम से कम एक बार उस मूर्ति अनावरण के कार्यक्रम के लिए ही वह कीर्ति चक्र लेकर आ जाए लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
ये खबर भी पढ़िए...Agniveer Reservations : पूर्व अग्निवीरों को CISF-BSF में मिलेगा आरक्षण, आयु सीमा और फिजिकल टेस्ट में भी छूट
उन्होंने कहा, 'अब तो बहू ने मेरे बेटे के नाम के सिम कार्ड को भी बदल दिया है। मेरे बेटे के परमानेंट एड्रेस, जो उसकी हमसे जुड़ने की एक अकेली पहचान थी वह भी पता बिना हमारी मर्जी के, बिना हमारी जानकारी के... मेरे शहीद बेटे के परमानेंट एड्रेस में अपने घर का पता डाल दिया है। अब भविष्य में जब भी सरकार की तरफ से कोई भी पत्राचार होगा तो वह स्मृति के पते पर होगा। हमारा कोई वास्ता नहीं रहा।
मां मंजू सिंह ने कहा कि बहुएं भाग जाती हैं। माता-पिता का भी सम्मान होना चाहिए। हमने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रायबरेली के सांसद राहुल गांधी से आग्रह किया कि सेना में शहीद होने वाले युवाओं के परिवार में बहू के अलावा माता-पिता का भी ख्याल रखना चाहिए।
कैप्टन अंशुमान के माता-पिता के आरोपों पर स्मृति ने कहा कि मुझे अभी कोई जानकारी नहीं है। जिसकी जैसी सोच है, वो वैसा ही कहेगा। मुझे कोई आपत्ति नहीं है। अभी मैं बाहर आई हूं। पहले वीडियो भेज दीजिए। फिर कॉल करेंगे। पत्नी स्मृति पेशे से इंजीनियर हैं और उनके माता-पिता स्कूल के प्रधानाचार्य हैं।
स्मृति के सास-ससुर के आरोपों पर राजेश सैनी ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अभी स्मृति कहीं बाहर गई हुई हैं और वे देर शाम तक घर लौटेंगी। स्मृति को इस पूरे मामले में कुछ कहना होगा तो वही अपना पक्ष देगी। हमारे परिवार के बाकी किसी मेंबर को स्मृति के सास-ससुर के आरोपों पर कुछ भी नहीं कहना।
देवरिया के लार विकास खंड के बरडीहा दलपत गांव के रहने वाले कैप्टन अंशुमान सिंह 19 जुलाई, 2023 को सियाचिन ग्लेशियर में शहीद हो गए थे। वहां भारतीय सेना के टेंट में आग लग गई थी। कई जवान आग में फंस गए। अपनों को आग से घिरा देख रेजिमेंटल मेडिकल ऑफिसर कैप्टन अंशुमान सिंह खुद को नहीं रोक सके। साथियों को बचाने की कोशिश में कैप्टन अंशुमान शहीद हो गए।
आरोप है कि शहीद अंशुमान सिंह की पत्नी स्मृति अपने पति की फोटो एल्बम, कपड़े और अन्य यादों के साथ सरकार के द्वारा दिए गए कीर्ति चक्र को लेकर अपने घर गुरदासपुर चली गई हैं। आरोपों के अनुसार, वह न सिर्फ माता-पिता के शहीद बेटे का मेडल लेकर गईं, बल्कि उसके दस्तावेजों में दर्ज स्थायी पते को भी बदलवाकर अपने घर गुरदासपुर का करवा दिया है।
ये खबर भी पढ़िए...कैप्टन अंशुमन सिंह की प्रेम कहानी : 50 साल साथ रहने का वादा, 5 महीने में ही छूट गया साथ
हमने बड़े अरमानों से की थी शादी
हम स्मृति की शादी कराने को तैयार थे
ये खबर भी पढ़िए...जजों को पेंशन और रिटायरमेंट बेनीफिट न देने पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- सीएस और वित्त सचिव हों पेश
स्मृति के पिता ने बेटी की पूरी जिंदगी का हवाला दिया तो मैंने खुद कहा कि अब यह मेरी बहू नहीं बेटी है। अगर स्मृति चाहेगी तो हम दोनों मिलकर इसकी दोबारा शादी करेंगे और बेटी के तौर पर मैं विदा करूंगा।
तेरहवीं के अगले दिन नोएडा चली गई स्मृति
शहीद अंशुमान के पिता ने कहा, बेटे को उसके अदम्य साहस के लिए कीर्ति चक्र मिला तो नियम था कि मां और पत्नी दोनों यह सम्मान लेने के लिए जाते हैं। अंशुमान की मां भी साथ गई थीं। राष्ट्रपति ने मेरे बेटे की शहादत पर कीर्ति चक्र दिया लेकिन मैं तो उसको एक बार छू भी नहीं पाया।
ये खबर भी पढ़िए...Jio लाया सस्ते रिचार्ज, लॉन्च किए ये दो प्लान, कीमत जानकर आप हो जाएंगे खुश...
मैसेज किया, फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं आया
सेना से रिटायर रामप्रताप सिंह कहते हैं कि सरकार ने शहीद बेटे की याद में मूर्ति लगवाने का फैसला किया तो हमने बहू को मैसेज किया। उनके पिता को बताया कि कम से कम एक बार उस मूर्ति अनावरण के कार्यक्रम के लिए ही वह कीर्ति चक्र लेकर आ जाए लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
ये खबर भी पढ़िए...Agniveer Reservations : पूर्व अग्निवीरों को CISF-BSF में मिलेगा आरक्षण, आयु सीमा और फिजिकल टेस्ट में भी छूट
बेटे का परमानेंट एड्रेस भी बदल दिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लगाई है गुहार
जिसकी जैसी सोच, वो वैसा ही कहेगा - स्मृति
स्मृति के पिता ने कुछ भी बोलने से किया इनकार
जानते हैं शहीद अंशुमान के बारे में
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava